66 सीटों को फोकस कर कांग्रेस बढ़ा रही मैदानी सक्रियता
भोपाल। लगातार हारने वाली सीटों की कमान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को फिर से सौंपी जा रही है। सिंह इन सीटों पर फिर से सक्रियता दिखाएंगे। वे कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से सीधा संपर्क कर इन सीटों पर कांग्रेस की जीत की राह खोजेंगे।
विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस का फोकस पहले से ही उन 66 सीटों पर था, जिन पर उसे लगातार हार का सामना करना पड़ रहा था। पांच से अधिक बार मिली हार वाली इन सीटों को लेकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह खुद सर्वे करा चुके थे। इसके अलावा वे खुद इन सीटों पर पहुंचे भी थे और कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया था। इन सीटों को फोकस कर एक बार फिर से कांग्रेस की ओर से उन्हें जिम्मेदारी दी गई है। इन सीटों की स्थिति को लेकर खुद दिग्विजय सिंह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को चुनाव के करीब 6 माह पूर्व एक रिपोर्ट भी सौंप चुके हैं। लगातार हारने वाली इन सीटों पर वे अब फिर से सक्रियता दिखाने की तैयारी कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि सबसे पहले वे खातेगांव सीट पर पहुंचेंगे। इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कैलाश जोशी के बेटे दीपक जोशी जो कि भाजपा से कांग्रेस में ष्शामिल हुए हैं, उन्हें प्रत्याशी बनाया गया है। इस सीट पर उनके प्रत्याशी होने को लेकर कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी जताई थी। अब दिग्विजय सिंह अपने इस अभियान की ष्शुरूआत इसी सीट से करने जा रहे हैं। देवास जिले की बागली और खातेगांव सीटें ऐसी है, जहां पर लंबे समय से कांग्र्रेस जीत का इंतजार कर रही है। सिंह दोनों विधानसभा क्षेत्रों में मंडलम सेक्टर और बूथ कार्यकर्ताओं की बैठक लेंगे। विधानसभा क्षेत्रों में दिग्विजय सिंह एकजुटता का संदेश देते नजर आएंगे। 2018 में दिग्विजय सिंह ने अलग-अलग गुटों के समर्थकों को एक साथ लाने के लिए पंगत में संगत कार्यक्रम चलाया था।

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