गुरुवार, 30 अप्रैल 2020

मंत्रालय सहित राज्य स्तरीय कार्यालयों में शुरु हुआ काम

 सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया कर्मचारियों ने
प्रदेश के प्रशासनिक केन्द्र मंत्रालय सहित राज्य के कई कार्यालयों में आज से कामकाज शुरु हो गया. सतपुड़ा  और विंध्याचल भवन समेत सभी महत्वपूर्ण कार्यालय आज से खुल गए हैं. इन दफ्तरों में महज 30 फीसदी स्टाफ को ही कार्यालय पहुंचे. कार्यालय पहुंचे कर्मचारी अपने साथ सेनिटाइजर और साबुन तक लेकर कार्यालय पहुंच थे.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के निर्देश पर आज से राज्य मंत्रालय, वल्लभ भवन, सतपुड़ा भवन सहित अन्य कार्यालयों में काम शुरु हो गया. लंबे समय के बाद यहां पर चहल-पहल दिखाई दी. सरकार ने राज्यस्तर के सरकारी कार्यालयों को खोलने के लिए फैसले के साथ ही यह साफ कर दिया था कि केवल 30 फीसदी अधिकारियों, कर्मचारियों को ही कार्यालय बुलाया जाए. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बात के साफ निर्देश दिए थे. शेष 70 फीसदी कर्मचारी घर से बैठकर काम  काज करेंगे. इन कर्मचारियों को हमेशा मोबाइल, ई-मेल पर उपलब्ध रहना होगा, ताकि जरुरत पड़े तो उन्हें कार्यालय बुलाया जा सके. आज सुबह जब कर्मचारी, अधिकारी कार्यालय पहुंचे तो पहले  नगर निगम द्वारा सेनिटाइज किया गया है. वहीं कार्यालयों में डाक्टर्स की एक टीम भी तैनात की गई है. जिन्होंने सभी कर्मचारियों की स्क्रीनिंग की और इसके बाद ही इन्हें कार्यालय में जाने दिया गया. इसके साथ ही सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और कार्यालय में मास्क लगाकर रखें. 
व्यवस्था को पटरी पर लाने का है प्रयास: मिश्रा
वल्लभ भवन सहित राज्य स्तरीय कार्यालयों के खोले जाने को लेकर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि धीरे-धीरे व्यवस्था को पटरी पर लाया जाए. ताकि आर्थिक स्थिति न बिगड़े और हम जल्द ही सभी परेशानियों से उबर सके. उन्होंने कहा कि सरकार ने एक संदेश दिया है कि हम आर्थिक व्यवस्था को शीघ्र पटरी पर लाएंगे. सफलता मिलने को लेकर कहा कि अब यह भविष्य बताएगा कि हम कितने सफल हैं. मगर प्रयास तो हमें करना ही होगा, तभी हम व्यवस्था को पटरी पर ला सकेंगे.
कांग्रेस ने किया विरोध
सरकार के मंत्रालय सहित राज्य स्तरीय कार्यालयों को खोलने के फैसले का कांग्रेस ने विरोध किया है. पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सरकार के इस फैसले को जल्दबाजी में लिया गया कदम बताया है.. शर्मा के मुताबिक दफ्तर खोलने का फैसला 3 मई के बाद किया जाना चाहिए था, क्योंकि अगर कोई कर्मचारी बाहर से संक्रमित होकर दफ्तर पहुंचता है तो फिर वह कई और कर्मचारियों को भी संक्रमित कर सकता है. ऐसे में यह जरूरी है कि दफ्तर तभी खोले जाएं जब भोपाल रेड जोन से बाहर हो जाए.
पुलिस मुख्यालय में भी रही चहल-पहल
पुलिस अधिकारियों के संक्रमित होने के बाद पुलिस मुख्यालय भी बंद कर दिया गया था. आज वहां पर भी चहल-पहल नजर आई. अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय पहुंचे. अधिकारियों के साथ उनका निजी स्टाफ भी कार्यालय पहुंचा. यहां पर भी सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा गया. कर्मचारियों, अधिकारियों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही कार्यालय में बैठने के निर्देश दिए गए हैं. पुलिस मुख्यालय में भी 30 प्रतिशत ही कर्मचारियों, अधिकारियों को बुलाया गया था.
इन्हें कार्यालय जाने की नहीं थी इजाजत
संक्रमित क्षेत्रों से किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को आने-जाने की इजाजत नहीं दी थी और न ही ऐसे लोगों को कार्यालय बुलाया गया था. जिला कार्यालयों में पहले की तरह व्यवस्था है. जिला आपदा प्रबंधन समूह स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए अधिकारियों-कर्मचारियों को कार्यालय बुलाने पर फैसला ले सकते हैं. वहीं बाहरी व्यक्तियों के मंत्रालय आने पर रोक बरकरार है.

एम्स में शुरु हुआ कोरोना की दवा का ट्रायल


राजधानी भोपाल के एम्स अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीजों पर माइक्रोबैक्टीरियम-डब्ल्यू दवा के ट्रायल की प्रक्रिया शुरू हो गई है. गुरुवार सुबह एम्स के आईसीयू में भर्ती तीन कोरोना संक्रमित क्रिटिकल मरीजों को पहला डोज देकर इसका ट्रायल शुरू हुआ.
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने आज मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि यह दवा कोरोना को हराने में रामबाण साबित होगी. मिश्रा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि  भोपाल एम्स में कोरोना दवाई का ट्रायल शुरू हुआ है. उम्मीद करते हैं कि इसमें सफलता मिलेगी. उन्होंने कहा कि मां पीताम्बरा से प्रार्थना करते हैं कि प्रयोग सफल हो. प्लाज्मा थेरेपी से भी उम्मीद जागी है. मिश्रा ने बताया कि प्लाज्मा थेरेपी के बाद अब कोरोना संक्रमित मरीजों पर माइकोबैक्टेरियम डब्लूएमडब्लू दवा से इलाज शुरू किया जा रहा है. इससे इंसानों में कोई साइड इफेक्ट नहीं होता, साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे मरीज संक्रमण से खुद-ब-खुद ठीक भी हो जाता है. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हर मरीज को इंजेक्शन के रूप में दवा के 3 डोज दिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि ये दवा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है, जिससे मरीज खुद-व-खुद ही संक्रमण से ठीक हो जाता है. वहीं इंदौर में प्लाज्मा थेरेपी से चल रहे इलाज को लेकर स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि 3 दिन से यह प्रयोग अच्छा रहा है. अभी 2 दिन का इंतजार और करना है और यदि 5 दिन बाद इसके परिणाम सफल आते हैं, तो प्रदेश के लिए यह है सबसे बड़ी उपलब्धि रहेगी.
एम्स डायरेक्टर डा. सरमन सिंह ने बताया कि मरीजों को 3 ग्रुप में बांटकर ट्रायल किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि पहले सिर्फ क्रिटिकल कोरोना पेशेंट को ही दवा दी जा रही है. एक सप्ताह में इसके प्रारंभिक नतीजे सामने आ जाएंगे. इसके बाद कोरोना मरीजों पर दवा के प्रभाव के बारे में अधिकारिक रूप से बयान जारी किया जाएगा.

ईरान में फंसे पिता नहीं आए तो पुलिस पहुंची बेटी का जन्मदिन मनाने


समंदर पार ड्यूटी पर तैनात पिता जब बच्ची का जन्मदिन मनाने घर नहीं पहुंचा तो बच्ची का जन्मदिन मनाने पुलिस पहुंची. पुलिस की टीम ने केक और उपहार ले जाकर बच्ची का जन्म दिन मनाया और उसकी बात उसके पिता से मोबाइल के जरिए कराई.
कोरोना संक्रमण की रोकथाम में लाक डाउन से हरवर्ग, हर व्यक्ति प्रभावित हुआ है. सामाजिक गतिविधि शादी, बर्थडे आदि कार्यक्रम लगभग पूर्ण रूप से बंद है. वहीं बच्चों के परिजन अन्यत्र स्थानों पर फंसे होने या केक आदि सामग्री नही मिलने की वजह से बच्चों का जन्मदिन हर्षोल्लास से नही मना पा रहे है. ऐसा ही वाक्या थाना चूनाभट्टी क्षेत्र के सी सेक्टर में हुआ, जहां मकान नंबर 349 में बाबला असनानी रहते है, जो नेवी में सर्विस करते है व वर्तमान में ईरान में होने के कारण अपनी बेटी रिद्धि असनानी का दूसरा जन्मदिन मनाने में असमर्थ थे एवं उसके जन्मदिन में नहीं आ सकते थे.
यह जानकारी थाना प्रभारी चूनाभट्टी को मिली, तभी थाना प्रभारी प्रोबेशनर डीएसपी ऋचा जैन ने अनोखी पहल करते हुए अपने स्टाफ के साथ उपहार लेकर बच्ची के घर पहुंचे एवं सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए आंगन में ही बच्ची का जन्मदिन मनाया एवं बच्ची को पुलिस परिवार की ओर से शुभकामनाएं दी तथा डायल 100 के माइक सिस्टम पर बर्थडे सांग गाया. ईरान में फंसे बच्ची के पिता भी वीडियो कालिंग के जरिए शरीक होकर जन्मदिन का हिस्सा बने. बर्थडे को यादगार व खुशनुमा बनाने के बच्ची के परिजनों ने पुलिस की पहल को काफी सराहा एवं धन्यवाद दिया. बर्थडे मनाकर जब पुलिस वापस हो रही थी, तभी रहवासियों ने उन पर पुष्प बरसाए एवं तालियां बजाकर पुलिस की इस पहल का स्वागत किया एवं कोरोना योद्धाओं का उत्साहवर्धन किया.

बुधवार, 29 अप्रैल 2020

मंत्री ने धोखा देने वाली योजना बताया जय किसान ऋण माफी योजना को


राज्य में सत्ता परिवर्तन के साथ ही किसान कर्ज माफी का मुद्दा फिर गर्मा गया है. इसे लेकर शिवराज सरकार और कांग्रेस आमने-सामने हो गए हैं. सरकार की ओर से कृषि मंत्री कमल पटेल ने जय किसान ऋण माफी योजना को धोखा देने वाली योजना बताते हुए इसे बंद करने के ंसंकेत दिए हैं. वहीं कांग्रेस ने योजना बंद किए जाने पर सड़क पर उतरने की बात कही है.
कृषि मंत्री कमल पटेल ने कमलनाथ सरकार ने किसान कर्ज माफी के नाम पर प्रदेश के किसानों के साथ धोखाधड़ी की है. ऐसी धोखाधड़ी के शिकार हुए प्रदेश के किसान कांग्रेस के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं, हम किसानों के साथ खड़े हैं.  पटेल ने कहा कि, प्रदेश की सत्ता में आने के बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने घोषणा की थी कि मध्यप्रदेश के 48 लाख किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा. कर्ज माफ करने के लिए कांग्नेस ने 10 दिन का वक्त तय किया था, लेकिन सवा साल गुजरने के बाद भी किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि कर्जमाफी के नाम पर जगह-जगह किसानों को प्रमाण पत्र बांट दिए गए, लेकिन आज भी किसानों के सिर पर कर्जा चढ़ा हुआ है. पटेल कहा है कि, ऐसी धोखाधड़ी के शिकार हुए किसानों को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ समेत कांग्रेस नेताओं के खिलाफ थानों में रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए. मंत्री पटेल ने कहा कि धोखाधड़ी के शिकार हुए किसानों के साथ मैं खड़ा हूं. कांग्रेस ने किसानों को धोखा दिया है. कर्जमाफी का जमकर ढिंढोरा पीटा, लेकिन एक भी किसान का कर्ज माफ नहीं हुआ. 
वहीं पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने शिवराज सरकार को चुनौती दी है. सचिन यादव ने कहा कि किसानों की कर्ज माफी बंद हुई तो किसानों के साथ कांग्रेस बड़ा आंदोलन करेगी. यादव ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने किसानों के पहले और दूसरे चरण में 22 लाख किसानों के 1 लाख रुपए से लेकर 2 लाख तक के कर्ज माफ किए हैं. पूर्व मंत्री उमंग सिंंघार ने भी कांग्रेस पर दगाबाजी के आरोपों का खंडन किया और कहा कि यदि कमलनाथ सरकार होती तो 1 लाख के साथ साथ 2 लाख का भी किसानों का कर्जा माफ किया जा चुका होता. पूर्व मंत्री ने कहा कि प्रदेश में जब कमलनाथ सरकार बनी थी, तब खजाना खाली था. उसके बावजूद हमने किसानों का 1 लाख रुपए तक का कर्ज माफ किया. शिवराज सरकार को यह सोचना चाहिए कि कैसे किसानों की फसल खरीदी जाए और उनका पैसा उनके खातों में पहुंचे इस पर सोचना चाहिए. कांग्रेस हमेशा किसानों के साथ खड़ी रहेगी.

सरकारी योजनाओं की मानिटरिंग के लिए बनेगी दीनदयाल समितियां

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आडियो  कांफ्रेंसिंग के जरिए की पार्टी पदाधिकारियों से चर्चा

राज्य में सरकार की योजनाओं की मानिटरिंंग करने के लिए पंचायत और वार्ड स्तर पर दीनदयाल समितियां बनाई जाएंगी. ये समितियां निचले तबके तक योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है या नहीं, इसकी मानिटरिंंग करेंगी.
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह जानकारी आज पार्टी पदाधिकारियों के साथ की आडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान दी. उन्होंने कहा कि सरकार की जो भी योजनाएं चल रही हैं, उनकी मानिटरिंग के लिए शहरी क्षेत्रों में वार्ड स्तर पर और ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत स्तर दीनदयाल समितियां बनाई जाएंगी. उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के इस दौर में सरकार द्वारा जरुरतमंदों और गरीबों को राशन एवं खाना वितरित किया जा रहा है, लेकिन इसकी मानिटरिंंग भी जरुरी है. मुख्यमंत्री ने भाजपा विधायकों, पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों एवं जिला मीडिया प्रभारियों निगरानी करने और गड़बड़ी पाए जाने पर जानकारी देने को कहा है. वैसे तो वे खुद इसकी जानकारी लेते हैं, मगर मैदानी स्तर पर आपकी मानिटरिंग होने से काम आसान होगा और गलत काम होने से रुकेगा. मुख्यमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा है कि वे घर-घर जाकर लोगों की समस्याएं सुने और उनका निदान करें. घर और गांव जाने वालों मजबूर लोगों की सेवा और सहायता करें. 
आडियो कांफ्रेंसिंग में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी.डी.शर्मा ने कार्यकर्ताओं से कहा कि कोरोना संक्रमण के इस दौर में हम हर जररुतमंद की सेवा करनी है. उन्होंने कहा कि हमें इस बात का ध्यान रखना है कि हमारे आसपास कोई भूखा न रहे और न ही कोई भूखा सोए. हर कार्यकर्ता इस कार्य में जुटे. उन्होंने कहा कि इस दौरान हमें इस बात का भी ख्याल रखना है कि सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें और लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करते रहे.
भेल कारखाने और आरटीओ कार्यालय में शुरु हुआ काम
लाक डाउन के चलते राजधानी स्थित भेल कारखाने और आरटीओ कार्यालय बंद थे. इन दोनों में आज से कामकाज शुरु हो गया. भेल कारखाने और आरटीओ कार्यालय को पहले सेनेटाइज किया गया, इसके बाद काम शुरु किया. हालांकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए कर्मचारियों को कहा गया था. इसके चलते सभी कर्मचारियों को आज काम पर  नहीं बुलाया गया. कम कर्मचारियों को बुलाने के पीछे कारण यह था कि एक सप्ताह तक जो कर्मचारी काम पर आएंगे उन्हें दूसरे सप्ताह काम पर नहीं आने को कहा है. शेष कर्मचारी उनके स्थान पर काम पर आएंगे.
मंत्रालय भी खुलेगा आज से
कोरोना संक्रमण के चलते राज्य मंत्रालय भी बंद रखा गया था. अब गुरुवार से मंत्रालय में भी कामकाज शुरु होगा. बताया जा रहा है मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान ने फिलहाल 30 प्रतिशत कर्मचारियों को ही काम पर बुलाने को कहा है.  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने निर्देश दिए हैं कि कर्मचारी सावधानी और सोशल डिस्टेंसिंग पालन करते हुए कार्य करें. गौरतलब है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमित लगातार बढ़ रही है, इसके चलते सभी तरह की सावधानियां भी बरतने को कहा गया है. मंत्रालय के साथ ही विंध्याचल, सतपुड़ा स्थित कार्यालयों में भी कल 30 अप्रैल से काम शुरु हो जाएगा. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य में कोरोना नियंत्रण के हरसंभव उपाय किए गए हैं. अधिक प्रभावित जिलों में अधिकारियों के दल जाकर सभी पक्ष देखेंगे. ये दल जिलों में कैम्प कर निरीक्षण के बाद स्थानीय प्रशासन को कोरोना वायरस पर नियंत्रण, उपचार, लॉकडाउन से संबंधित व्यवस्थाओं के निर्धारण में भी सहयोग करेंगे.
सीमित क्षेत्रों में होगा आर्थिक गतिविधियों का संचालन
मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के कथन 'जान भी है, जहान भी है' के अनुसार अब सीमित क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों का संचालन होगा. ग्रीन जोन में आर्थिक गतिविधियों के साथ ही मनरेगा और अन्य कार्यों में श्रमिकों को रोजगार दिया जाएगा. रोजगार के अवसर निरंतर उपलब्ध करवाए जाएंगे.
लू से बचने पुलिसकर्मियों को किया अलर्ट
मध्यप्रदेश में कोरोना संकट के बीच लू का प्रकोप देखने को मिल सकता है. लू चलने की आशंका को देखते हुए पुलिस को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं. मैदानी अमले के लिए पुलिस मुख्यालय ने आदेश जारी किया है. मई माह में तापमान बढ़ने के साथ लू की आशंका जताई गई है. ऐसे में पुलिस के मैदानी अमला को सिर पर अनिवार्य रूप से कैप, गमछा लगाने के निर्देश दिए गए हैं. सिर और चेहरे को कपड़े से ढ़कने के निर्देश दिए गए हैं. फेस मास्क भी अनिवार्य किया गया है. लू के दौरान चाय, काफी, कार्बोनेटेड , साफ्ट ड्रिंक से दूर रहने की सलाह दी गई है.

मंगलवार, 28 अप्रैल 2020

बुनकरों को राहत पैकेज दे सरकार: कमलनाथ


पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को पत्र लिख लाकडाउन में बुनकरों की समस्याओं की तरफ ध्यान आकर्षित कराया है. कमलनाथ ने बुनकरों को तत्काल राहत पैकेज देने की मांग की है. मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि बुनकर काफी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं, न तो उनके पास कच्चा माल बचा है और न ही तैयार उत्पाद का कोई खरीददार वाला रहा है. परिवहन बंद होने के कारण कहीं बाहर नहीं भेज पा रहे हैं. सरकार भी बुनकरों के उत्पाद नहीं खरीद रही है.
कमलनाथ ने पत्र में लिखा है कि वर्तमान समय में मध्यप्रदेश के सभी बुनकरों के व्यवसाय पर लाकडाउन के कारण बहुत बुरा असर पड़ा है. एक ओर जहां बुनकरों को बुनाई के लिए धागों की आपूर्ति रुकी हुई है. वहीं दूसरी ओर बुनकरों का तैयार माल रखा हुआ है, जिसका कोई खरीददार नहीं है. आवागमन बाधित होने से बाहर भी नहीं जा पा रहे हैं. सरकार भी उनका माल नहीं खरीद रही है, जिससे बुनकरों के जीवन यापन पर असर पड़ा है. उनके सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है. सरकार ने इनके लिए कोई आर्थिक पैकेज का भी प्रावधान नहीं किया है, जबकि बुनकर न्यूनतम आय वर्ग में आते हैं.
कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से अनुरोध किया है कि प्रदेश के बुनकरों के लिए तत्काल एकमुश्त राहत पैकेज स्वीकृत किया जाए. व्यवसाय के लिए कच्ची सामग्री उपलब्ध कराई जाए, जिससे ये सभी अपना कार्य प्रारंभ कर सकें. साथ ही निर्मित उत्पाद के विक्रय की व्यवस्था शासन द्वारा कराई जाए, जिससे बुनकरों का जीवन यापन सुचारू रूप से चल सके.

एक बार होगी बढ़ोत्तरी, फिर कोरोना संक्रमितों की आएगी कमी

 स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा लाक डाउन हटाने का फैसला केन्द्र लेगा

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में एक बार फिर कोरोना संक्रमितों की संख्या में बढ़ौत्तरी होगी, इसके बाद संक्रमितों की संख्या में कमी आएगी. उन्होंने कहा कि लाक डाउन हटाने का फैसला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मोदी टीम को लेना है. 
प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को लेकर कहा कि प्रदेश के केवल कुछ ही जिलों में कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं. हमें प्रदेश के इन जिलों के लिए विशेष रणनीति बनाकर काम करना होगा. मिश्रा ने कहा कि मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रदेश में एक बार फिर कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ेगी, इसके बाद कमी आएगी. मिश्रा ने प्रदेश में लाक डाउन हटाने को लेकर कहा कि इस विषय पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मोदी टीम को फैसला लेना है. मिश्रा ने कहा कि प्रतिदिन नए मरीज मिल भी रहे हैं और स्वस्थ भी हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह एक वैश्विक बीमारी है, जिसका फैलाव स्पर्श मात्र जीवाणुओं, खांसने से हो जाता है.  कोरोना वायरस के 2 हजार सैंपल की रिपोर्ट जो भोपाल और इंदौर से भेजी थी, उसमें डबल डिजिट में मरीज कोरोना पाजिटिव मिले हैं, लेकिन जिस तरह के नतीजे सामने आ रहे हैं. 
उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि जिन अस्पतालों में जिन मरीजों का इलाज किया जा रहा है, वे स्वस्थ हो रहे हैं. हमारी यहां मौत का आंकड़ा भी कम है.  कोरोना योद्धाओं के संक्रमित होने को लेकर उन्होंने कहा कि यह एक मानवीय भूल है, जो हो जाती है. वे अपना कार्य कर रहे हैं, लेकिन ऐसे लोगों की संख्या काफी कम है. 
जमात के कारण फैला कोरोना का संक्रमण
स्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना बढ़ने का कारण जमातियों को बताया. उन्होंने कहा कि जमात के कारण कोरोना इतना बढ़ गया हैं. उन्होंने कहा कि जब हमारी टीम गई तो पथराव किया गया, इस घटना में पुलिसकर्मी स्वास्थकर्मी घायल हुए. कोरोना से निपटने के लिए रणनीति को लेकर उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य बेहतर इलाज करना और कोरोना संक्रमण को जल्द समाप्त करना है. इसके अलावा फिलहाल प्राथमिकता यह है कि आर्थिक व्यवस्था को कैसे पटरी पर लाया जाए.
 सेल्फी विथ मास्क का किया समर्थन
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के सेल्फी विथ मास्क कार्यक्रम का समर्थन किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस कोविड 19 के संक्रमण को रोकने के लिए मास्क बहुत जरूरी है. चौहान ने ट्वीट कर कहा भाजयुमो ने आज सेल्फी विथ मास्क कार्यक्रम का आयोजन किया है. उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि कोविड 19 के संक्रमण को रोकने में मास्क बहुत उपयोगी है. मैं इस अभियान का समर्थन व आपसे अपील करता हूं कि मास्क का उपयोग अवश्य करें. यह आपके साथ दूसरों के सुरक्षित जीवन हेतु भी जरूरी है. वहीं राज्य के कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि भाजपा युवा मोर्चा ने सेल्फी विथ मास्क अभियान शुरू किया है इसका मैं स्वागत करता हूं. यह बहुत ही अच्छा अभियान है. उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने भी देश की जनता से आग्रह किया है घर से निकलें तो मास्क पहनकर ही निकलें. 

काढ़े के पैकेट पर शिवराज की तस्वीर, कांग्रेस ने कहा दंडनीय अपराध

कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए सरकार द्वारा इम्युनिटी पावर बढ़ाने के लिए वितरित किए जाने वाले काढ़े के पैकेट पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तस्वीर पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है. कांग्रेस ने कहा कि यह दंडनीय अपराध है.
राज्य सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाने लोगों में इम्यूनिटी पावर बढ़ाने के लिए करीब एक करोड़ लोगों के लिए मध्यप्रदेश लघु वनोपज संघ द्वारा तैयार किया गया काढ़ा वितरित करने का फैसला लिया है.  लघु वनोपज संघ द्वारा इस काढ़े के 50-50 ग्राम के पैकेट्स तैयार किए गए हैं. ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में लगभग एक करोड़ व्यक्तियों को यह काढ़ा नि:शुल्क वितरित किया जा रहा है. काढ़े के इस पैकेट पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की तस्वीर होने पर प्रदेश में सियासत शुरू हो गई है. कांग्रेस ने कहा कि ऐसे समय में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह अपने प्रचार में लगे हैं, जबकि भाजपा इसे विश्वास का नाम बता रही है. 
राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने ट्वीट कर लिखा है कि माफ करिए शिवराज. कोरोना के इस जंग में आपका चित्र सरकारी पैकेट पर देना बहुत गलत संदेश है. सरकारी पैकेट पर ऐसा करना दंडनीय अपराध है, क्या ये आपकी अनुमति से हुआ है. नहीं तो जिस अधिकारी के आदेश से हुआ है, उसे दंडित करें.
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि रोम जल रहा था और नीरो बंशी बजा रहा था. उसी तरह से प्रदेश में कोरोना वायरस के 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. हमारे जांबाज पुलिस के सिपाही और डाक्टर सेवाएं देते हुए शहीद हो गए. वहां मुख्यमंत्री अपनी तस्वीरें छपवाने में लगे हैं, इस तरह के घटनाक्रम की कोई कल्पना नहीं कर सकता है. कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ट्वीट कर लिखा है कि जुगाड़ से बैठे हुए मुख्यमंत्री प्रचार के भूखे है, विज्ञापन से पेट नहीं भरा तो काढ़े पर भी फोटो चाहते है  उन्होंने लिखा कि कोरोना से लगातार मौत हो रही है लेकिन आपके प्रचार की भू्नख कम नहीं हो रही है.
यह कौन सा महोत्सव काल है
प्रदेश कांग्रेस के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से ट्वीट कर कहा है कि दवाओं पर भी विज्ञापन, महामारी में भी बेशर्मी जारी है. जिस प्रदेश में 2300 संक्रमित और डाक्टर-अफसर समेत 117 मौतें हुई हों, वहां का मुख्यमंत्री अपने फोटो छपवाकर प्रचार में लगा है. रोते, बिलखते, तड़पते, छटपटाते और दम तोड़ते इंसानों के बीच शिवराज का ये कौन सा महोत्सव काल है. 

सोमवार, 27 अप्रैल 2020

विज्ञापनों के जरिए व्यस्त बताने की कोशिश कर रहे शिवराज

 शिवराज इंदौर को बनाए हैड क्वार्टर, लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमित, मौत का आंकड़ा भी बढ़ रहा

मध्यप्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान  विज्ञापन में रोज दिखकर खुद को व्यस्त बताने की कोशिश कर रहे है, लेकिन वो इस व्यस्तता से कोरोना की जंग नहीं जीत सकते. इंदौर में टेस्ट की पेंडेंसी बढ़ती जा रही है, जिस पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जा रहा है. यहां टेस्ट किट समाप्त हो गया है. मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूं कि वो अपना हैड क्वाटर इंदौर बनाए.
पूर्व मंत्री पटवारी ने आज सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की आलोचना की. मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर में जिस तरह से कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, हालात चीन के वुहान शहर से भी ज्यादा खराब होती जा रही है. वहीं पूर्व मंत्री पटवारी प्रदेश सरकार के प्रबंधन पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को जहां कमलनाथ कोरोना से लड़ रहे थे, और भाजपा सरकार गिराने में लगी थी. कोरोना संक्रमण को लेकर जहां कमलनाथ कोरोना से लड़ रहे थे, और भाजपा सरकार गिराने में लगी थी.पूर्व मंत्री ने कुछ उदाहरण देते हुए लिखा है.
पटवारी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री चौहान जनसंपर्क और विज्ञापन के माध्यम से अपनी व्यस्तता प्रचारित करते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि इस तरह की व्यस्तता से कोरोना की जंग नहीं जीती जा सकती. आज जरूरत इस बात की है कि इंदौर में ज्यादा से ज्यादा टेस्ट हों, जिनकी जांच हो गई है, उनकी रिपोर्ट समय से आएं. इस लड़ाई को तभी जीता जा सकता है. मैं एक बार फिर चौहान से मांग करता हूं कि वे अपना हेडक्वार्टर इंदौर में बनाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा टेस्ट हो और उनकी रिपोर्ट समय से आएं. पटवारी ने कहा कि सरकार को मध्यमवर्गीय परिवारों की जरूरतों का भी ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि इंदौर में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार है जिनका राशन खत्म हो रहा है. 
कोरोना के बजाय विपक्ष को हारने का किया जा रहा प्रयास
पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि इसके साथ हजारों सैंपल्स पेंडिंग में पड़े हुए है. पटवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार को इंदौर में अपने कैंप बनाने चाहिए.  उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां प्रदेश महामारी को लेकर पांचवें स्थान पर आ गया है, तो वही नेता लगातार आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं. यह वक्त जहां सभी को एक साथ खड़े होकर कोरोनावायरस को हराने का है तो वही कोरोना वायरस को हराने की बजाय विपक्ष को हराने का प्रयास लगातार किया जा रहा है. 
मजदूर, छात्र, पर्यटक की घर वापसी के लिए लिखा पत्र
कोरोना वायरस के मद्देनजर देश में लागू लाकडाउन के चलते प्रदेश के मजदूर, छात्र और पर्यटक दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं. उन सबकी घर वापसी के लिए आज पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा. दिग्विजय सिंह ने पत्र के साथ एक प्रस्तावित एग्जिट पालिसी की कापी भी साथ में भेजी है. बता दें कि देश में 3 मई तक लाकडाउन लागू रहेगा. वहीं दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को ये उम्मीद है कि लॉकडाउन के खत्म होने के बाद अब उनकी घर वापसी हो जाएगी.  मजदूरों, छात्रों और पर्यटकों की उम्मीदों को लेकर आज दिग्विजय सिंह ने सभी की घर वापसी के लिए पीएम को पत्र लिखा. उल्लेखनीय है कि आज ही प्रधानमंत्री मोदी ने देश के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए चर्चा की. इस दौरान कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने लाकडाउन बढ़ाने की सिफारिश प्रधानमंत्री मोदी से की है.

स्वास्थ्य कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, किया प्रदर्शन


राजधानी भोपाल में सीएमएचओ कार्यालय के सामने स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रदर्शन किया. स्वास्थ्य कर्मियों का आरोप है कि उनकी ओवर टाइम ड्यूटी लगाई जा रही है, इसके अलावा उन्होंने ड्यूटी के दौरान सैनिटाइजर और मास्क तक न मिलने का भी गंभीर आरोप लगाया है.
कोरोना वायरस के संक्रमण ने राजधानी भोपाल के जिला अस्पताल जेपी अस्पताल को भी अपनी चपेट में ले लिया है. इस अस्पताल के 5 कर्मचारियों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है. इसके अलावा अन्य कर्मचारियों की जांच अभी पेंडिंग है. 5 कर्मचारियों की जांच पाजिटिव आने के बाद यहां पदस्थ कर्मचारियों में भय व्याप्त हो गया है. इसे लेकर अब कर्मचारियों ने अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
कर्मचारियों ने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आज सीएमएचओ कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया और प्रदर्शन किया. कर्मचारियों ने कहा कि उनके साथ अन्याय किया जा रहा है.  कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह कौरव का कहना है कि जेपी अस्पताल के हमारे करीब 5 कर्मचारी कोरोना वायरस पाजिटिव हैं,  जो दूसरे कर्मचारी उनके संपर्क में आए थे, उन्हें क्वारंटाइन भी नहीं किया जा रहा है. कुछ कर्मचारियों को क्वारंटाइन गया था पर अधीक्षक ने उन्हें वापस काम पर बुला लिया है.उन्होंने कहा कि, हमें ना तो एन-95 मास्क उपलब्ध कराए गए हैं और ना ही सैनिटाइजर. ऐसी स्थिति में हम काम कैसे करेंगे.कर्मचारियों का कहना है कि, हमें क्वारंटाइन होने के लिखित आदेश दिए जाएं. जो भी कर्मचारी पाजिटिव कर्मचारी के संपर्क में हैं. उन्हें तुरंत क्वारंटाइन किया जाए. हमारे साथ हो रहे अन्याय को रोकें नहीं तो हम काम बंद कर देंगे. उनका कहना है कि स्वास्थ्य कर्मियों के लिए कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं है. अधिकारियों से भी सही जानकारी नहीं मिल पा रही है. इसके अलावा मांगे पूरी न होने पर स्वास्थ्य कर्मियों ने हड़ताल पर जाने की धमकी दी है. स्वास्थ्य कर्मियों ने सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए प्रदर्शन किया. 

रविवार, 26 अप्रैल 2020

कोरोना से बचाव, सुरक्षा के संसाधनों का है अभाव

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने फिर किया शिवराज सरकार पर हमला

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज फिर एक बार कोरोना संकट से निपटने के लिए बचाव और सुरक्षा के संसाधनों का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि संसाधनों का अभाव चिंता का विषय है.
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमितों की संख्या को लेकर चिंंता जताई है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले एक माह में कोरोना संक्रमितो की संख्या 2 हजार के पार पहुंच गई है. अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. जांच के लिए अब भी करीब 9 हजार से जयादा सैम्पल पैंडिंग है. यह आंकड़ा निरंतर बढ़ता ही जा रहा है, जो चिंता का कारण बन रहा है. उन्होंने कहा कि वहीं हमारे पर दूसरी तरफ इन सबके बीच कोरोना से बचाव व सुरक्षा के लिए आवश्यक संसाधनो का अभाव है. मेडिकल उपकरणों का अभाव है तो  टेस्टिंग किट की कमी है.  बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं की रोज तश्वीरें सामने आ रही है. राशन की कमीके चलते आमजन की परेशानी  दिखाई देने लगी है. इन सब मामलों पर भी स्थिति बेहद चिंताजनक होती जा रही है. उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान से मांग की है कि  इस दिशा में सरकार को कड़े कदम उठाए जाने की जरुरत है.
नहीं सौंपा चिकित्सा शिक्षा विभाग का दायित्व
राज्य के पूर्व चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. विजय लक्ष्मी साधौ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान को पत्र लिखा है. उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि आपने मंत्रिमंडल तो बनाया, किन्तु उसमें आपके द्वारा चिकित्सा शिक्षा विभाग का दायित्व  किसी भी मंत्री को नहीं सौंपा, जबकि इस विभाग के अंतर्गत ही संक्रमितों के टेस्ट हो रहे हैं और इलाज भी चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि रेपिड टेस्ट किट भी नकली निकले हैं. अच्छी गुणवत्ता वाले टेस्ट किट उपलब्ध कराएं जाएं. उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान से मांग की कि आप दलगत राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश की जनता के लिए इस महामारी से लड़ने के लिए कुछ करिए.
पूर्व मंत्री ने मुख्यमंत्री को दिए सुझाव
पूर्व चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. साधौ ने पत्र में मुख्यमंत्री शिवराज  सिंह चौहान को सुझाव दिए हैं कि कोरोना संक्रमण मरीजों के संपर्क में जो लोग आते हैं, डाक्टर, नर्स, पैरामैडिकल स्टाफ, टैक्निशियन, सफाई कर्मचारी, आशा कार्यकर्ता, पुलिस विभाग और राजस्व विभाग के कर्मचारियों को पीपीई किट उपलब्ध कराए जाएं. उन्होंने कहा कि संक्रमण के इस दौर में निजी क्लीनिक बंद होने के कारण गंभीर बीमारी के मरीज घरों में हैं. इन क्लीनिकों की सेवाएं भी ली जाए. उन्होंने मुख्यमंत्री को सुझाव दिया है कि सामान्य सर्दी, जुकाम, साधारण बुखार या अन्य छोटी बीमारी के लिए लोग सीधे दवा दुकानों पर जाकर दवाईयां ले रहे हैं, जिसके चलते कोरोना की जांच किया जाना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार की तरह दवा विक्रेताओं को निर्देश दें कि वे बिना डाक्टर के दवा लेने आता है तो उसका नाम, पता टेलीफोन नंबर लेकर क्षेत्र के अधिकारी को सूचित करे.
गूगल मैप पर टैग की संक्रमितों की जानकारी
स्वास्थ विभाग ने राजधानी भोपाल में कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद ठीक हुए मरीजों की निगरानी की तैयारी भी शुरू कर दी है. अस्पताल से छुट्टी होने के बाद घर पहुंचे सभी लोगों के आवास की गूगल मैप पर लोकेशन लेकर उनकी जियो टैगिंग कर ली गई है, ठीक होने वाले मरीजों को यूनिक आईडी देकर उनके नाम, आवास, उम्र की जानकारी भी मेप पर टैग कर दी गई है.  गूगल मेप पर ठीक होने वाले मरीजों की यूनिक आईडी डाल कर डिजिटल नेविगेशन के जरिए जल्द से जल्द उन तक पहुंचा जा सकेगा. भोपाल में अब तक ऐसे 106 लोगों की जियो टैगिंग कर ली गई है.

लाक डाउन में शादी, दोनों पक्ष से 4-4 लोग ही होंगे उपस्थित

कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए जिले में 3 मई  तक लागू लाकडाउन की अवधि के दौरान आयोजित होने वाले शादी-समारोह अपने-अपने घरों में संपन्न होंगे,  जिसमें वर एवं वधु पक्ष की ओर से 4- 4 व्यक्ति पंडित एवं काजी आदि की उपस्थिति में विवाह कराएंगे.
यह आदेश मध्यप्रदेश के ग्वालियर कलेक्टर ने जारी किए हैं. कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने जारी आदेश में कहा है कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशों के तहत लाकडाउन की अवधि में विवाह समारोह आयोजन के संबंध में जिला मजिस्ट्रेट को अधिकृत किया है. जारी आदेश में उल्लेख किया है कि लाक डाउन की अवधि में आयोजित होने वाले विवाह समारोह में आयोजनकर्ता अपने-अपने घरों पर वर एवं वधु पक्ष 4 -4 व्यक्ति, पंडित एवं काजी सहित आदि की उपस्थिति में विवाह करा सकते हैं.  
जिला ग्वालियर अंतर्गत आयोजित होने वाले विवाह समारोह की सूचना आयोजनकर्ता को क्षेत्रीय एसडीएम को विवाह में सम्मिलित होने वाले वर-वधु पक्षों की जानकारी स्थायी पते व मोबाइल नंबर सहित उपलब्ध कराना आवश्यक होगी. एसडीएम को सूचना किए बगैर विवाह समारोह आयोजित नहीं किए जा सकेंगे. सार्वजनिक स्थलों पर विवाह एवं सामूहिक विवाह पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगे. विवाह समारोह में सोशल डिस्टेंसिंग तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना संक्रमण के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा. आदेश का उल्लंघन भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-188 एवं अन्य सुसंगत अधिनियम के तहत दंडनीय होगा.
दो वाहनों की मिलेगी अनुमति
कलेक्टर द्वारा जारी किए आदेश में कहा गया है कि  ऐसे प्रकरणों में जहां वधु या वर पक्ष को विवाह समारोह हेतु ग्वालियर जिले से बाहर जाने की स्थिति में वाहन में ड्रायवर सहित दो व्यक्तियों की अनुमति होगी. आयोजनकर्ता ऐसे अधिकतम दो वाहन की अनुमति संबंधित क्षेत्र के एसडीएम से प्राप्त कर सकेगा, जिसमें जाने वाले व्यक्तियों के नाम, पते एवं मोबाइल नंबर की जानकारी प्रस्तुत करनी होगी.

सिंधिया ने लिखा पत्र, किसानों के प्रति जताई चिंता

कांग्रेस ने किया कटाक्ष, सड़क पर उतरने वाले कर रहे आग्रह

भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पत्र लिखकर राज्य के कृषि मंत्री कमल पटेल को बधाई दी और राज्य के किसानों के प्रति चिंता जताई है. उन्होंने सुझाव दिया है कि चने, सरसों की फसल खरीद सीमा बढ़ाई जाए. वहीं सिंधिया के इस पत्र पर कांग्रेस ने कटाक्ष किया है. कांग्रेस ने कहा है कि जो कभी सड़क पर उतरने की धमकी देते थे, वे अब आग्रह करते नजर आ रहे हैं.
सिंधिया ने अपने  संदेश में लिखा है कि मैं आपका ध्यान मध्यप्रदेश के किसानों की एक बड़ी गंभीर समस्या की ओर दिलाना चाहता हूं. हमारे प्रदेश में इस बार चने और सरसों की बंपर पैदावार हुई है. इन दोनों फसलों की सरकारी खरीद की सीमा अभी करीब 15 एवं 14 क्विंटल प्रति हेक्टेयर क्रमश: है. उन्होंने लिखा कि मेरा आपको सुझाव है कि यह प्रयास हो कि कोरोना संकट की इस घड़ी में प्रदेश के किसानों की चने और सरसों की फसल की सरकार द्वारा खरीद सीमा 20 क्विंटल तक वृद्धि की जाए तो संकट से जूझ रहे किसान को बहुत सहयोग और सहायता मिल जाएगी. मुझे आशा है मध्यप्रदेश के अन्नदाता के हित में शीघ्र ही आपका विभाग इस विषय में सकारात्मक एवं सशक्त कदम उठाएगा.
न अतिथि विद्वान और न किसान ध्यान आ रहे
ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कृषि मंत्री कमल पटेल को लिखे पत्र पर कांग्रेस ने कटाक्ष किया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया का प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल को संबोधित पत्र पढ़ा, पत्र की भाषा पढ़ी. पत्र में वे किसानों की समस्याओं को लेकर कृषि मंत्री से आग्रह कर रहे हैं, उन्हें सुझाव दे रहे हैं, उनका ध्यान आकर्षित कर रहे हैं और आशा कर रहे हैं उनके इस पत्र पर वे सकारात्मक कदम उठाएंगे. सलूजा ने कहा कि यही ज्योतिरदित्य सिंधिया कांग्रेस की सरकार में सीधे सड़कों पर उतरने की बात करते थे, अपने दंभ में रहते थे, अधिकारियों को सीधे निर्देश देते थे, चेतावनी देते थे. सलूजा ने कहा  एक माह में ही उनकी यह स्थिति देखकर बड़ा आश्चर्य हो रहा है. अब ना अतिथि विद्वान ध्यान आ रहे हैं, ना किसान ध्यान आ रहे हैं, ना कर्ज़ माफी याद आ रही है, ना उनकी समस्या ध्यान आ रही है , ना जनसेवा ध्यान आ रही है , ना गरीबो की चिंता सता रही है और ना सड़कों पर उतरने की धमकी दी जा रही है.

मंत्री तुलसी सिलावट पर लगाया राशन चोरी का आरोप


मध्यप्रदेश कांग्रेस ने राज्य के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट पर राशन चोरी का आरोप लगाया है.  कांग्रेस का आरोप है कि मंत्री द्वारा सांवेर विधानसभा क्षेत्र में अपने फोटो लगी थैलियों में सरकारी राशन बांटा जा रहा है.
मध्यप्रदेश कांग्रेस के ट्वीटर हैंडल पर कांग्रेस द्वारा आज कमलनाथ सरकार को गिराने में अहम भूमिका का निर्वाह करने वाले तुलसीराम सिलावट पर जमकर हमला बोला है. कांग्रेस ने ट्वीट कर लिखा है कि भाजपा नेता सिलावट द्वारा राशन चोरी की जा रही है. यह सरकारी राशन को खुद का बताने की चाल है. महामारी के बीच बिकने वाले देश के इकलौते स्वास्थ्य मंत्री ने एक बार फिर से जनसेवा को कलंकित किया है. भाजपा नेता तुलसी सिलावट की फोटो लगी थैलियों में सरकारी राशन क्यों बांटा जा रहा है. कांग्रेस ने एक अन्य ट्वीट कर लिखा है कि सांवेर विधानसभा की मांगलिया ग्राम पंचायत कार्यालय से तुलसी सिलावट की फोटो लगी थैलियों में सरकारी राशन बांटा जा रहा है. ट्वीट में मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान को संबोधित करते हुए कहा गया है कि महामारी में जनता से कितनी बार गद्दारी.क्या जनता राहत कोष में इन मंत्रियोंके प्रचार के लिए पैसा दे रही है. ट्वीटर पर कांग्रेस द्वारा एक व्यक्ति का वीडयो शेयर करते हुए लिखा है कि भाजपा नेता सिलावट की करतूत. चुनाव के लिए जनता की आंखो में धूल छोंक रहे हैं. ये व्यक्ति यह कहता सुनाई दे रहा है कि इन्हें दिया वोट भारत माता का अपमान है.

शुक्रवार, 24 अप्रैल 2020

ठोस कार्ययोजना बनाकर जमीनी काम करे सरकार: कमलनाथ

 पूर्व मुख्यमंत्री ने उठाया टेस्टिंग किट की कमी का मुद्दा

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ्रटेस्टिंग किट की कमी का मुद्दा उठाया है. उन्होंने कहा कि सरकार व जिÞम्मेदार क्या कर रहे हैं, समय पर कदम क्यों नहीं उठाए गए. उन्होंने कहा कि कोरोना से लड़ाई में सरकार ठोस कार्ययोजना बनाए और जमीनी काम करे, तभी मुश्किल के इस दौर से हम निकल पाएंगे.
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज फिर कोरोना को लेकर सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों पर हमला बोला है. पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कई जिÞले कोरोना महामारी के इस दौर में देश के रेड जोन में होकर हाट स्पाट बने हुए है. इंदौर- भोपाल में बढ़ती मरीजों की संख्या और हो रही मौतें बेहद चिंताजनक है. ऐसे में इंदौर- भोपाल में टेस्टिंग किट खत्म होने की खबर बेहद चिंताजनक व चौकने वाली है. उन्होंने कहा कि पहले से ही यहां सैम्पलो की पेंडेंसी बढ़ती जा रही है. ऐसे में टेस्टिंग किट की कमी यहां कोरोना से लड़ाई को प्रभावित करेगी. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में यहां मरीज अस्पतालों में भर्ती है, कई अपनी जांच कराने के इंतजार में है. कई क्वारंटाइन है , ऐसे संकट के दौर में टेस्टिंग किट की कमी बेहद चिंताजनक है. सरकार व जिÞम्मेदार क्या कर रहे है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि टेस्टिंग किट की कमी की जानकारी होने पर भी समय पर कदम क्यों नहीं उठाए गए. उसकी आपूर्ति क्यों सुनिश्चित नहीं की गई.  उन्होंने कहा कि मैं पूर्व से ही सरकार से यह मांग कर रहा हूं कि टेस्टिंग संख्या बढ़ाई जाए, सैम्पलों की पेंडेसी बढ़ती जा रही है, लेकिन किट की कमी से यह कैसे संभव होगी. उन्होंने कहा कि सरकार तत्काल आवश्यक कदम उठाए, यह समय ठोस कार्ययोजना बनाने का है, जमीनी काम करने का है,तभी हम मुश्किल के इस दौर से निकल पाएंगे.
घोषणाओं पर अमल करे सरकार
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा कि शिवराज सरकार दावा कर रही है कि मजदूरों के खातो में एक-एक हजार रुपए डाल दिए गए हैं, वहीं पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव इंकार कर रहे है कि उनके क्षेत्र में मजदूरों के खाते में पैसे नहीं पहुंचे.  उन्होंने कहा कि आखिर सच्चाई क्या है. सरकार ऐसे संकट के दौर में अपनी घोषणाओं पर अमल करे, गरीब मजदूरों के खाते में तत्काल राशि डाले.
किसानों की ऋण राशि की वसूली न की जाए
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मांग की है कि कोरोना संकट को देखते हुए किसानों से ऋण की वसूली न की जाए. पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि वर्तमान में समर्थन मूल्य पर उपार्जन केन्द्रों पर जो गेहूं की खरीदी की जा रही है, उसमें सहकारी समितियों के द्वारा ऋण वसूली भी की जा रही है. एक तो विलंब से गेहूं की खरीदी शुरु हो पाई और अभी प्रतिदिन कुछ किसानों से ही गेहूं खरीद हो रही है. अपनी फसले बेचने के लिए अनेक किसान इंतजार कर रहे हैं और जब कुद राशि मिलने की स्थिति बन रही है तब यह समिति स्तर पर कटौती की जा रही है. 
86 मौतों के रिकार्ड का श्रेय भी आपको जाता है: पटवारी
मध्यप्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज फिर ट्वीट कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा है. उन्होंने ने लिखा है कि 'साम्प्रदायिकता की बात करने वाले मुख्यमंत्री आप ही हो, जिन्होंने व्यापमं में हत्याएं करवाई. आप ही हो, जिन्होंने किसानों की हत्या करवाई. आप ही हो, जिनकी नाकामी से प्रदेश बलात्कार में नंबर वन हो गया. अब कोरोना से प्रदेश में 86 मौतों के रिकार्ड का श्रेय भी मुख्यमंत्री को ही जाता है. एक अन्य ट्वीट में पटवारी ने लिखा है कि मध्यप्रदेश में लोग महामारी के काल के चले गए. पूरे प्रदेश से खबरे आ रही है कि प्रशासन की व्यवस्था ठीक नहीं है. इंदौर में एक दिन की भी पीपीई कीट स्टाक में नहीं बची और आपको साम्प्रदायिकता व अर्नब की चिंता सता रही है.  

सरकार ने रद्द किया महेश्वर परियोजना समझौता

नर्मदा बचाओ आंदोलन और विस्थापित कर रहे थे 23 साल से संघर्ष

प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 26 सालों के बाद महेश्वर परियोजना समझौते को रद्द कर दिया गया है. सरकार ने माना है कि यहां से मिलने वाली बिजली काफी महंगी है. हालांकि इस परियोजना से अभी तक किसी भी प्रकार का उत्पादन नहीं हुआ है, लेकिन राज्य सरकार को सीधे तौर पर 42 हजार करोड़ रुपए की बचत होगी, जो कंपनी को अनुबंध के तहत दी जानी थी.
राज्य सरकार के उपक्रम मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा 18 अप्रैल को प्रयोजनाकर्ता  महेश्वर हायडल पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को भेजे गए आदेश में कहा गया है कि परियोजनाकर्ता ने विद्युत क्रय समझौते के तमाम प्रावधानों का उल्लंघन किया है, परियोजना में वित्तीय धोखाधड़ी हुई है और साथ ही परियोजना से बनने वाली बिजली की कीमत 18 प्रति यूनिट से अधिक होगी. अत: यह परियोजना सार्वजनिक हित में नहीं है. इसलिए इसके विद्युत क्रय समझौते सन 1994 एवं संशोधित समझौते 1996 को रद्द किया जाता है. इसके बाद दिनांक  20 अप्रैल के आदेश के द्वारा इस परियोजना के संबंध में किए गए पुनर्वास समझौते और  21 अप्रैल के आदेश के द्वारा इस परियोजना के संबंध में दी गई एस्क्रो गारंटी को भी रद्द कर दिया गया है.
400 मेगावाट क्षमता की महेश्वर जल विद्युत परियोजना से मात्र 80 करोड़ यूनिट बिजली पैदा होना प्रस्तावित है. जारी आदेश में स्वीकार किया गया है कि इसकी बिजली की कीमत 18 रुपए प्रति यूनिट से अधिक होगी. मध्य प्रदेश में वर्तमान में बिजली प्रदेश की समूची मांग पूरी करने के बाद भी 3 हजार करोड़ यूनिट अतिरिक्त है और वर्त्तमान में बिजली 2.5 रुपए यूनिट की दर पर उपलब्ध है. अत: महेश्वर की बिजली बनती भी तो खरीदी नहीं जा सकती थी. परन्तु महेश्वर परियोजनाकर्ता से हुए विद्युत क्रय समझौते के अनुसार बिजली न खरीदने पर भी सरकार को निजी परियोजनाकर्ता को लगभग 1200 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष, 35 वर्ष तक देना पड़ता. 
23 साल किया विस्थापितों ने संघर्ष
महेश्वर परियोजना के खिलाफ नर्मदा बचाओ आंदोलन के वरिष्ठ कार्यकर्ता आलोक अग्रवाल, चित्तरूपा पालित व महेश्वर बांध प्रभावितों के नेतृत्व में गत 23 वर्षों से अनवरत संघर्ष किया जाता रहा है. नर्मदा आंदोलन ने आंकड़ों और दस्तावेजों के आधार पर प्रारंभ से ही यह दर्शाया था कि इस परियोजना से कम बिजली बनेगी और वह बहुत महंगी होगी. साथ ही परियोजनाकर्ता एस कुमार्स के साथ हुए जन विरोधी विद्युत क्रय समझौते के कारण, मध्य प्रदेश सरकार को यह बिजली 35 साल तक खरीदनी ही पड़ेगी और यदि नहीं भी खरीद पाए तो भी हर साल भारी भरकम भुगतान करना होगा. 
3

इंदौर, भोपाल के बाद उज्जैन हुआ 100 के पार

 मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या हुई 1846, 1 दिन में बढ़े 159 मामले

मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1846 हो गई है. इंदौर, भोपाल के बाद राज्य के उज्जैन में कोरोना संक्रमितों की संख्या सौ से ऊपर पहुंच गई है. इंदौर में 1029, भोपाल में 360 और उज्जैन में यह संख्या 102 हो गई है. इसके बाद खरगौन में 61 कोरोना संक्रमित हैं. राज्य में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 92 हो गई है. इंदौर में 55 और  राजधानी भोपाल में 9 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है. बीते 24 घंटों के दौरान राज्य में 159 कोरोना संक्रमित मिले हैं. गुरुवार को प्रदेश में 1687 संक्रमित थे, जबकि आज शुक्रवार को इनकी संख्या बढ़कर 1846 हो गई.
मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में दिनों दिन इजाफा हो रहा है. राज्य के इंदौर, भोपाल, उज्जैन के अलावा खरगौन जिला हाट स्पाट बन गया है. इंदौर में 1029, भोपाल में 360, उज्जैन में 102 और खरगौन में 61 मरीज इसके संक्रमित हैं. राज्य के शेष 21 जिलों में कोरोना संक्रमितों की संख्या 36 से कम है. राजधानी भोपाल में आज पहली बार एक साथ 37 मरीजों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है. भोपाल के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी प्रभाकर तिवारी ने बताया कि भोपाल में आज 37 व्यक्तियों की कोरोना सेम्पल रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. इनकी कांट्रेक्ट हिस्ट्री निकाली जा रही है. इनमें से 35 कोरोना संक्रमित . व्यक्ति को चिरायु हास्पिटल में भर्ती किया जा रहा है. कोरोना संक्रमित 2 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है, जिनमे से एक व्यक्ति के सेम्पल मृत्यु उपरांत लिया गया था, दूसरे व्यक्ति का  कोरोना का इलाज एम्स में चल रहा था. आज शुक्रवार को 784 सेम्पल की रिपोर्ट प्राप्त हुई है इनमें से आज 37 व्यक्तियों की कोरोना सेम्पल रिपोर्ट पाजिटिव आई है, जिनमे से 747 रिपोर्ट नेगेटिव आई है. राजधानी में अब तक इस बीमारी से मरने वालों की संख्या अब 9 हो गई है.
वहीं इंदौर में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 1029 हो गया है. इंदौर के सीएमएचओ डा. प्रवीण जड़िया के अनुसार 428 सैम्पलों की जांच एमजीएम कॉलेज के वॉयरोलाजी लैब में कई गई, जिसमें 344 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आयी. अब तक 4892 सैम्पलों की जांच की जा चुकी है,  जिसमें 1029 मामले पॉजिटिव मिले. डा. जड़िया के अनुसार 897 एक्टिव मामले है. जिनका उपचार किया जा रहा है. 674 लोग संस्थागत क्वारंटाइन हैं. इंदौर में अब तक 55 लोगों की मौत हो चुकी है. राज्य में अब तक इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 92 हैं. इसके अलावा 210 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट गए हैं. इनमें इंदौर के मरीजों की संख्या सर्वाधिक है.
प्लाज्मा थेरेपे से इलाज की मांगी अनुमति
कोरोना वायरस को लेकर मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के साथ चर्चा की. मंत्री ने बताया कि सबसे ज्यादा पश्चिमी मध्यप्रदेश का क्षेत्र इंदौर और उज्जैन कोरोना संक्रमण से प्रभावित है. यहां कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए लाकडाउन में सख्ती बरती जा रही है, बावजूद मरीज बढ़े रहे हैं. उन्होंने बताया कि  मध्यप्रदेश के लिए राहत की बात यह है कि यहां कोरोना संक्रमित की मृत्यु दर 10 से घटकर 4.8 प्रतिशत हो गई. स्वास्थ्य  मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन से प्रदेश प्लाज्मा थेरेपी से कोरोना संक्रमित मरीज के इलाज  की अनुमति मांगी. वहीं ज्यादा से ज्यादा सैंपल की जांच के लिए किट उपलब्ध कराए जाने का भी अनुरोध केंद्रीय मंत्री से किया. इस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने जांच किट जल्द ही उपलब्ध कराए जाने का आश्वासन दिया. प्लाज्मा थेरेपी की अनुमति मांगने को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आईसीएमआर की गाइडलाइन का पालन करेंगे. उसके साथ ही प्लाज्मा थेरेपी के माध्यम से ही कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज अस्पताल और प्रबंधन शुरू कर सकते हैं.
कहां कितने मरीज
इंदौर 1029
भोपाल 360
खरगौन 61
उज्जैन 102
धार          36
खंडवा 35
जबलपुर 31
रायसेन 26
होशंगाबाद 26
बड़वानी   24
देवास 22
मुरैना 16
विदिशा   13
रतलाम 12
मंदसौर 08
आगर मालवा 11
शाजापुर     06
सागर 05
ग्वालियर 04
श्योपुर 04
छिंदवाड़ा 04
अलीराजपुर 03
शिवपुरी 02 
टीकमगढ़         02
बैतूल 01 
अन्य राज्य 03

--------------------------
कुल    1846
-------------------------

गुरुवार, 23 अप्रैल 2020

मध्यप्रदेश में 1687 हुए कोरोना संक्रमित

 इंदौर में 945, भोपाल में 323

मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1687 हो गई है. राज्य में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 83 हो गई. जबकि स्वस्थ होने वालों की संख्या भी 203 पहुंच गई है. राजधानी भोपाल में इसके 323 मरीज है, जबकि इंदौर में मरीजों की संख्या 945 हो गई है. वहीं इंदौर में मृतकों की संख्या 53 और भोपाल में 7 है. जबकि इंदौर में 82 एवं भोपाल में 73 लोगों को स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.
मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण तेजी से फैल रहा है. इंदौर अब भी प्रदेश का हाट स्पाट बना हुआ है. यहां पर कोरोना संक्रमितों की संख्या प्रदेश में सबसे ज्यादा 945 है. इसके बाद राजधानी भोपाल में संक्रमितों की संख्या 323 हो गई है. प्रदेश में मृतकों की संख्या 83 है, जबकि स्वस्थ हुए लोगों की संख्या अब बढ़कर 203 हो गई है. राजधानी भोपाल आज भी कोरोना संक्रमितों के नए मामले सामने आए हैं. इनमें एक 8 माह का बच्चा सहित एक ही परिवार के 4 सदस्य शामिल हैं. इसके अलावा 2 पुलिसकर्मी और पुलिसकर्मी के कुछ परिजन भी कोरोना पाजिटिव पाए गये हैं, इनमें से एक पुलिसकर्मी पुलिस हेडक्वार्टर में इंटेलिजेंस विभाग में पदस्थ है. 
जमातियों ने पुलिसकर्मियों को किया कोरोना संक्रमित
भोपाल के एडीजी उपेन्द्र जैन ने आज पुलिसकर्मियों में बढ़े कोरोना संक्रमण को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों में जमातियों के कारण संक्रमण बढ़ा है. उन्होंने कहा कि दिल्ली के मरकज से आए जमातियों से पुलिस में कोरोना संक्रमण की चैन बनी है. इसकी शुरूआत ऐशबाग और जहांगीराबाद क्षेत्र के पुलिसकर्मियों से शुरू हुई है. इन इलाकों में पहले कोरोना का संक्रमण नहीं था, लेकिन जमातियों के आने की वजह से संक्रमण फैला. उन्होंने कहा कि भोपाल के कुल 8 थाने कोरोना से संक्रमित हैं, जिसमें 34 पुलिसकर्मी और उनके परिवार वायरस से संक्रमित हैं. विश्लेषण में पता चला कि भोपाल के मस्जिदों में जमाती ठहरे हुए थे, जो दिल्ली के  निजामुद्दीन मरकज से आए थे. 
घर-घर पैसा पहुंचाने की कवायद में जुटा प्रशासन
मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिसे रोकने के हर एक उपाय शिवराज सरकार कर रही है. इसके तहत भोपाल जिला प्रशासन ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए अब घर-घर पैसा पहुंचाने की कवायद में जुट गई है जिसका फार्मूला भी नगर निगम ने तैयार कर लिया है. यह निर्णय लाक डाउन के बावजूद बैंकों में लग रही भीड़ को रोकने के लिए किया गया  है. भोपाल नगर निगम ने व्यवस्था के लिए रोस्टर भी तैयार कर लिया है. अब बिजनेस कंपाउंडमेंट और पोस्टमैन घर घर जाकर जरूरतमंदों को पैसे पहुंचाएंगे. 
कहां कितने मरीज
इंदौर 945
भोपाल 323
खरगौन 51
उज्जैन 76
धार         36
खंडवा 35
जबलपुर 30
रायसेन 26
होशंगाबाद 26
बड़वानी   24
देवास 21
मुरैना 16
विदिशा   13
रतलाम 12
मंदसौर 08
आगर मालवा 11
शाजापुर     06
सागर 05
ग्वालियर 04
श्योपुर 04
छिंदवाड़ा 04
अलीराजपुर 03
शिवपुरी 02 
टीकमगढ़        02
बैतूल 01 
अन्य राज्य        03
--------------------------
कुल 1687
-------------------------
नोट: राजगढ़ में मिले मरीज की दूसरी और तीसरी रिपोर्ट निगेटिव आई, जिसके कारण उसे कोरोना संक्रमित नहीं माना गया, जबकि बुरहानपुर जिले में जो मरीज मिला था, वह महाराष्ट्र के बुलढ़ाना का रहने वाला है, जिसे महाराष्ट्र में जोड़ा गया है. इसी तरह डिण्डोरी जिले में हो मरीज मिला था, वह छत्तीसगढ़ का रहने वाला है. इस वजह से उसे छत्तीसगढ़ में जोड़ा गया है.

अर्णव के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर

 कांग्रेस अध्यक्ष पर टिप्पणी अमर्यादित
अखिल भारतीय कांगे्रस कमेटी की अध्यक्ष सोनिया गांधी पर अर्णब गोस्वामी द्वारा दिए गए लाइव डिबेट में अभद्र और अमर्यादित टिप्पणी की गई है, जिसकी मध्यप्रदेश कांग्रेस कड़े शब्दों में निंदा करती है. राज्य की सागर जिला कांग्रेस इकाई ने अर्णव के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है.
प्रदेश कांगे्रस मीडिया अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि ऐसे समय में लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहलाने वाले मीडिया को भी अपनी भूमिका पहचाननी होगी और सच का साथ देना होगा, यदि हां में हां मिलाते रहे तो लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर भी एक बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा हो सकता है. पटवारी ने कहा कि मैं अपने मीडिया के साथियों, संपादकों और वरिष्ठ पत्रकारों से आग्रह करता हूं कि वे अपने विवेक से निर्णय लेकर यह सोचे और बताएं कि जिस तरह की अभद्रतापूर्ण टिप्पणियां अर्णब गोस्वामी ने कांगे्रस नेतृत्व सोनिया गांधी पर की है, क्या वह सही है? जिस परिवार, समाज या देश में नारी की इज्जत नहीं होती उसका पराभव अवश्यंभावी है.
पटवारी ने कहा कि सोनिया गांधी जैसी चरित्रवान भारतीय संस्कारों को वहन करने वाली भारतीय महिला पर कटाक्ष करने वाले अर्नब गोस्वामी की इस अनर्गल टिप्पणी को पत्रकारिता कह सकते हैं? यह तो सांप्रदायिक हिंसा भड़काने का कुत्सित प्रयास है. उन्हें न तो भाषा की और न ही किसी की मर्यादा का ध्यान है. उन्होंने जो अभद्रतापूर्ण टिप्पणी की हैं वह दंडनीय अपराध है. अब समय आ गया है कि नफरत फैलाने वाले एवं दूसरों के चरित्र पर उंगली उठाने वाले पत्रकारों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए. 
भारतीय सनातन संस्कृति का अपमान 
कांग्रेस के नेशनल मीडिया कोर्डिनेटर अभय दुबे ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति और सभ्यता का मूल मंत्र है, यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता अर्थात जहां नारी की पूजा होती है वहां देवता वास करते हैं. भारत ने अपनी संस्कृति , सभ्यता और समाज के विकास का मापदंड  नारी की स्थिति को माना  है. भारत ने हमेशा से नारी के अपमान को राष्ट्र के अपमान के रूप देखा है. उन्होंने कहा कि आज जिस अभद्र भाषा को प्रयुक्त कर सोनिया गांधी का अपमान अर्णव गोस्वामी ने  किया है ,उसकी  राष्ट्रव्यापी भर्त्सना होनी चाहिए. सोनिया गांधी  सिर्फ भारत की बहू ही नहीं हैं, अपितु उनमें भारत की रगों में दौड़ने वाला त्याग और बलिदान भी प्रतिबिंबित होता है. 
अर्णव गोस्वामी के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर
पत्रकार अर्णव गोस्वामी द्वारा कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के संबंध में अपशब्दों एवं अपमानजनक भाषा बोलने तथा धर्म एवं जाति के आधार पर सांप्रदायिक हिंसा भड़काने का प्रयास करने के खिलाफ मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं पीसीसी सदस्य डा. संदीप सबलोक ने सागर के थाना सिविल लाइंस में एफआईआर दर्ज कराई है. सागर जिला कांग्रेस अध्यक्ष रेखा चौधरी ने भी गिरफ्तारी की मांग करते हुए आरएसएस के पुरुषवादी एजेंडे के तहत इसे संपूर्ण नारी जाति का घोर अपमान बताया है. वहीं सागर जिला कांग्रेस अध्यक्ष रेखा चौधरी ने इस घटना पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मीडिया की आड़ में आरएसएस और भाजपा की गोद में बैठे हुए लोग कोरोना संक्रमण की आपदा के समय में भी धर्म जाति और संप्रदाय के नाम पर देश को हिंसा की आग में झोंकने पर तुले हुए हैं और सम्पूर्ण मीडिया को बदनाम कर रहे हैं.
4

दमोह में बच्ची की फोड़ी दोनों आंखें

लाक डाउन में बलात्कार, हत्या, चाकूबाजी की हो रही घटनाएं

मध्यप्रदेश के दमोह में एक बच्ची की आंखे फोड़ने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में लाक डाउन के दौरान भी अपराधियों के हौंसले बुलंद हैं. बलात्कार, हत्या और चाकूबाजी की घटनाएं हो रही है. दमोह में तो मासूम बालिका की आंखे फोड़ देने की घटना घटित हुई.
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज ट्वीट कर कहा कि  शिवराज सिंह, ये प्रदेश में क्या हो रहा है. लाकडाउन में भी अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. दमोह के जबेरा में एक मासूम बालिका की दोनो आंख फोड़ने व दरिंदगी की भी बात सामने आ रही है. उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि इतनी नृशंस, दरिंदगी भरी घटना,वो भी लाक डाउन के दौरान, जहां आमजन आवश्यक वस्तुओं के लिये भी घर से बाहर तक नहीं जा पा रहा है, वहां अपराधी खुलेआम घूम रहे है. प्रदेश में बलात्कार, हत्या, किसान की हत्या, गोलीबाजी, चाकूबाजी की घटनाएं जारी. एक माह की आपकी सरकार प्रदेश को किस ओर ले जा रही है.  पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मासूम बालिकाएं भी सुरक्षित नहीं हैं. दमोह की इस विभत्स घटना के आरोपियों को शीघ्र पकड़ा जाए , उन पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो , सरकार मासूम बालिका का इलाज कराएं , परिवार की हरसंभव मदद हो, दोषी व लापरवाह जिम्मेदारों पर भी कड़ी कार्यवाही हो.
यह है घटना
घटना दमोह जिला मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर हुई. पुलिस के अनुसार 6 साल की यह पीड़ित बच्ची कल शाम को अपने घर के पास बच्चों के साथ खेल रही थी. उस दौरान कोई अज्ञात व्यक्ति उसे पकड़ कर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया. इसके बाद भाग गया. बच्ची के आंखों के अलावा चेहरे पर भी चोंट आई है. घटना की जानकारी आज सुबह पुलिस को लगी. बाद में बच्ची को उसके परिजनों के साथ जबलपुर इलाज के लिए भेजा गया है. परिजनों ने  बताया कि जब बच्ची रात को घर नहीं लौटी तो उसे ढंूढा. आज गुरुवार की सुबह उनके मकान से 50 मीटर दूर एक जर्जर मकान के अंदर उसे किसी बच्चे ने देखा.  उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे. उसकी आंख से खून निकल रहा था, जिसकी सूचना परिजनों को दी गई. बाद में परिजनों ने पुलिस को इसकी सूचना दी.
भोपाल में ड्रायवर की हत्या
राजधानी भोपाल के हबीबगंज थाना क्षेत्र में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात को एक ड्रायवर की हत्या किए जाने का मामला सामने आया है. पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान शाहपुरा निवासी मनोज पवार के रूप में हुई है, जो निजी स्कूल की बस का ड्राइवर था. आरोपियों की संख्या 5 बताई गई है,  जिसमें बाप-बेटे भी शामिल हैं.  पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया है, उनसे पूछताछ कर रही है. मृतक और आरोपित परिचित भी हैं. बताया जाता है कि शराब पीने के दौरान  ड्राइवर का विवाद हुआ था. रात में ड्राइवर को चाकू मार कर वो भाग गए थे.
कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा लें गृह मंत्री
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने कहा कि हाल ही में गठित मंत्रिमंडल में बनाए गए नए नवेले गृहमंत्री कांग्रेस पर झूठे आरोप लगाने का काम अब खत्म हो गया हो, तो प्रदेश की कानून व्यवस्था की स्थिति को संभालें. प्रदेश की कानून व्यवस्था का जायजा लें, जिसके लिए आपको कोरोना के संकट के इस दौर में जवाबदारी दी गई है. आज भी भोपाल में एक हत्या,दमोह में दरिंदगी की घटना घटित.
शिवराज ने कहा दरिंदे को दी जाएगी सख्त सजा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस घटना को लेकर ट्वीट कर घटना को शर्मनाक बताया है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ट्वीट किया कि दमोह जिÞले में एक मासूम बिटिया के साथ हुई दुष्कर्म की घटना शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है. मैंने घटना का संज्ञान लेकर अपराधी को जल्द से जल्द पकड़ने के निर्देश दिए हैं. उस दरिंदे को सख्त से सख्त सजा दी जाएगी. बिटिया के समुचित इलाज में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने अपराधी को जल्द पकड़ने के निर्देश दिए हैं.

बुधवार, 22 अप्रैल 2020

पुलिस पर कोरोना का मंडराया खतरा,26 तक पुलिस मुख्यालय बंद

दो दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मी हो चुके हैं संक्रमित


मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के बाद अब पुलिस विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों पर कोरोना का खतरा बढ़ता जा रहा है. पुलिस के आला अधिकारियों और कर्मचारियों को संक्रमित होता देख पुलिस मुख्यालय को 26 अप्रैल तक के लिए बंद कर दिया गया है.
प्रदेश में तेजी से कोरोना का संक्रमण फैल रहा है. बड़ी संख्या में पुलिसवाले भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं, जिसके बाद मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने पुलिस अफसरों और कर्मचारियों को 26 अप्रैल तक घर से काम करने को कहा है. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  प्रशासन अजय कुमार शर्मा ने कहा कि अगर बहुत आवश्यक ना हो तो अधिकारी कर्मचारी  पुलिस मुख्यालय ना जाएं, जो अधिकारी आते हैं वह  स्टाफ के बहुत कम लोगों को कार्यालय पर बुलाए.  अधिकारी कर्मचारी को ई-मेल के जरिए कार्य करने को कहा गया है और संभव हो तो घर पर ही बैठकर कार्य करें. आदेश में साफ कहा गया है कि इस दौरान अधिकारी और कर्मचारी अपने घरों पर फोन, मोबाइल पर उपलब्ध रहेंगे. 
राजधानी के तलैया थाने में पदस्थ एक आरक्षक और कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया. आज बुधवार सुबह इसकी टेस्ट रिपोर्ट आ गई है.  तलैया थाना इलाके स्थित सुल्तानिया अस्पताल से लेकर बुधवारा चारबत्ती चौराहा तक कई लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए है इस कारण इस क्षेत्र को कंटेनमेंट कर दिया गया है. आरक्षक की रिपोर्ट आज पाजिटिव आने के बाद थाने में पदस्थ पुलिसकर्मियों और आरक्षकों  हड़कंप मच गया है.
गौरतलब है कि राजधानी भोपाल में अब तक 29 पुलिसकर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. आंकड़ों के अनुसार 29 में से तीन पुलिसकर्मी स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जबकि 26 पुलिसकर्मियों का इलाज चल रहा है. इनमें एक सीएसपी रैंक के अधिकारी भी शामिल है. राजधानी में सबसे पहले ऐशबाग थाने के एक कांस्टेबल में संक्रमण हुआ था, उसके बाद धीरे-धीरे 29 पुलिसकर्मियों में संक्रमण होता गया.
यहां उल्लेखनीय है कि  राजधानी में मंगलवार को 29 नए कोरोना पाजिटिव मरीज मिले हैं. इसमें गांधी मेडिकल कालेज की दो जूनियर डाक्टर, मेट्रो रूप का काम कर रही दिलीप बिल्डकान कम्पनी के छह कर्मचारी और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो डीजी का ड्राइवर व उनका बेटा, तीन जमाती और 8 पुलिसकर्मी व अन्य व्यक्ति शामिल है. रिपोर्ट आने के बाद ईओडब्ल्यू का कार्यालय सील कर दिया गया. इसके साथ ही पुलिस मुख्यालय को भी 26 अप्रैल तक के लिए बंद किया गया है.
पहले कंटेनमेंट क्षेत्र को घोषित किया ग्रीन जोन
राजधानी के पहले कंटेनमेंंट क्षेत्र प्रोफेसर कालोनी का प्रशासन ने अब कोरोना फ्री जो घोषित कर दिया है. प्रशासन के इस फैसले के बाद अब यह क्षेत्र ग्रीन जोन में शामिल हो गया है. अब यहां लोगों के लिए कुछ छूट मिल जाएगी. अब भोपाल की प्रोफेसर कॉलोनी में भी अन्य कॉलोनियों की तरह आवाजाही पर कोई रोक नहीं होगी. इसके साथ ही लोग अब राशन और सब्जी जैसी जरूरत के सामान के लिए घरों से बाहर जा सकेंगे. 28 दिन के बाद इस इलाके को खोला गया है. दरअसल, राजधानी भोपाल की प्रोफेसर कालोनी वह इलाका है जहां सबसे पहले कोरोना वायरस का मरीज मिला था. लंदन से आई एक युवती को कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई थी. इसके बाद युवती के संपर्क में आने से पत्रकार पिता को भी कोरोना संक्रमण हो गया था. क्षेत्र में कोरोना मरीज की पुष्टि होने के बाद एहतियात के तौर पर इस इलाके को कंटेनमेंट एरिया घोषित किया गया था. लगभग दो सप्ताह पहले ही दोनों लोग कोरोना की जंग जीतकर सकुशल घर आ चुके हैं. मरीजों के ठीक होने के बावजूद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रोफेसर कालोनी को कंटोनमेंट जोन बनाए रखा था. 28 दिन में जब कोई अन्य कोरोना मरीज नहीं मिला तो, अब इसे फ्री जोन घोषित कर दिया गया है.

नरोत्तम को स्वास्थ्य , तुलसी को मिला जल संसाधन विभाग


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पांचों मंत्रियों को विभाग की जिम्मेदारी सौंप दी है. नरोत्तम मिश्रा को गृह और स्वास्थ्य विभाग और सिंधिया समर्थक तुलसीराम सिलावट को जल संशाधन विभाग दिया है.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सुबह राज्यपाल लालजी टंडन से राजभवन पहुंचकर मुलाकात की और उन्हें मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा किए जाने की जानकारी दी. इसके बाद उन्होंने अपने पांचों मंत्रियों को विभाग की जिम्मेदारी सौंप दी.  नरोत्तम मिश्रा को गृह और स्वास्थ्य विभाग, मीना सिंह को आदिम जाति कल्याण विभाग, तुलसी सिलावट को जल संसाधन, कमल पटेल को कृषि मंत्रालय, गोविंद सिंह राजपूत को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग सौंपा गया.  इससे पहले मध्य प्रदेश में सरकार बनाने के 29 दिन बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए मंगलवार को पांचों मंत्रियों को शपथ दिलाई थी.शपथ दिलाने के बाद उन्हें संभागों का जिम्मेदारी सौंपी थी.  इसके तहत  नरोत्तम मिश्रा को भोपाल व उज्जैन, तुलसी सिलावट को इंदौर और सागर, कमल पटेल को जबलपुर व नर्मदापुरम, गोविंद सिंह राजपूत को चंबल व ग्वालियर और मीना सिंह को रीवा एवं शहडोल संभाग सौपा गया था.
गौरतलब है कि तुलसीराम सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को सिंधिया के समर्थकों में गिना जाता है. ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार बनाने में इनका बहुत बड़ा रोल रहा है.

बेटे ने मना किया तो तहसीलदार ने किया युवक का अंतिम संस्कार


मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक व्यक्ति की कोरोना से मौत हो गई. मौत होने के बाद जब प्रशासन ने सारा इंतजाम कर उनके बेटे को अंतिम संस्कार के लिए बुलाया तो बेटे ने कोरोना के डर से आने से मना कर दिया. बेटे ने कहा कि प्रशासन ही अंतिम संस्कार कर दे.
मध्यप्रदेश के शुजालपुर निवासी स्वर्गीय प्रेम सिंह मेवाड़ा की कोरोना पाजिटिव होने से मृत्यु हो गई थी. उनके बेटे संदीप मेवाड़ा और परिवार वालों ने मृतक की शव लेने से मना कर दिया. अन्य कोई भी व्यक्ति भी शव उठाने और अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं था. ऐसे में तहसीलदार बैरागढ़ गुलाब सिंह बघेल ने कोरोना संक्रमित मरीज स्वर्गीय प्रेम सिंह मेवाड़ा का मानवता के नाते अंतिम संस्कार कर सच्चा उदाहरण पेश किया. विगत 2 दिन से प्रेम सिंह मेवाड़ा का शव मर्चुरी में रखा  था. उनके परिवार ने शव लेने से मना किया और जिला प्रशासन द्वारा ही अंतिम संस्कार कराने के लिए दबाब बनता रहा. उन्होंने अंतिम समय तक शव को लेने से मना कर दिया, जबकि जिला प्रशासन ने कोरोना प्रोटोकाल के अनुसार सारी व्यवस्थाएं कर दी थीं. पीपीई किट, सेनेटाइजर, ग्लब्स आदि देने के बाद भी मृतक के पुत्र संदीप मेवाड़ा ने मुखाग्नि देने से मना कर दिया, इस निर्णय में मृतक की पत्नी और उनके साले भी साथ थे. इसके बाद सब व्यवस्था होने के बाद जब परिवार ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया तो तहसीलदार  गुलाब सिंह बघेल ने मृतक को मुखाग्नि देकर मानवता की मिसाल पेश की. कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने तहसीलदार को शाबासी दी और उनके इस उत्तम कार्य के लिए प्रशंसा की.

जाली पास बनाने वाला गिरोह पकड़ाया

 एक आरोपी गिरफ्तार सरगना सहित तीन की तलाश जारी

पुलिस उप महानिरीक्षक इरशाद वली के मार्गदर्शन में लाक डाउन के दौरान शहर में अपराधों की रोकथाम हेतु  चलाए जा रहे अभियान के दौरान तलैया थाना प्रभारी  डी पी सिंह के निर्देशन में एसडीएम के नाम से जाली पास बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर आरोपी शैलेन्द्र जोशी को गिरफ्तार किया गया है. 
राजधानी के थाना तलैया पुलिस को  मुखबिर द्वारा सूचना मिली की एसडीएम के नाम से  कोरोना आगमन का जाली पास बना कर भोपाल शहर व राज्य से बाहर पास बनाने वाला समर्पण टूर एंड ट्रेवल्स का मालिक शैलेंद्र लोधी जोकि टनाटन ढ़ाबे के पास खड़ा है. सूचना मिलने पर  पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी की गई व थाना लाकर पूछताछ की गई. जिस पर शैलेंद्र लोधी ने बताया कि 5  से 15 अप्रैल तक हरि कृष्णा टूर एंड ट्रेवल्स का मालिक अभिषेक श्रीवास्तव  जो आरोपी दीपक जोशी के माध्यम से ग्राहकों से 3 हजार रुपए प्रति पास के साथ आईडी प्रूफ, जाने का दिनांक, ड्राइवर की गाड़ी का नंबर लेता था. फिर इस जानकारी को  2 हजार रुपए प्रति पास के मान से सरगना फतेह राजोरिया निवासी करोंड को देता था. सरगना फतेह राजोरिया 1 घंटे में जाली पास बनाकर वापस शैलेंद्र को देता था. बतौर प्रति पास 1 हजार रुपए शैलेंद्र लोधी स्वयं रखता था. इस प्रकार विगत 10 दिनों में गिरोह द्वारा कुल 24 पास तैयार किए गए जो बिहार, गुड़गांव, बलिया ,खंडवा ,मुजफ्फरनगर, पचमढ़ी ,पटना, रीवा ,समस्तीपुर व अन्य स्थानों का कोरोना आवागमन जाली पास जारी किया गया.
पुलिस के अनुसार इस प्रकार गिरोह के सरगना फतेह राजोरिया द्वारा 48 हजार , शैलेंद्र लोधी द्वारा 24 हजार, अभिषेक श्रीवास्तव द्वारा 36 हजार और दीपक जोशी द्वारा  11 रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से  5 लाख 28 हजार रुपए लगभग का अवैध रूप से आर्थिक लाभ प्राप्त किया गया. इस गिरोह द्वारा यात्रियों को लाने में ले जाने में वाहन अर्टिगा एमपी 04 सीटी 618, इनोवा एमपी 04 टी ए 7077, बोलेरो एमपी 04 सी वी 1485, इनोवा एमपी 04 सी ए 8374  का उपयोग किया गया है. इस प्रकरण में आरोपी शैलेंद्र लोधी पिता खुमान सिंह लोधी उम्र 24 साल हाल निवासी 167 अहिंसा विहार, नरेला जोड़, भोपाल को  गिरफ्तार किया गया है, शेष आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु दबिश दी जा रही है.
देशी कच्ची शराब की जब्त
राजधानी के कोहेफिजा पुलिस द्वारा नगर निगम के कचरा ढ़ोने-उठाने वाले वाहन की सूचना प्राप्त हुई थी. कोहेफिजा पुलिस द्वारा तोप तिराहा लालघाटी पर संबंधित वाहन की जांच कर 3 बोरियों में भरकर करीब 5 सौ से अधिक कच्ची शराब से भरे पाउच रखे पाए गए, जिनमें प्रत्येक पाऊच में करीब 150 एमएल अवैध कच्ची शराब पाई गई, जिसे जब्त किया गया है. अवैध कच्ची शराब का परिवहन करते पाए गए वाहन चालक सोनू जटालिया सहित शंकर सिरमोलिया और बंटी पटोलिया तीनों आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है. आरोपियों के कब्जे से कुल 81 लीटर अवैध कच्ची शराब परिवहन करते हुए पाई गई है, जो कि भोपाल नगर निगम कचरा वाहन से अवैध रूप से कच्ची शराब का परिवहन कर रहे थे. आरोपियों ने पुलिस को बताया की वह अवैध शराब गोदरमऊ में किसी महिला से प्राप्त कर लाए थे. पुलिस द्वारा इसकी जांच की जा रही है.

मंगलवार, 21 अप्रैल 2020

कोरोना से लड़ाई लड़ रहे कर्मचारियों को उपलब्ध कराएं पीपीई किट और मास्क


पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक बार फिर कोरोना से लड़ाई लड़ रहे प्रदेश के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को पीपीई किट, मास्क और जरुरी उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की है. उन्होंने उज्जैन के नीलगंगा थाना प्रभारी यशवंत पाल के निधन पर शोक जताया और कहा कि लोगों की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे अधिकारियों, कर्मचारियों को देखते हुए सरकार को जल्द ही उनकी सुरक्षा के कदम उठाने चाहिए.
 पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि जिस प्रकार से कर्मचारी संक्रमित हो रहे हैं, ये चिंता का विषय है. जब ये कर्मवीर योद्धा ही सुरक्षित नहीं रह पाएंगे, तो आमजन की सुरक्षा कैसे करेंगे. कमलनाथ ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि मैं आज एक बार फिर सरकार से यह मांग कर रहा हूं कि जनता की सुरक्षा के लिए अपनी जान को जोखिम में डालकर, फील्ड में काम कर रहे डाक्टर्स, स्वास्थ्यकर्मी, पुलिसकर्मी, मेडिकल स्टाफ, आशा कार्यकर्ता, अधिकारी-कर्मचारी कोरोना से संक्रमित होते जा रहे हैं. ऐसे में सभी को तत्काल पीपीई किट, मास्क से लेकर सुरक्षा के आवश्यक सारे संसाधन उपलब्ध कराए जाएं. ये कर्मवीर योद्धा ही जब सुरक्षित नहीं रह पाएंगे, तो ये आमजन की सुरक्षा कैसे कर पाएंगे. उन्होंने कहा कि आज इंदौर के बाद हमारे उज्जैन के नीलगंगा थाना प्रभारी  यशवंत पाल जो जनता की सुरक्षा के लिए ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे थे, कोरोना की जंग हार गए. ऐसे कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी की शहादत को सलाम.
बेटी फाल्गुनी को उपनिरीक्षक पद पर मिलेगी नियुक्ति
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोरोना से लड़ते हुए कर्तव्य की बलिवेदी पर प्राण त्याग देने वाले उज्जैन नीलगंगा के थाना प्रभारी  यशवंत पाल  को विनम्र श्रद्धांजलि. ईश्वर उनकी पुण्य आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें व शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करें. हम सब उनके परिवार के साथ हैं. उन्होंने कहा कि दु:ख की इस घड़ी में दिवंगत यशवंत पाल के परिवार के साथ मैं व पूरा प्रदेश खड़ा है. चौहान ने कहा कि शोकाकुल परिवार को राज्य शासन की ओर से सुरक्षा कवच के रूप में 50 लाख रुपए, असाधारण पेंशन, बेटी फाल्गुनी को उपनिरीक्षक पद पर नियुक्ति व स्वर्गीय पाल को मरणोपरांत कर्मवीर पदक से सम्मानित किया जाएगा.
पुलिस महानिदेशक ने दी श्रद्धांजलि
पुलिस महानिदेशक  विवेक जौहरी ने उज्जैन के नीलगंगा थाना प्रभारी यशवंत पाल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा है कि वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ साहसिक जंग लड़ते हुए यशवंत पाल ने अपने प्राणों का बलिदान कर दिया. जौहरी ने मध्यप्रदेश पुलिस परिवार की ओर से उनकी शहादत को नमन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है. पुलिस महानिदेशक ने कहा है कि पिछले एक हफ्ते के भीतर हमारे दो बहादुर पुलिस अधिकारी कर्तव्य की बलिवेदी पर शहीद हुए हैं. इन दोनों पुलिस अधिकारियों के आसामयिक निधन से पूरा मध्यप्रदेश पुलिस परिवार स्तब्ध एवं शोकाकुल है. इन अधिकारियों द्वारा प्रदर्शित कर्तव्यपरायणता एवं साहस से हम सब गौरवांवित हुए हैं. 

बिकाऊ लोगों के लिए अपनों को किनारे करना अस्वस्थ परंपरा



शिवराज मंत्रिमंडल गठन के साथ ही कांग्रेस ने भाजपा और शिवराज सिंह पर हमला बोला है. कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने तंज कसते हुए कहा कि बिकाऊ लोगों के लिए अपनों को किनारे करना अस्वस्थ परंपरा है. उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह ने गोपाल भार्गव जैसे वरिष्ठ नेता की अनदेखी कर उन्हें किनारा कर दिया है.
 शिवराज मंत्रिमंडल गठन पर कहा कि भाजपा ने कद्दावर नेता माने जाने वाले पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और पूर्व गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह को जगह नहीं मिलने पर पटवारी ने तंज कसा है. पटवारी ने ट्वीट कर  लिखा है कि  30 दिन में 5 ही मंत्री क्यों 25 क्यों नहीं. इस महामारी के दौर में भाजपा का अंतर्कलह मध्यप्रदेश के भविष्य को चौपट कर देगा. उन्होंने लिखा कि गोपाल भार्गव की वरिष्ठता व अयोग्यता का आज पता चला. पटवारी ने लिखा है कि मजबूर मुख्यमंत्री का आधा-अधूरा अयोग्य मंत्रिमंडल कोरोना महामारी व वित्तीय स्थिति में प्रदेश को गर्त में ले जाएगा. पटवारी ने एक अन्य ट्वीट में लिखा ह कि अगर 5 मंत्री बनाए जा सकते हैं, तो 28 क्यों नहीं. दरअसल भाजपा की अंदरूनी कलह के कारण मध्यप्रदेश को एक पूरा मंत्रिमंडल भी नसीब नहीं हो पा रहा है. उन्होंने लिखा है कि विभीषण की पद लालसा के कारण कमलनाथ जैसे विजनरी मुख्यमंत्री से वंचित होकर शिवराज जैसे नकारा मुख्यमंत्री को जनता की मर्जी के विपरीत कुछ समय के लिए प्रदेश को झेलना पड़ेगा. अपने अंतिम  ट्वीट में पटवारी ने वीडियो जारी कर कैप्शन लिखा है कि शिवराज का मंत्रिमंडल प्रदेश के दुर्भाग्य की शुरूआत है. गोपाल भार्गव जैसे वरिष्ठ को नजरअंदाज करना और बिकाऊ लोगों के लिए अपने ही लोगों को किनारे करना अस्वस्थ परंपरा है, ये भाजपा के अंत का आरंभ है.
ये भाजपा है महाराज, देखते हैं आप कैसे बचाएंगे अपनी रियासत
कमलनाथ सरकार में वन मंत्री रहे उमंग सिंघार में आज हुए मंत्रिमंडल गठन में सिंधिया समर्थक दो पूर्व मंत्रियों को मंत्री बनाए जाने पर तंज कसा है. उन्होंने ट््वीट किया है कि सिंधिया कोटे के दो मंत्री बनाकर भाजपा ने यह तो स्पष्ट कर दिया कि  सिंधिया के 10 मंत्री तो  नहीं बनेंगे. देखते हैं सिंधिया अपनी रियासत कितनी बचा पाते हैं, सिंधिया  यह भाजपा हैं.  वहीं पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने ट्वीट किया है कि एक डरे हुए मुख्यमंत्री का छटांकभर मंत्रिमंडल. उन्होंने ट्वीट किया कि कोरोना की इस विभीषिका में सम्पूर्ण मंत्रिमंडल गठित कर, सरकार जन सेवा में कार्यरत होना चाहिए थी, मगर अफसोस, खरीद फरोत की राजनीति के चलते ये ना हो सका. अब, जब तक सम्पूर्ण मंत्रिमंडल बनेगा तब तक मामा सरकार जयहिंद हो जाएगी.
सिंधिया ने दी मंत्रियों को शुभकामनाएं
भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट कर लिखा है कि मध्य प्रदेश में आज शपथ लेने वाले सभी पांचों मंत्रियों को मेरी शुभकामनाएं. मुझे पूरी उम्मीद है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान  के सक्षम नेतृत्व में आप सभी कोरोना के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे और जीतेंगे भी.  उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश के नागरिकों को आवश्यक सेवा और वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति भी सुनिश्चित करेंगे. कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई में आपको जहां भी आवश्यकता हो, मैं आपके साथ खड़ा हूं.

पुलिसकर्मियों पर भी दर्ज हो हत्या का मामला: उमा


भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर पालघर में साधुओं की हुई हत्या के मामले में पुलिसकर्मियों पर भी हत्या का मामला दर्ज करने की बात कही है.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री  ठाकरे को लिखे पत्र में  भारती ने कहा कि आप एक महान पिता की संतान हैं एवं आप स्वयं भी साधुओं का सम्मान करने वाले व्यक्ति हैं. पालघर महाराष्ट्र में जो महान साधुओं की, भीड़ के द्वारा हत्या हुई है यह एक  कानून की दृष्टि में जघन्य अपराध एवं धर्म की दृष्टि से महापाप है. आप महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हैं आपने स्वयं यह कृत्य नहीं किया है, किंतु आपके द्वारा शासित राज्य में यह जघन्य कृत्य हुआ है. इसलिए इसमें सभी दोषियों को दंडित करना होगा. जिन पुलिसकर्मियों के हाथ पकड़ कर असहाय साधु जीवन रक्षा की गुहार लगा रहे थे उन पुलिसकर्मियों ने उन्हें बचाने के बजाय उन्हें भीड़ के हवाले हो जाने दिया एवं वह स्वयं को छुड़ाकर अलग हो गए, यह पुलिसकर्मी भी हत्या आरोपी हैं उन पर भी 302 ही दर्ज होना चाहिए. यदि यह चाहते तो हवा में फायर करके उन साधुओं को बचा सकते थे.
पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि मेरा अनुरोध है आपको उन समस्त पुलिस सहित हत्यारों को कठोर दंड देना ही होगा अन्यथा आप स्वयं भी इस पाप के भागीदार होंगे. मैं आज प्रायश्चित के लिए भोपाल में अपने आवास में ही उपवास कर रही हूं तथा मैंने साधु समाज से भी अपने-अपने स्थान पर रहते हुए 1 दिन का उपवास करने की अपील की है. आप से भी अपेक्षा करती हूं कि अपराधियों पर कठोरतम कार्रवाई आपका प्रायश्चित होगा. जब भी लाकडाउन खत्म होगा मैं उस स्थान पर अवश्य जाऊंगी तथा थोड़ी देर वहां रहकर निर्दयता से मारे गए उन साधुओं के लिए भी प्रार्थना करूंगी तथा उनसे अपने देश एवं समाज के लिए क्षमा मांगूगी. मैं आप जैसे संवेदनशील व्यक्ति से आपके राज्य में हुए इस महापातक के लिए कठोर कार्रवाई का आग्रह करती हूं एवं आप पर विश्वास करती हूं कि आप ऐसा करेंगे.

रविवार, 19 अप्रैल 2020

शहीद का दर्जा देकर बढ़ाएं सहायता राशि, पुलिस को उपलब्ध कराएं संशाधन

देवेन्द्र चंद्रवंशी 

 पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि कर्मवीर योद्धाओं को प्रदान करें सुरक्षा कवच

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इंदौर के थाना प्रभारी देवेन्द्र कुमार चंद्रवंशी के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मांग की है कि थाना प्रभारी को शहीद का दर्जा दिया जाए और सहायता राशि को बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए की जाए. उन्होंने मांग की है कि प्रदेश के सभी कर्मवीर योद्धाओं को अन्य राज्यों की तरह 50 लाख के बीमा के दायरे में लाकर सुरक्षा कवच उपलब्ध कराया जाए.
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इंदौर के थाना प्रभारी देवेन्द्र चंद्रवंशी के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी की शहादत को सलाम, उनके परिवार के प्रति मेरी शोक संवेदनाएं. ईश्वर उन्हें अपने चरणों में स्थान प्रदान करे. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि  मैं आज एक बार फिर सरकार से यह मांग कर रहा हूं कि जनता की सुरक्षा के लिए अपनी जान को जोखिम में डाल, फील्ड में काम कर रहे डाक्टर्स, स्वास्थ्यकर्मी, पुलिस कर्मी, मेडिकल स्टाफ, आशा कार्यकर्ता, अधिकारी-कर्मचारी द्वारा जिस प्रकार से बड़ी संख्या में कोरोना से संक्रमित होते जा रहे है. 
उन्होंने कहा कि मैं सरकार से यह भी मांग करता हूं कि प्रदेश के जिन जिलो में कोरोना अभी तक नहीं पहुंचा है या जहां कोरोना संक्रमण के कम मामले है, वहां के पुलिस फोर्स को तत्काल कोरोना प्रभावित रेड हाट स्पाट जिलों में पदस्थ किया जाए. उन्होंने कहा कि सभी को तत्काल पीपीई किट, मास्क से लेकर सुरक्षा के आवश्यक सारे संसाधन उपलब्ध कराए जाएं. फील्ड में काम कर रहे इन सभी कर्मवीर योद्धाओं को अन्य राज्यों की तरह 50 लाख के बीमा के दायरे में लाकर सुरक्षा कवच प्रदान की जाए. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन जिलो में रोटेशन पद्धति लागू की जाए, जिससे रात-दिन काम कर रही वहां की फोर्स का भार भी कम हो सके. साथ ही मैं सरकार से यह भी मांग करता हूं कि इंदौर के शहीद पुलिस अधिकारी को शहीद का दर्जा देकर, सहायता राशि बढ़ाकर, परिवार को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए.
पत्नी को उप निरीक्षक पद पर किया जाएगा नियुक्त
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिवंगत थाना प्रभारी की मौत पर दुख जताया है. उन्होंने शोक संतृप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है, इसके साथ ही सुरक्षा कवच के रूप में 50 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की है. मुख्यमंत्री ने थाना प्रभारी की पत्नी को सब इंस्पेक्टर के पद पर पदस्थापना की घोषणा की है. मुख्यमंत्री  ने कहा कि इंदौर की हमारी पुलिस टीम के कर्तव्यनिष्ठ सदस्य, पूर्व थाना प्रभारी, निरीक्षक देवेंद्र कुमार ने कोरोना से जंग में कर्तव्य की बलिवेदी पर अपने प्राण न्यौछावर कर दिए. इंदौर के अरविंदों अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था और हाल ही में उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आयी थी और ये हमारे लिए एक अच्छी खबर थी, लेकिन कल देर रात अचानक ही 2 बजे उनकी मृत्यु का दु:खद समाचार मिला. मैं उनके चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं.  मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संकट की घड़ी में मेरे साथ पूरा प्रदेश उनके साथ खड़ा है. शोकाकुल परिवार को राज्य शासन की ओर से सुरक्षा कवच के रूप में 50 लाख राशि व उनकी पत्नी सुषमा को विभाग में उप निरीक्षक के पद पर नियुक्ति दी जा रही है.
स्तब्ध और शोकाकुल है पुलिस परिवार
पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी ने पूरे पुलिस परिवार की ओर से उनकी शहादत को कोटिश: नमन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है. उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा है कि हमारे बहादुर युवा पुलिस अधिकारी के असामयिक निधन से पूरा मध्यप्रदेश पुलिस परिवार स्तब्ध एवं शोकाकुल है. उनके द्वारा प्रदर्शित कर्तव्यपरायणता एवं साहस पर हम सभी गौरवांवित हुए हैं. उन्होंने कहा कि देवेंद्र अस्पताल में भर्ती रहते हुए भी निरंतर अपने कर्मचारियों की चिंता तथा अपने थाना क्षेत्र में इस आपदा के प्रबंधन में शामिल रहना चाहते थे, वरिष्ठ अधिकारियों के बहुत अनुरोध पर ही उन्होंने अपना फोन सौंपा.  ईश्वर से उनके परिवार को यह घोर दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना है. मध्यप्रदेश पुलिस इस कठिन समय में उनके परिवार के साथ है.
स्पेशल पुलिस अवार्ड देने की घोषणा
जूनी थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार का अंतिम संस्कार रामबाग मुक्तिधाम में राजकीय सम्मान के साथ किया गया. अंतिम विदाई में आईजी, डीआईजी सहित पुलिस के आला अधिकारी मौजूद रहे. सुरक्षा किट कवच पहनकर अंतिम संस्कार कार्यक्रम में अधिकारी और परिजन मौजूद थे. थाना प्रभारी देवेंद्र चंद्रवंशी के परिवार के लिए मुख्यमंत्री शिवराज ने बड़ी घोषण की है. शिवराज ने मृतक के परिवार के लिए अलग से पेंशन की घोषणा भी की है. इसके साथ ही स्पेशल पुलिस अवार्ड देने का भी घोषणा भी उन्होंने कहा है.

कोरोना संक्रमण से बचाव का प्रशिक्षण दिया जाए मजदूरों को


निर्माण की गतिविधियां हमारी अर्थव्यवस्था को गति देंगे और हम मंदी से निपट लेंगे. 15 जून से पहले सड़कों के कार्य पूरे किए जा निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को कोरोना संक्रमण से बचाव का प्रशिक्षण दिया जाए.
यह बात आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान ने मंत्रालय में वीडियो काफ्रेंसिंग के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मास्क बनाने की कार्य योजना के संबंध में बैठक ली. इस दौरान उन्होंने लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी,  के कांट्रैक्टर्स के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में आवश्यक निर्माण कार्य भारत सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार प्रारंभ करने के संबंध में चर्चा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि  मजदूरों के समस्त सुरक्षा उपाय के प्रबंध किए जाए. निर्माण कंपनियों के मालिक, कांट्रेक्टर मित्रो से मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सब प्रदेश के विकास के पार्टनर है.  उन्होंने कहा कि भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार 20 अप्रैल से निर्माण की गतिविधियां प्रारंभ करेंगे उन्होंने कहा कि  कोरोना के संकट के चलते लाकडाउन किया गया जिसके कारण प्रदेश में निर्माण की गतिविधियां रोक दी गई थी. भारत सरकार की कांट्रैक्टर्स के सहयोग के बिना निर्माण गतिविधियां प्रारंभ नहीं हो सकती. वे प्रदेश के विकास के हमारे पार्टनर्स हैं. निर्माण लोगों को रोजगार तो देगा ही, साथ ही हमारी अर्थव्यवस्था को गतिमान भी करेगा.

निर्धन निवाला घोटाला करने वालों पर दर्ज हो एफआईआर


पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर 70 लाख गरीबों को बांटे जाने वाले आटे की चोरी करने वालों तथा निर्धन निवाला घोटाले को अंजाम देने वालों के खिलाफ तत्काल कार्यवाही करने की मांग की है.
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आज लिखे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को पत्र में कहा है कि एक ओर जब पूरा समाज इस समय कोरोना वायरस जैसी महामारी के कठिन समय में गरीबों की मदद कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार द्वारा राशन की दुकानों से बांटे जा रहे आटे के पैकेट में 2 से 4 किलो तक की चोरी की जा ररी है. ऐसे संकट के समय में भी गरीबों को बांटे जाने वाले करीब 70 लाख पैकेट में जो आटे की चोरी और भ्रष्टाचार करना अमानवीय, अनैतिकता और कुशासन की पराकाष्ठा है. यह निर्धनों के निवाले को छीनने के लिए किया गया निर्धन निवाला घोटाला है. पत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मांग की है कि इस घोटाले में लिप्त दोषियों का पता लगाकर उनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने और गरीबों तक उकने हक का पूरा आटा पहुंचाना सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र कदम उठाएं.
भाजपा षडयंत्र कर सरकार गिराने में रही व्यस्त
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंंह ने  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखे पत्र में आरोप भी लगाया कि जब कोरोना जैसा विनाशकारी वायरस मध्यप्रदेश में दस्तक दे रहा था तो किस प्रकार भाजपा षडयंत्र करके प्रदेश की कमलनाथ सरकार को गिराने में व्यस्त थी. उन्होंने लिखा है कि मैं पिछली बातों में जाना नहीं चाहता, खैर, आपने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है.

अब नगरीय निकायों का कार्यकाल बढ़ाएगी सरकार


प्रदेश सरकार ने नगर पालिका निगम एक्ट में संशोधन की कवायद  तेज कर दी है. जिला और जनपद पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाने के बाद अब सरकार नगरीय निकायों का कार्यकाल भी बढ़ाएगी. इसके साथ ही महापौर और अध्यक्ष का कार्यकाल भी बढ़ाया जाएगा. 
सरकार द्वारा हाल ही जिला पंचायत और जनपद पंचायतों के अध्यक्षों का कार्यकाल बढ़ाए जाने का फैसला लिया है. इसके साथ ही अब नगरीय निकायों के कार्यकाल को भी बढ़ाने का फैसला सरकार कर रही है. इसके चलते नगर पालिका निगम एक्ट में संशोधन की कवायद  तेज कर दी है.ऐसा माना जा रहा है कि एक प्रशासनिक समिति बनाकर पिछले महापौर और अध्यक्ष को कमान दिया जा सकता है. कोरोना से निपटने के बीच शहरी क्षेत्रों में सरकार एक्शन प्लान तैयार कर रही है. अगले चुनाव तक महापौर और नगर पालिका अध्यक्ष के कार्यकाल को बढ़ाने की तैयारी की जा रही है. 
गौरतलब है कि  इसके पहले शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष और जनपद पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल अगले चुनाव तक बढ़ा दिया गया है. प्रशासकों के अधिकार वापस लेकर पुराने जिला पंचायत अध्यक्ष जनपद अध्यक्ष को फिर से जिम्मेदारी दी गई है. इस संबंध में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब तक चुनाव नहीं होते तब तक कार्यकाल बढ़ाया जा रहा है.

शुक्रवार, 17 अप्रैल 2020

हेल्दी भोपाल के सहारे तलाशेंगे कोरोना पाजिटिव

 भोपाल जिला प्रशासन जुटाएगा हर परिवार से तीन जानकारी

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना वायरस की चेन को तोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने अब हेल्दी  भोपाल का सहारा लिया है. हेल्दी भोपाल वेबसाइड तैयार कर जिला प्रशासन हर परिवार तक पहुंचकर तीन बातों की जानकारी सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित व्यक्तियों की जानकारी, 65 वर्ष से ज्यादा उम्र के व्यक्तियों की जानकारी, गैस पीड़ितों की बीमारियों की जानकारी और भोपाल के निवासियों की संपर्क सूची जुटाएगा. इसके सहारे कोरोना पाजिटिव को तलाशने का काम अब जिला प्रशासन करेगा. 
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव, नियंत्रण और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर  तरुण पिथौड़े द्वारा अपने और परिवार के हाई रिस्क होने की जानकारी और कांटेक्ट हिस्ट्री बनाने की अपील को सार्थक रूप प्रदान करने के लिए स्मार्ट सिटी भोपाल द्वारा हेल्दी भोपाल वेबसाइट तैयार की गई है.  इस वेबसाइट का उद्देश्य भोपालवासियों से मुख्यत: तीन प्रकार की जानकारियां जुटाना है. जिसमें पहला सर्दी, खांसी एवं बुखार से पीड़ित व्यक्ति की जानकारी, दूसरा 65 साल से अधिक उम्र के व्यक्तियों में कैंसर, भोपाल गैस त्रासदी पीड़ित और एचआईवी जैसी बीमारियों के मरीज की जानकारी और तीसरा भोपालवासियों की संपर्क सूची. इन तीनों जानकारीयों को जुटाने के बाद उन्हें न सिर्फ कोरोना पाजिटव को तलाशने में मदद मिलेगी. बल्कि वे कोरोना के संक्रमण की चैन तोड़ने में भी सफल हो सकेंगे. 
कलेक्टर पिथोड़े ने इस वेबसाइट पर सभी भोपालवासियों से रजिस्टर करने की अपील की गई है. इस पर रजिस्ट्रेशन करने पर कोरोना के लक्षण की जानकारी मिलते ही तुरंत मेडिकल टीम आपसे संपर्क करेगी. यदि आपके भीतर सर्दी, खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण है तो इस वेबसाइट पर दिए गए सबसे पहले फार्मेट को आनलाइन भरकर अपनी जानकारी भेज दें, जिसके बाद जिला प्रशासन की मेडिकल टीम आपसे फोन पर सम्पर्क करेगी और जरूरत पड़ने पर आप तक रैपिड रेस्पॉन्स टीम भेजी जाएगी. जो कि सैंपलिंग और जांच की कार्रवाई करेगी.
इस वेबसाइट पर हाई रिस्क सीनियर सिटीजन के पंजीकरण के लिए भी फार्मेट उपलब्ध कराया गया है.  आप या आपके परिवार में कोई 65 वर्ष से अधिक यानी सीनियर सिटीजन है और कैंसर, अस्थमा, टीबी, भोपाल गैस त्रासदी पीड़ित, आॅर्गन ट्रांसप्लांट, लिवर, एच आईवी पॉजिटव हैं और किडनी की बीमारी जैसी समस्या से पीड़ित है, तो आप कोविड-19 के हाई रिस्क में आते हैं. ऐसे व्यक्ति वेबसाइट पर दिए गए दूसरे फार्मेट को भरें और हाई रिस्क में अपना पंजीयन कराएं, ताकि आपको सुरक्षित रखा जा सके.
कलेक्टर की अपील पर नागरिकों द्वारा बनाई जाने वाली सोशल कांटेक्ट की सूची प्रशासन को बताई जा सकती है. अपने संपर्क में आए लोगों की जानकारी के लिए अलग फार्मेट दिया है. यह सभी भोपालवासियों के लिए है. वे अपने संपर्क में आये लोगों की एक सूची तैयार कर वेबसाइट पर दिए गए फार्मेट में अपलोड कर सकते है. इसके बाद यदि आपके संपर्क में आया कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव निकलता है तो इसकी सूचना तत्काल आपको दी जाएगी, जिसके बाद आपकी जांच और क्वारेंटाइन करने की प्रक्रिया पूरी होगी, ताकि संक्रमण की चैन को तोड़ा जा सकें. जिले को कोरोना मुक्त करने की यह एक सार्थक कोशिश है और जिला प्रशासन ने सभी भोपालवासियों को इस पर रजिस्टर कर कोरोना संक्रमण के खिलाफ इस युद्ध में अपना योगदान देने की अपील की है. 

स्वास्थ्य संचालनालय में फिर हुआ कामकाज शुरु, 3 बार किया सैनेटाइज

 15-15 दिन की लगाई ड्यूटी, 60 से अधिक उम्र वालों को दी रियायत

मध्यप्रदेश में गहराए संकट क बीच राजधानी भोपाल स्थित स्वास्थ्य संचालनालय करीब एक पखवाड़े के बाद आज से फिर शुरु हुआ है. संचालनालय में रोस्टर के आधार पर अधिकारियों, कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है. वहीं 60 से अधिक उम्र वाले अधिकारियों, कर्मचारियों को रियायत भी दी है. संचालनालय में आज जब कामकाज शुरु हुआ इसके पहले पूरे कार्यालय को 3 बार सैनेटाइज किया गया.
कोरोना संक्रमण के चलते राजधानी भोपाल में सबसे ज्यादा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी संक्रमित हुए थे. इनकी संख्या करीब 94 है. इसके बाद से सतपुड़ा भवन स्थित स्वास्थ्य संचालनालय में कामकाज बंद हो गया था. अब आज फिर से स्वास्थ्य संचालनालय में कामकाज की शुरुआत हुई है. संचालनालय में काम की शुरुआत किए जाने के पहले इसे 3 बार सेनेटाइज किया गया है, साथ ही सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को एक साथ ड्यूटी पर भी नहीं बुलाया गया. आज कार्य पर 32 अधिकारी, कर्मचारियों को बुलाया गया. ये सभी 15 दिनों तक नियमित रुप से कार्य करेंगे. इसके बाद 15 दिन पूरे होने पर रोस्टर के अनुसार दूसरे 32 अधिकारियों, कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी. संचालनालय में आज काम पर पहुंचे अधिकारियों, कर्मचारियों में उप संचालक, सेक्शन अधिकारी, तृतीय श्रेणी कर्मचारी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, लिफ्ट कर्मचारी शामिल थे. वैसे स्वास्थ्य संचालनालय के अधिकारियों का कहना है कि संचालनालय में कभी काम बंद नहीं हुआ था. यह जरुर सच है कि स्वास्थ्य विभाग के बड़ी संख्या में अधिकारियों, कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित होने के चलते काम प्रभावित हुआ है. अब आज से फिर संचालनालय में काम शुरु हुआ है. 
संचालनालय में आज से काम पर पहुंचने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों में 60 से अधिक उम्र वालों को रियायत दी गई है. 60 से अधिक उम्र वालों को कहा गया है कि वे अगर चाहें तो कार्यालय आ सकते हैं, अगर उन्हें स्वास्थगत किसी भी तरह की परेशानी महसूस हो रही है तो वे कार्यालय न आएं.
कराना होगा टेस्ट
स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी अपना कोरोना टेस्ट कराएं और रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही आफिस पहुंचे. सभी कर्मचारियों, अधिकारियों को कोरोना टेस्ट कराना अनिवार्य है, यदि किसी ने जांच कराने में आनाकानी की या जांच नहीं कराई तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कोरोना से संबंधित लक्षण जिन कर्मचारियों, अधिकारियों में दिखाई दे वे छिपाए नहीं, बल्कि जांच कराकर इलाज कराएं.
जल्द खुल सकते हैं ये कार्यालय  भी
कोरोना लाक डाउन के चलते राजधानी स्थित जो कार्यालय बंद थे, उन्हें जल्द खोलकर कामकाज की शुरुआत की जा रही है. इनमें जिला प्रशासन, कोषालय, वन विभाग, रक्षा, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, आपदा नियंत्रण, मौसम विभाग, भू-गर्भ विभाग, सूचना कार्यालय, खाद्य कार्यालय, एनसीसी, नेहरू युवा केन्द्र, पुलिस, होमगार्ड, अग्नि शमन, आपदा नियंत्रण, जेल, नगरीय निकाय, प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के सभी अधिकारी, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी से 33 प्रतिशत कर्मचारी (जरूरत अनुसार).