पीड़ित मानवता को बचाने के कार्य में बाधा डाली तो होगी सख्त कार्रवाईमध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर में पुलिस और प्रशासनिक अमले के साथ घटित घटना में शामिल अराजक तत्वों को नहीं छोड़ेंगे. उन्होंने कहा कि पीड़ित मानवता को बचाने के कार्य में जो भी बाधा डालेगा उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इंदौर में जांच के लिए गए पुलिस, चिकित्सा विभाग और नगर निगम के कर्मचारियों पर हुए हमले की निंदा की है. उन्होंने कहा कि इस घटना में जो भी अराजक तत्व शामिल होंगे, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ने वाले डाक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, आशा उषा कार्यकर्ता, राजस्व अमला, नगरीय निकाय के कर्मचारी डरे नहीं, आप कोरोना के खिलाफ लड़ाई जारी रखें. आपकी संपूर्ण सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर में हुई यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. उस घटना में शामिल सभी अराजक तत्वों को किसी भी कीमत में नहीं छोड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है कुछ को गिरफ्तार किया गया है. उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोग मुट्ठी भर हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि पीड़ित मानवता को बचाने के लिए आपके काम में कोई बाधा डालेगा तो कार्रवाई होगी. उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन अराजक तत्वों को किसी कीमत पर इन्हें नहीं छोड़ा जाए. आज लोगों की जिंदगी के लिए जरूरी है आप अपने काम में जुटे रहे. आपकी कर्तव्यनिष्ठा को प्रणाम. मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों और अधिकारियों को भरोसा भी दिलाया कि मैं और पूरा प्रदेश आपके साथ है. आपकी सुरक्षा की जिम्मेदारी मेरी है. उन्होंने कहा कि लोगों के टेस्ट के लिए जाने वाले चिकित्सा अधिकारियों, कर्मचारियों के अलावा उनके साथ जाने वाले अन्य विभाग के कर्मचारियों को पुलिस की सुरक्षा उपलब्ध कराए जाने के निर्देश भी उन्होंने दे दिए हैं.
खंड चिकित्सा अधिकारी को किया निलंबित
कमिश्नर भोपाल संभाग आयुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने कोरोना जैसी महामारी के दौरान भी कर्तव्यों से विमुख रहने और मुख्यालय पर निवास नहीं करने पर सांची सामुदायिक स्वास्थ्य केंद की खंड चिकित्सा अधिकारी डा. राजश्री तिड़के को कदाचरण का दोषी मानते हुए उन्हें तत्काल निलंबित करने के आदेश जारी किए है. कमिश्नर ने यह कार्यवाही कलेक्टर रायसेन के प्रतिवेदन के आधार पर की है. प्रतिवेदन में कहा गया है कि कलेक्टर की समझाइश के बावजूद भी उक्त चिकित्सक ने अपना मुख्यालय सांची को नहीं बनाया और भोपाल से ही अप-डाउन जारी रखा. उक्त चिकित्सक ने कोरोना की रोकथाम के लिए भारत सरकार की एडवायजरी और राज्य शासन के निर्देशों के विपरीत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का सुचारू संचालन भी नही किया.
हाइड्रो क्लोरोक्विन दवा लेने की दी सलाह
संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं ने स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए हाइड्रो क्लोरोक्विन दवा लेने की सलाह दी है. भारत सरकार के दिशा-निर्देशों में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए इसे उपयोगी पाया गया है. आईसीएमआर द्वारा कोरोना के प्रभावित अथवा संभावित व्यक्तियों की चिकित्सालयों में देखभाल करने वाले सभी लक्षण विहीन स्वास्थ्य कर्मियों को यह दवा लेने की अनुशंसा की गई है. चिकित्सालयों में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचार और देखभाल में लगे डाक्टर, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टॉफ को चिकित्सकीय परामर्श के बाद यह दवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं.
अलग से चिन्हित अस्पताल, वार्ड की व्यवस्था करें
राज्य शासन ने अस्पतालों में संक्रमण की संभावना को समाप्त करने के लिए कोरोना वायरस के मरीजों के प्रबंधन के लिए अलग से चिन्हित अस्पताल अथवा वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए हैं. आयुक्त स्वास्थ्य ने इस संबंध में सभी चिकित्सा महाविद्यालयों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों, सिविल सर्जनों और निजी चिकित्सालयों को इस संबंध में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है. चिन्हित अस्पतालों और वार्डों में आगमन और निर्गम की व्यवस्था भी अलग रहेगी. आईसीयू, क्रिटिकल केयर, लैब तथा अन्य जांच आदि आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था के साथ रसोई और लाण्ड्री भी अलग करना होगी. जिला कलेक्टर्स को पूरी तरह चिन्हित अस्पतालों तथा वार्डों का बेहतर प्रबंधन करने के लिये कहा गया है.
सिंधिया ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इंदौर में घटित घटना को लेकर दुख जताया है. उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से कहा है कि जो लोग मानवता और समाज के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. सिंधिया ने ट्वीट कर कहा कि इंदौर में कोरोना की जांच के लिए गए डाक्टरों के दल पर पथराव की खबर दुखद एवं निंदनीय है. हमारे देश और प्रदेश के सभी डाक्टर्स और स्वास्थ्यकर्मी अपनी जान की परवाह किए बिना, परिवार से दूर रहकर नागरिकों की देखभाल और सेवा में लगे हुए हैं. उनके साथ इस तरह की घटना अक्षम्य है. उन्होंने ट्वीट किया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मेरा अनुरोध है कि मानव सेवा के कार्य में लगे ऐसे सभी डाक्टर्स अन्य सहयोगियों को पूरी सुरक्षा प्रदान की जाए. साथ समाज और मानवता से खिलवाड़ करने वाले दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोरतम कार्यवाही की जाए.
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