शुक्रवार, 3 अप्रैल 2020

जमातियों में मिले मरीज, श्यामला हिल्स और ऐशबाग इलाका किया सील

 65 जमातियों की कराई थी जांच, 4 मिले पाजिटिव

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जमातियों में 4 मरीज मिले हैं. इसके बाद प्रशासन चिंतित हो उठा है. मरीजों की रिपोर्ट आने के बाद हुई इसकी पुष्टि के बाद आज सुबह से जिला प्रशासन ने श्यामला हिल्स और ऐशबाग थाना क्षेत्र का इलाका सील कर दिया है. दोनों ही क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही को रोक दिया है और लाक डाउन का कड़ाई के साथ पालन कराया जा रहा है. राजधानी में चार जमातियों के अलावा एक आईएएस अधिकारी के भी कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. इसके साथ ही भोपाल में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 9 हो गई है.
राजधानी के ऐशबाग की रहमानिया मस्जिद और श्यामला हिल्स की अहाता रुस्तम खां मस्जिद में रुके चार जमातियों के कोरोना पाजिटिव मिलने के बाद, इन दोनों इलाकों के एक किलोमीटर के दायरे को कन्टेनमेंट एरिया घोषित कर दिया है.  आस पास के 50-50 घरों में रहने वालों की स्क्रीनिंग का कार्य भी शुरु कर दिया है साथ ही संक्रमितों से मिलने वालों का सर्वे तेज कर दिया है. इसके अलावा मस्जिदों में रुके 60 से ज्यादा लोगों को क्वारंटाइन किया गया है.  कलेक्टर तरुण पिथोड़े के आदेश के बाद इन दोनों इलाकों में देर रात बैरिकेडिंग कर दी गई थी, जिसके बाद से ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इन दोनों इलाकों में लोगों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी है.  कलेक्टर पिथोड़ के निर्देश पर  नगर निगम को निर्देशित किया गया है कि कंटेंटमेंट क्षेत्र को सेनिटाइज किया गया है,  इसके साथ ही कंटेंटमेंट क्षेत्र के  रास्तों को सील कर कर दिया है साथ ही आवश्यक वस्तुओं को लाने के अतिरिक्त किसी को बाहर जाने की अनुमति नही दी जा रही है और कंटेन्मेंट क्षेत्र में आवागमन बंद भी बंद कर दिया है. 
इसके पहले राजधानी भोपाल में प्रोफेसर कालोनी व चांदबड़ इलाके को भी सील कर दिया गया था इन इलाकों में कोरोना के मरीज और ना बढ़े इसलिए गुरुवार देर रात यहां बैरिगटेस लगा कर इन इलाकों को क्वारंटाइन कर दिया गया है , साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम भी इन इलाकों में मुस्तैदी कर दी गई है. 
आईएएस अधिकारी की भी रिपोर्ट आई पाजिटिव
राजधानी में एक अधिकारी को भी कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि उनकी जांच रिपोर्ट से हुई है. हालांकि यह कहा जा रहा है कि अधिकारी ने पहली रिपोर्ट आने के बाद दूसरी जांच के लिए सैंम्पल भेजे हैं, इसकी रिपोर्ट आनी शेष है. मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य संचालक प्रशासन पद पर पदस्थ 2011 बैच के अधिकारी की तबीयत खराब होने पर जांच कराई गई थी. इनकी जांच रिपोर्ट भी बीती देर रात को आई. इसके बाद उन्होंने आज शुक्रवार को फिर से दूसरी जांच के लिए सैंम्पल दिए हैं, जिसकी रिपोर्ट आने की प्रतिक्षा की जा रही है. बताया जाता है कि उक्त अधिकारी ने मध्यप्रदेश से बाहर दूसरे राज्यों में यात्राएं की थी, जिसके चलते उनमें कोरोना संक्रमित होने के लक्ष्ण दिखाई देने लगे थे, जिसके चलते यह जांच कराई गई थी. बताया जाता है कि उक्त अधिकारी 4-5 दिन पहले ही प्रदेश के बाहर यात्रा करके लौटे थे. वापस आकर उन्होंने चार्ज भी संभाल लिया था. हालांकि, बुधवार को उन्होंने काम से दूरी बना ली थी. तबीयत खराब होने पर जांच में कोरोना वायरस के लक्षण मिले. गुरुवार देर रात जेपी अस्पताल पहुंचे, उनके संपर्क में आए स्टाफ को भी क्वारेंटइन होने के लिए कहा गया है. 
इंदौर घटना के चार दोषियों पर लगाई रासुका
इंदौर की टाट पट्टी बाखल में की गयी घटना पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गहरा क्षोभ जताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए थे. कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी इंदौर मनीष सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा तीन की उपधारा दो के तहत चार व्यक्तियों पर रासुका की कार्यवाही करते हुए उन्हें जेल भेजे जाने के आदेश जारी किए हैं. जिला दंडाधिकारी इंदौर ने निरूद्ध किए गए इन दोषियों को केंद्रीय जेल रीवा में रखे जाने के आदेश दिए हैं. घटना में जिनपर रासुका लगायी गई है उनके नाम मोहम्मद मुस्तफा पिता हाजी मोहम्मद इस्माइल उम्र 28 साल, मोहम्मद गुलरेज पिता हाजी अब्दुल गनी उम्र 32 साल, सोयब उर्फ़ सोभी पिता मोहम्मद मुख्तियार उम्र 36 साल और मज्जू उर्फ़ मजीद पिता अब्दुल गफूर उम्र 48 साल है, यह सभी टाट पट्टी बाखल इंदौर के बाशिंदे हैं.

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