कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए सरकार द्वारा इम्युनिटी पावर बढ़ाने के लिए वितरित किए जाने वाले काढ़े के पैकेट पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तस्वीर पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है. कांग्रेस ने कहा कि यह दंडनीय अपराध है.राज्य सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाने लोगों में इम्यूनिटी पावर बढ़ाने के लिए करीब एक करोड़ लोगों के लिए मध्यप्रदेश लघु वनोपज संघ द्वारा तैयार किया गया काढ़ा वितरित करने का फैसला लिया है. लघु वनोपज संघ द्वारा इस काढ़े के 50-50 ग्राम के पैकेट्स तैयार किए गए हैं. ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में लगभग एक करोड़ व्यक्तियों को यह काढ़ा नि:शुल्क वितरित किया जा रहा है. काढ़े के इस पैकेट पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की तस्वीर होने पर प्रदेश में सियासत शुरू हो गई है. कांग्रेस ने कहा कि ऐसे समय में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह अपने प्रचार में लगे हैं, जबकि भाजपा इसे विश्वास का नाम बता रही है.
राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने ट्वीट कर लिखा है कि माफ करिए शिवराज. कोरोना के इस जंग में आपका चित्र सरकारी पैकेट पर देना बहुत गलत संदेश है. सरकारी पैकेट पर ऐसा करना दंडनीय अपराध है, क्या ये आपकी अनुमति से हुआ है. नहीं तो जिस अधिकारी के आदेश से हुआ है, उसे दंडित करें.
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि रोम जल रहा था और नीरो बंशी बजा रहा था. उसी तरह से प्रदेश में कोरोना वायरस के 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. हमारे जांबाज पुलिस के सिपाही और डाक्टर सेवाएं देते हुए शहीद हो गए. वहां मुख्यमंत्री अपनी तस्वीरें छपवाने में लगे हैं, इस तरह के घटनाक्रम की कोई कल्पना नहीं कर सकता है. कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ट्वीट कर लिखा है कि जुगाड़ से बैठे हुए मुख्यमंत्री प्रचार के भूखे है, विज्ञापन से पेट नहीं भरा तो काढ़े पर भी फोटो चाहते है उन्होंने लिखा कि कोरोना से लगातार मौत हो रही है लेकिन आपके प्रचार की भू्नख कम नहीं हो रही है.
यह कौन सा महोत्सव काल है
प्रदेश कांग्रेस के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से ट्वीट कर कहा है कि दवाओं पर भी विज्ञापन, महामारी में भी बेशर्मी जारी है. जिस प्रदेश में 2300 संक्रमित और डाक्टर-अफसर समेत 117 मौतें हुई हों, वहां का मुख्यमंत्री अपने फोटो छपवाकर प्रचार में लगा है. रोते, बिलखते, तड़पते, छटपटाते और दम तोड़ते इंसानों के बीच शिवराज का ये कौन सा महोत्सव काल है.
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