पूर्व केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कमलनाथ जी छिंदवाड़ा में कठिनाई में हैं। अगर वह वहां चुनाव हार जाएं तो कोई आश्चर्य नहीं होगा, वहां एक मेरे अवलोकन के अनुसार वे हताशा भरी लड़ाई लड़ रहे है।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रसाद ने यह बात आज राजधानी में मीडिया से चर्चा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि हमास के पक्ष में बोलने वाली कांग्रेस सनातन के घोर अपमान पर चुप है। कमलनाथ जी जवाब दीजिए, जब कांग्रेस के प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने कहा था कि बाबरी मस्जिद दोबारा बनेगी तो आप चुप क्यों थे? उन्होंने कहा कि सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान, कांग्रेस अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। मध्य प्रदेश कांग्रेस में कुर्ता फाड़ राजनीति चलने की वजह कांग्रेस के बड़े नेताओं में सद्भाव और सहमति का अभाव है। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी कहाँ है ? मध्यप्रदेश में उनकी मोहब्बत की दुकान क्यों बंद हो गयी है। जो जय-वीरू के बीच सेतु बनने की बात करते है उनके फोटो उनकी ही पार्टी के उम्मीदवारों के पैम्पलेट्स पर दिखाई नहीं पड़ती है।
बिखर गया अवसरवादी गठबंधन
प्रसाद ने कहा विपक्षी दलों के इंडी गठबंधन को अवसरवादी गठबंधन बताते हुए कहा कि अभी लोकसभा चुनाव का उदघोष नहीं हुआ है और अभी से गठबंधन बिखर गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश चुनाव में आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी भी कूद गई है, वही कमलनाथ कहते है कि इनका कोई वजूद ही नहीं है, इन्हें क्या हिस्सा दें, यहाँ कांग्रेस और भाजपा की सीधी लड़ाई है। कमलनाथ जी अगर इनका वजूद नहीं है तो राहुल गांधी पिछले 6 महीने से कभी बैंगलुरू कभी पटना तो कभी मुंबई में बैठक का नाटक क्यों कर रहे है। उन्होंने कहा कि विपक्षियों का गठबंधन अवसरवादियों का ठगबंधन है।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रसाद ने यह बात आज राजधानी में मीडिया से चर्चा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि हमास के पक्ष में बोलने वाली कांग्रेस सनातन के घोर अपमान पर चुप है। कमलनाथ जी जवाब दीजिए, जब कांग्रेस के प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने कहा था कि बाबरी मस्जिद दोबारा बनेगी तो आप चुप क्यों थे? उन्होंने कहा कि सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान, कांग्रेस अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। मध्य प्रदेश कांग्रेस में कुर्ता फाड़ राजनीति चलने की वजह कांग्रेस के बड़े नेताओं में सद्भाव और सहमति का अभाव है। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी कहाँ है ? मध्यप्रदेश में उनकी मोहब्बत की दुकान क्यों बंद हो गयी है। जो जय-वीरू के बीच सेतु बनने की बात करते है उनके फोटो उनकी ही पार्टी के उम्मीदवारों के पैम्पलेट्स पर दिखाई नहीं पड़ती है।
बिखर गया अवसरवादी गठबंधन
प्रसाद ने कहा विपक्षी दलों के इंडी गठबंधन को अवसरवादी गठबंधन बताते हुए कहा कि अभी लोकसभा चुनाव का उदघोष नहीं हुआ है और अभी से गठबंधन बिखर गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश चुनाव में आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी भी कूद गई है, वही कमलनाथ कहते है कि इनका कोई वजूद ही नहीं है, इन्हें क्या हिस्सा दें, यहाँ कांग्रेस और भाजपा की सीधी लड़ाई है। कमलनाथ जी अगर इनका वजूद नहीं है तो राहुल गांधी पिछले 6 महीने से कभी बैंगलुरू कभी पटना तो कभी मुंबई में बैठक का नाटक क्यों कर रहे है। उन्होंने कहा कि विपक्षियों का गठबंधन अवसरवादियों का ठगबंधन है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें