बहू को हिन्दी नहीं आती तो अंग्रेजी में मांग रही वोट
भोपाल। विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी के समर्थन में पूरा परिवार वोट मांगता नजर आ रहा है। प्रायः हर प्रत्याशी के लिए उसका परिवार इन दिनों सड़कों पर उतरकर अपने परिजन के लिए वोट मांग कर जीत सुनिश्चित करने में जुटा है। ऐसे ही राजधानी भोपाल में अपनी सास के लिए बहू विदेश से आई है और सास को जिताने के लिए वोट मांग रही है। बहू को ज्यादा हिन्दी नहीं आती, इसलिए वह अंग्रेजी भाशा और टूटी-फूटी हिन्दी में वोट मांग रही है।
भाजपा के गढ़ मानी जानी वाले भोपाल की गोविंदपुरा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बाबूलाल गौर की बहू कृश्णा गौर को दूसरी बार भाजपा ने प्रत्याशी बनाया है। गौर परिवार की यह परंपरागत सीट है, इस पर भाजपा का लंबे समय से कब्जा है। पिछला चुनाव भी वे जीती थी। इस बार भी वे जीत के लिए प्रयासरत हैं। उनके चुनाव प्रचार में कार्यकर्ताओं के अलावा उनका परिवार भी जुटा है। कृष्णा गौर के विदेश में रहने वाले बेटे अमन गौर और उनकी विदेशी पत्नी यानी कृष्णा गौर की बहू भी सास के चुनाव प्रचार के लिए भोपाल आई है। कृष्णा गौर की बहू क्रिस्टल अटलांटा जॉर्जिया के रहने वाली हैं। खासतौर वे अपने पति के साथ सास को जिताने के लिए भोपाल पहुंची है। वे घर-घर जाकर सासू मां के पक्ष में वोट करने की अपील कर रही हैं। बहू को हिंदी नहीं आती है ऐसे में टूटी फूटी हिंदी और अंग्रेजी में ही मतदाताओं से संपर्क साध रही हैं। क्रिस्टल के साथ उनके पति अमन गौर भी विदेश से मां के लिए प्रचार करने पहुंचे हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें