गुरुवार, 9 अप्रैल 2020

एम्स के डाक्टरों के साथ पुलिस ने की मारपीट


राजधानी स्थित एम्स चिकित्सालय के पीजी डाक्टरों के साथ पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है. इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने घटना की निंदा की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
एम्स भोपाल में पीजी डाक्टर्स एसोसिएशन ने संस्थान के निदेशक को एक पत्र लिखा है. इस पत्र में डाक्टरों ने पुलिसकर्मियोंं द्वारा आन ड्यूटी डाक्टरों के साथ अपमनजनक व्यवहार और मारपीट करने की शिकायत की है. पत्र में उन्होंने लिखा है कि जब देश में महामारी के दौरान हम निस्वार्थ काम कर रहे हैं, तब पीजी रेसिडेंट में रहने वाले दो डाक्टर युवराज सिंह और ऋतुर्पणा अपनी इमरजेंसी ड्यूटी खत्म कर अस्पताल से वापस जा रहे थे, तब कुछ पुलिसकर्मियों ने उन्हें डंडो से मारा. जैसे ही उन्होंने अपने आईडी कार्ड दिखाते हुए बताया कि वे डाक्टर हैं और इमरजेंसी ड्यूटी खत्म कर जा रहे हैं, तो पुलिसकर्मियों ने उनका सामान छीन कर फेंक दिया और हाथ-पैर में लाठी से मारने लगे. पुलिस द्वारा की जा रही पिटाई से बचने के लिए दोनों डाक्टर वहां से भागे और कैम्पस पहुंचकर उन्होंने अपने सीनियर डाक्टर को यह सारी घटना बताई. इसके बाद एसोसिएशन ने निदेशक को पत्र लिखा और डाक्टरों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की.
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने घटना की निंदा की. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि भोपाल एम्स के दो पीजी डॉक्टर्स, जिनमें एक महिला डाक्टर है , की पुलिसकर्मियों द्वारा पिटाई की घटना सामने आयी है, जो कि बेहद शर्मनाक है. कोरोना महामारी के संकट के इस दौर में अपनी जान जोखिम में डाल जनता की सेवा कर रहे इन कर्मवीर योद्धाओं पर हमें गर्व है. उन्होंने कहा कि ऐसे में इनकी पिटाई की घटना, बेहद निंदनीय होकर शर्मसार करने वाली है. सरकार तत्काल इस पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करे व ऐसी घटनाओं की पुनरावृति ना हो , इसको लेकर प्रदेश में निर्देश जारी करे.

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