कुछ को मनाने में सफल रही कांग्रेस, कुछ नहीं छोड़ा मैदान
भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि उन्होंने उन सभी बागियों से चर्चा की है जिन्हें आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी से टिकट नहीं दिया गया है और उन्हें विश्वास है कि वे पूरे दिल से कांग्रेस का समर्थन करेंगे।
प्रदेश कांग्रेस प्रमुख कमलनाथ ने गुरुवार को राज्य की राजधानी भोपाल में पत्रकारों से बात करते हुए यह बात कही। जय-वीरू की राजनीति को लेकर भाजपा की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कमलनाथ ने कहा कि भाजपा को अपने बारे में बात करनी चाहिए और उनके (कांग्रेस) के बारे में कम सोचना चाहिए।
गौरतलब है कि मशहूर सुपरहिट बॉलीवुड फिल्म शोले के रील किरदारों को मध्य प्रदेश की राजनीति में असली किरदार के लिए जगह मिल गई है। हाल ही में एक कांग्रेस नेता ने पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ और दिग्विजय सिंह की दोस्ती की तुलना जय-वीरू से की थी, जबकि भाजपा ने आरोप लगाया था कि ये दोनों चोर हैं। कांग्रेस ने भी पलटवार करते हुए कहा कि यह जय और वीरू ही थे, जिन्होंने अत्याचारी गब्बर सिंह के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। कांग्रेस ने यह भी कहा कि उन्होंने (भाजपा) गब्बर सिंह की तरह ही राज्य को लूटा है।
नाराज डागा को मनाया दिग्विजय ने
भोपाल जिले की हुजूर सीट से निर्दलीय नामांकन भरने वाले कांग्रेस से नाराज जितेंद्र डागा मान गए हैं। सुबह एक घंटे दिग्विजय सिंह से डागा की बंद कमरे में मुलाकात हुई थी। इस दौरान पार्टी के भोपाल संभाग प्रभारी मनोज कपूर, कांग्रेस प्रत्याशी नरेश ज्ञानचंदानी और कांग्रेस नेता राजकुमार सिंह मौजूद रहे। बता दें की इस सीट से कांग्रेस ने नरेश ज्ञानचंदानी को प्रत्याशी बनाया है।
बसपा प्रत्याशी ने वापस लिया नामांकन
जबेरा विधानसभा क्षेत्र से बसपा प्रत्याशी रजनी ठाकुर ने अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया है। कांग्रेस प्रत्याशी प्रताप सिंह लोधी के समर्थन में उन्होंने नामांकन वापस ले लिया। बता दें कि जबेरा से टिकट न मिलने पर रजनी ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इसके बाद वह उन्होंने बसपा से पर्चा भर दिया था। हालांकि अब उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में अपना नामांकन वापस ले लिया है।
ये पूर्व विधायक नहीं मानें
पूर्व विधायक अंतर सिंह दरबार, सिवनी-मालवा के पूर्व विधायक ओम प्रकाश रघुवंशी को कांग्रेस पार्टी मनाने में असफल रही। वहीं आलोट से पूर्व विधायक प्रेमचंद गुड्डू और गोटेगांव से पूर्व विधायक शेखर चौधरी निर्दलीय चुनाव भी लड़ेंगे। इन नेताओं को मनाने के प्रयास कांग्रेस के विफल रहे हैं।
उत्तर भोपाल में कांग्रेस की बढ़ी मुसीबत
कांग्रेस का गढ़ मानी जाने वाली भोपाल उत्तर विधानसभा सीट पर इस बार वर्तमान विधायक आरिफ अकील के परिवार के सदस्यों की आपसी खींचतान के चलते कांग्रेस उलझ गई है। आरिफ अकील अस्वस्थ हैं, इसके चलते उनके बेटे आतिफ अकील को कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया है। जबकि यहां पर अकील के भाई आमीर अकील चुनाव लड़ना चाहते थे। आरिफ अकील के मनाने पर भी वे नहीं माने और उन्होंने निर्दलीय नामांकन भर दिया। कांग्रेस नेताओं द्वारा आमीर को मनाने के प्रयास किए गए, मगर वे विफल रहे। उन्होंने अपना नामांकन फार्म वापस नहीं लिया है। भाजपा ने यहां पर पूर्व महापौर आलोक शर्मा को प्रत्याशी बनाया है।

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