बुधवार, 1 अप्रैल 2020

जमातियों और जायरीनों पर प्रशासन ने कसा शिकंजा, किया क्वारेंटाइन

32 जमाती हो चुके हैं दिल्ली में क्वारेंटाइन, कुछ को मसजिदों में रखा गया 

राजधानी में बिना सूचना के रहने वाले जमातियों और जायरीनों पर प्रशासन ने शिकंजा कंसना शुरु कर दिया है. प्रशासन ने रेस्क्यू कर जमातियों को पकड़ा है और कुछ के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है. इसके अलावा मसजिदों में जमातियों और उनके सहयोगियों को क्वारेंटाइन भी किया गया है.
राजधानी में बिना सूचना के रहने वाले जमातियों और जायरीनों पर प्रशासन ने शिकंजा कंसना शुरु कर दिया है.  मिली सूचना के आधार पर  जिला प्रशासन और पुलिस ने मंगलवार को सभी का रेस्क्यु किया था. र्इंटखेड़ी इलाके में स्थित इस्लाम नगर मस्जिद में 13 जमातियों को पुलिस ने ढू़ंढ था. वह बिना किसी सूचना के साथ वहां पर रह रहे थे. पुलिस दिनभर से उनकी तलाश में थी. पुलिस ने इस ग्रुप के एक सदस्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. सभी का मेडिकल परिक्षण कराया जा रहा है. इन सभी कर्नाटक से जमात में आए हुए थे जो कि इस्लाम नगर ईटखेड़ी मस्जिद में रुके हुए थे. इन्हें हज हाउस में क्वारेंटाइन किया गया है. पुलिस ने करीब एक दर्जन से अधिक स्थानों पर  छापामार कार्रवाई करते हुए इन जायरीनों की तलाश की,  जिसमें श्यामला हिल्स, तलैया, ईटखेड़ी और ऐशबाग क्षेत्र में ये लोग 12 फरवरी से 28 फरवरी के बीच आए थे. सुरक्षा की दृष्टि से मस्जिद में रहने वाले लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए है. इसमें से 14 लोगों को हज हाउस में क्वारेंटाइन किया गया गया है. वहीं 138 को 20 दिनों तक मस्जिदों में क्वारेंटाइन किया गया है.
3 मार्च को राजधानी आई थी जमातें
राजधानी भोपाल में ये जमातें ऐशबाग थाना क्षेत्र की 3 मस्जिदों में ठहरी हुई हैं. रहमानी मस्जिद में 9 लोगों की जमात मिली है जो म्यांमार से दिल्ली के निजामुद्दीन होते हुए 8 मार्च को भोपाल आई थी. दूसरी जमात ऐशबाग के ही सिकंदरिया मस्जिद में ठहरी हुई है, इसमें 8 लोग शामिल हैं. इसमें 4 महिला और 4 पुरुष शामिल है. सभी लोग यहां आने से पहले दिल्ली की मरकज में शामिल हुए थे. 3 मार्च से भोपाल में थे. इसी तरह बागफरहत आफजा की बड़ी मस्जिद में 6 पुरुष और 6 महिला का रेस्क्यु किया गया है. ये 10 मार्च से भोपाल में थे. इसी तरह अन्य क्षेत्रों से करीब 76 लोगों का रेस्क्यु किया गया है.
65 व्यक्तियों के नमूने भेजे जांच के लिए
कलेक्टर तरुण पिथोड़ के निर्देश पर भोपाल की मस्जिदों में  रुकी कई जमातों की जानकारी प्राप्त कर जांच जारी है. विदेशों से जमात में  57 लोग आए हुए हैं जो पांच अलग-अलग मस्जिदों में रुके हुए थे. इन सभी की जांच की जा रही है यह लोग 20 दिनों से मस्जिदों में और इन सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया. जमातियों में से  65  के सेम्पल लेकर जांच के लिए भेजे गए है. इसके साथ ही  जो देश के दूसरे राज्यों से आए  जमाती जो अलग अलग जगहों पर रूके हुए है, की  भी जांच  पुलिस और नगर निगम की टीम  कर रही है. सुरक्षा की दृष्टि से  विदेश से आई जमातों के  55  और 10 उनके साथ मस्जिद में रहने वाले लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं.  शेष लोग मस्जिदों में ही क्वारेंटाइन है और 20 दिनों से मस्जिदों में ही रह रहे है.  केवल उन जगहों से ही क्वारेंटाइन किया गया है जहां जगह कम है. निजामुद्दीन मरकाज में गए भोपाल के 36 लोगों को चिन्हित कर लिया गया है. इनकी जानकारी के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी.
सभी जमातियों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण, पैनिक न हों नागरिक
कलेक्टर  तरुण पिथोड़े ने बताया है कि निजामुद्दीन, नई दिल्ली मरकज में गए हुए भोपाल के सभी 32 व्यक्ति दिल्ली में ही क्वारेंटाइन किए गए हैं. कोई व्यक्ति भोपाल नहीं आया इसके साथ ही विदेशों से आए 55 और अन्य जमातियों का स्वास्थ्य परीक्षण करा लिया गया है किसी में भी बीमारी के कोई लक्षण नहीं मिले है, फिर भी सतर्कता के दृष्टिगत  उनके सैंपल लिए गए हैं. उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे बिल्कुल भी पैनिक नहीं हों, प्रशासन सजग और सतर्क है.  कलेक्टर पिथोड़े ने बताया कि जमातियों के साथ रहने वाले लोगों की भी सैंपलिंग कर जांच के लिए भेज दिए गए है. यह भी सुखद है कि सभी जमातियों ने 21 दिन का सेल्फ आइसोलेशन पूरा  कर लिया है. किसी भी जमाती में  अन्य किसी प्रकार का कोई बीमारी का लक्षण नहीं है. भोपाल की जनता को पैनिक होने की कोई जरूरत नही है. सभी लोग प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में है. सुरक्षा की दृष्टि से सभी के सेम्पल लेकर जांच के लिए भी भेज दिए गए हैं.
राजधानी को अब 7 जोन में बांटा
राजधानी में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन अलर्ट पर है और लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. इसी कड़ी में सुरक्षा की मद्देनजर भोपाल को 4 की जगह 7 जोन में बांटा गया है. लोगों के एक जोन से दूसरे जोन में जाने पर पाबंदी रहेगी. प्रशासन उन तक हर जरूरी सामान पहुंचाने की व्यवस्था करेगा. प्रशासन की ये कदम सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया है. ताकि इस वायरस का संक्रमण एक इलाके से दूसरे इलाके में न फैले. 7 जोन में कोलार, रातीबड़, होशंगाबाद रोड, भेल, रायसेन रोड, गांधी नगर, बैरागढ़ और पुराना शहर शामिल हैं. अगर कोई शख्स बिना कारण के एक जोन से दूसरे जोन में जाता है तो उसके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें