मंगलवार, 28 नवंबर 2023

वायरल वीडियो के बाद नोडल अधिकारी को किया निलंबित

बालाघाट में डाक मतपत्रों की कथित गणना का मामला

भोपाल।  बालाघाट के वायरल हुए एक वीडियो ने चुनाव आयोग और भाजपा  सहित प्रशासनिक अमले पर कांग्रेस ने घेराबंदी शुरू कर दी है। डाक मतपत्रों की कथित गणना को लेकर नोडल निर्वाचन अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। 

मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट कर निर्वाचन गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कलेक्टर निलंबन की मांग की थी। हालांकि कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने इसे कन्फ्यूजन बताते हुए मामला क्लीयर होने का दावा किया है। उधर चुनाव आयोग ने पूरे मामले में एक निर्वाचन सहायक नोडल अधिकारी हिम्मत सिंह को निलंबित कर दिया है। 

कलेक्टर ने बताया कि डाक मतपत्रों का स्ट्रॉन्ग रूम तहसील कार्यालय में बनाया गया है। जिसे रोज़ तीन बजे खोला जाता है, क्योंकि एटीपीब्स आते हैं, जिसकी सूचना राजनीतिक दलों को भी दी जाती है। यहां नियमानुसार डाक मतपत्रों की विधानसभावार छंटनी की जा रही थी। इस दौरान ग़लतफ़हमी में कुछ लोगों ने विरोध किया, लेकिन जानकारी स्पष्ट होते ही उन्हें भी यह ज्ञात हो गया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार ही कार्य किया जा रहा है। जहां तक निर्वाचन नोडल अधिकारी के निलंबन की बात है, उस मामले में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को संतुष्टिजनक जवाब ना देने और उन की उपस्थिति में ही सही समय के पहले स्ट्रॉन्ग रूम खोलने को लापरवाही मानते हुए कारवाई की गई है। 

दरअसल बीते दिनों एक बालाघाट में एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें नोडल अधिकारी स्ट्रॉन्ग रूप में बैलेट पेपर से छेड़छाड़ करते हुए दिख रहे हैं, जिसके बाद कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग से शिकायत थी। कांग्रेस ने इस काम में बालाघाट में पोस्टल बैलेट पेपर नोडल अधिकारी और स्थानीय विधायक बिसेन की मिली भगत का आरोप लगाया है। 

भाजपा ने भी की कार्रवाई की मांग

कांग्रेस के बाद भाजपा ने भी कार्रवाई की मांग की मांग की है। पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता उमाशंकर गुप्ता का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं लापरवाही तो है. चुनाव में लापरवाही नहीं की जाना चाहिए। ऐसे में अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होना चाहिए। जांच होना चाहिए, जिस प्रकार की गड़बड़ है, उस प्रकार की सख्त कार्रवाई होना चाहिए। 

मतपत्रों की नहीं हुई गिनती

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने कहा कि प्रकियात्मक त्रुटि के कारण नोडल अधिकारी को निलंबित किया गया है। मतपत्र की किसी तरह की गिनती नहीं हुई है। केवल डाक पत्र की विधानसभावार शॉर्टिंग की जा रही थी। राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजदूगी में मतपत्र की शॉर्टिंग की गई थी। उन्होंने कहा कि 3 बजे के निर्धारित समय से शॉर्टिंग होनी थी। नोडल अधिकारी ने 1ः30 बजे से शॉर्टिंग शुरू कर दी थी। शॉर्टिंग की सूचना भी ठीक तरह से नहीं दी थी.


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