मध्यप्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष और जनपद पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल अगले चुनाव तक बढ़ा दिया गया है. प्रशासकों के अधिकार वापस लेकर पुराने जिला पंचायत अध्यक्ष जनपद अध्यक्ष को फिर से जिम्मेदारी दी गई है. इस संबंध में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब तक चुनाव नहीं होते तब तक कार्यकाल बढ़ाया जा रहा है.
कोरोना संकट के बीच आज प्रदेश की शिवराज सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने राज्य के जिला पंचायतों और जनपद पंचायतों के अध्यक्षों का कार्यकाल बढ़ा दिया है साथ ही प्रशासकों से अधिकार वापस लेकर पुराने जिला पंचायत अध्यक्ष जनपद अध्यक्ष को फिर से जिम्मेदारी दी गई है. जिला पंचायत और जनपद पंचायतों के अध्यक्षों के कार्यकाल को बढ़ाने के लिए आज मुख्यमंत्री निवास पर एक बैठक हुई. बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के अलावा पूर्व पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव और अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव भी उपस्थित थे. जिला पंचायत और जनपद पंचायत अध्यक्षों के प्रतिनिधिमंडल की मांग पर सरकार ने कार्यकाल बढ़ाने का फैसला लिया है. फैसला वापस लेने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोरोना संकट में ग्रामीण प्रतिनिधि महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं.
उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिÞला व जनपद पंचायत सदस्यों-अध्यक्षों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है और कोरोना संकट के कारण चुनाव होना संभव नहीं है. ये जनप्रतिनिधि प्रशासन व जनता के बीच की कड़ी हैं. इसलिए अगले चुनाव तक उनके कार्यकाल को बढ़ाया जाएगा, ताकि वे संकट के समय जनसेवा में निरंतर कार्यरत रहें. वहीं पूर्व पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि राज्य सरकार के इस फैसले से कोरोना महामारी से लड़ने में ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी मदद मिलेगी. हम इसके लिए युद्ध स्तर पर काम करेंगे. भार्गव ने कहा कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के काम शुरू किए जाएंगे. महामारी के दौर में बेरोजगारी कम करने की सरकार की कोशिश कर रही है.
गौरतलब है कि सरकार ने 13 अप्रैल को जिला पंचायत और जनपद पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल समाप्त होने के चलते मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 के प्रावधानों के तहत प्रशासक नियुक्त कर दिए थे. इसके बाद अध्यक्षों का एक प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिला और कोरोना संकट को देखते हुए उनका कार्यकाल बढ़ाने की मांग की थी. इस मांग के बाद आज मुख्यमंत्री निवास पर हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है.

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