आरोपियों की मदद करने वाले 13 के खिलाफ भी दर्ज हुए मामलेमध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने के बाद अब पुलिस ने जमातियों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरु कर दिया है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 24 घंटे का समय दिए जाने के बाद भी जब कई जमाती सामने नहीं आए तो पुलिस ने अब उनके खिलाफ सख्त कदम उठाना शुरु कर दिया है. राजधानी के अलग-अलग थानों में पुलिस ने अब तक 64 विदेशी और 10 देशी जमातों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं. इसके अलावा 13 उन लोगों के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए हैं, जिन्होंने आरोपियों की मदद की है.
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस ने जमातियों के खिलाफ कार्रवाई को तेज कर दिया है. इसके तहत राजधानी के विभिन्न थानों में पुलिस ने 64 विदेशी और 10 देशी जमातों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए हैं. इन जमातों में शामिल जमातियों की जल्द ही गिरफ्तारी की बात भी पुलिस ने कही. पुलिस ने जमातियों को मदद करने वाले 13 लोगों के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किए हैं. पुलिस ने इन पर शासकीय आदेश और वीजा उल्लंघन करने के साथ ही आपदा प्रबंधन अधिनियम धारा 13, 14, विदेशीय विषय अधिनियम 1964 के तहत ऐशबाग, मंगलवारा, श्यामला हिल्स, पिपलानी और तलैया थाने में प्रकरण दर्ज किए हैं. विदेशों से आए इन जमाती ने भोपाल पहुंचने पर स्थानीय पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी थी. साथ लाकडाउन के दौरान शासकीय आदेशों को भी नहीं माना था. इसके अलावा जमातियों ने वीजा का भी उल्लंघन किया. पुलिस अब जल्द इनकी गिरफ्तारी करेगी. बताया जा रहा है कि जिन जमातियों पर एफआईआर दर्ज की गई, उनमें पाजिटिव मरीज भी शामिल है. साथ में कई ऐसे आरोपी बनाए गए जो कि 14 दिन के क्वारंटाइन में रखे गए हैं. यहां यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान ने बुधवार को 24 घंटे का समय भी दिया था कि वे सामने आएं और जांच करा लें, डरे नहीं. अगर वे नहीं आते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री की इस चेतावनी के बाद भी करीब 7 सौ से ज्यादा जमातियों का पता नहीं चला है. इसके चलते पुलिस ने अब उनकी खोज तेज करते हुए अलग-अलग थानों में यह कार्रवाई की है.
संक्रमण फैलने का है खतरा
देश भर के कई शहरों के बाद भोपाल में जमातियों की वजह से कोरोना का सबसे बड़ा खतरा आ गया है. राजधानी में 20 पाजिटिव जमातियों से एक हजार से भी ज्यादा लोगों में संक्रमण फैलने का खतरा है. बताया जा रहा है कि यह जमाती 3 सौ लोगों के सीधे संपर्क में आए थे. इन सभी 3 सौ लोगों को क्वारंटाइन किया गया है. जबकि बाकी के 7 सौ लोगों को चिन्हित किया जा रहा है. इसके अलावा शहर के चिन्हित किए गए 24 कंटेनमेंट एरिया में बाहरी व्यक्तियों के आने पर गिरफ्तारी होगी.
पुलिस ने ज्यादती की तो जिम्मेदार होंगे पुलिस अधीक्षक
भोपाल में एम्स के जूनियर डाक्टरों के साथ मारपीट और मंडला में बैंक मैनेजर के साथ दुर्व्यवहार के बाद पुलिस मुख्यालय सख्त हो गया है. उसने इन घटनाओं पर गहरी नाराजगी जताते हुए साफ कर दिया है कि अब कहीं भी जनता या आवश्यक सेवा में लगे कर्मचारियों के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया तो उस जिले के पुलिस अधीक्षक को जिम्मेदार माना जाएगा. पुलिस मुख्यालय ने सभी एडीजी, आईजी, डीआईजी और सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखा है. इस पत्र में दोनों जिलों भोपाल और मंडला में हुई घटना के लिए पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदार बताया गया है. मुख्यालय ने कहा कि इन दोनों जिलों के पुलिस अधिकारियों ने जनता से व्यवहार को लेकर मैदानी अमले को ब्रीफिंग नहीं की, यह आपत्तिजनक है. पुलिस मुख्यालय ने जारी अपने आदेश में कहा कि अगर जनता समेत अन्य अधिकारियों से दुर्व्यवहार किया गया तो इसके लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी उस जिले के पुलिस अधीक्षक की होगी. मैदानी अमले को पुलिस अधीक्षक जनता से व्यवहार के संबंध में ब्रीफिंग करें. साथ ही पुलिस द्वारा किए जा रहे दुर्व्यवहार की घटना को तत्काल प्रभाव से रोका जाए. यह जिम्मेदारी व्यक्तिगत रूप से पुलिस अधीक्षकों की होगी.
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