पूर्व मुख्यमंत्री ने उठाया टेस्टिंग किट की कमी का मुद्दा
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ्रटेस्टिंग किट की कमी का मुद्दा उठाया है. उन्होंने कहा कि सरकार व जिÞम्मेदार क्या कर रहे हैं, समय पर कदम क्यों नहीं उठाए गए. उन्होंने कहा कि कोरोना से लड़ाई में सरकार ठोस कार्ययोजना बनाए और जमीनी काम करे, तभी मुश्किल के इस दौर से हम निकल पाएंगे.
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज फिर कोरोना को लेकर सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों पर हमला बोला है. पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कई जिÞले कोरोना महामारी के इस दौर में देश के रेड जोन में होकर हाट स्पाट बने हुए है. इंदौर- भोपाल में बढ़ती मरीजों की संख्या और हो रही मौतें बेहद चिंताजनक है. ऐसे में इंदौर- भोपाल में टेस्टिंग किट खत्म होने की खबर बेहद चिंताजनक व चौकने वाली है. उन्होंने कहा कि पहले से ही यहां सैम्पलो की पेंडेंसी बढ़ती जा रही है. ऐसे में टेस्टिंग किट की कमी यहां कोरोना से लड़ाई को प्रभावित करेगी. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में यहां मरीज अस्पतालों में भर्ती है, कई अपनी जांच कराने के इंतजार में है. कई क्वारंटाइन है , ऐसे संकट के दौर में टेस्टिंग किट की कमी बेहद चिंताजनक है. सरकार व जिÞम्मेदार क्या कर रहे है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि टेस्टिंग किट की कमी की जानकारी होने पर भी समय पर कदम क्यों नहीं उठाए गए. उसकी आपूर्ति क्यों सुनिश्चित नहीं की गई. उन्होंने कहा कि मैं पूर्व से ही सरकार से यह मांग कर रहा हूं कि टेस्टिंग संख्या बढ़ाई जाए, सैम्पलों की पेंडेसी बढ़ती जा रही है, लेकिन किट की कमी से यह कैसे संभव होगी. उन्होंने कहा कि सरकार तत्काल आवश्यक कदम उठाए, यह समय ठोस कार्ययोजना बनाने का है, जमीनी काम करने का है,तभी हम मुश्किल के इस दौर से निकल पाएंगे.
घोषणाओं पर अमल करे सरकार
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा कि शिवराज सरकार दावा कर रही है कि मजदूरों के खातो में एक-एक हजार रुपए डाल दिए गए हैं, वहीं पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव इंकार कर रहे है कि उनके क्षेत्र में मजदूरों के खाते में पैसे नहीं पहुंचे. उन्होंने कहा कि आखिर सच्चाई क्या है. सरकार ऐसे संकट के दौर में अपनी घोषणाओं पर अमल करे, गरीब मजदूरों के खाते में तत्काल राशि डाले.
किसानों की ऋण राशि की वसूली न की जाए
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मांग की है कि कोरोना संकट को देखते हुए किसानों से ऋण की वसूली न की जाए. पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि वर्तमान में समर्थन मूल्य पर उपार्जन केन्द्रों पर जो गेहूं की खरीदी की जा रही है, उसमें सहकारी समितियों के द्वारा ऋण वसूली भी की जा रही है. एक तो विलंब से गेहूं की खरीदी शुरु हो पाई और अभी प्रतिदिन कुछ किसानों से ही गेहूं खरीद हो रही है. अपनी फसले बेचने के लिए अनेक किसान इंतजार कर रहे हैं और जब कुद राशि मिलने की स्थिति बन रही है तब यह समिति स्तर पर कटौती की जा रही है.
86 मौतों के रिकार्ड का श्रेय भी आपको जाता है: पटवारी
मध्यप्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज फिर ट्वीट कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा है. उन्होंने ने लिखा है कि 'साम्प्रदायिकता की बात करने वाले मुख्यमंत्री आप ही हो, जिन्होंने व्यापमं में हत्याएं करवाई. आप ही हो, जिन्होंने किसानों की हत्या करवाई. आप ही हो, जिनकी नाकामी से प्रदेश बलात्कार में नंबर वन हो गया. अब कोरोना से प्रदेश में 86 मौतों के रिकार्ड का श्रेय भी मुख्यमंत्री को ही जाता है. एक अन्य ट्वीट में पटवारी ने लिखा है कि मध्यप्रदेश में लोग महामारी के काल के चले गए. पूरे प्रदेश से खबरे आ रही है कि प्रशासन की व्यवस्था ठीक नहीं है. इंदौर में एक दिन की भी पीपीई कीट स्टाक में नहीं बची और आपको साम्प्रदायिकता व अर्नब की चिंता सता रही है.
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ्रटेस्टिंग किट की कमी का मुद्दा उठाया है. उन्होंने कहा कि सरकार व जिÞम्मेदार क्या कर रहे हैं, समय पर कदम क्यों नहीं उठाए गए. उन्होंने कहा कि कोरोना से लड़ाई में सरकार ठोस कार्ययोजना बनाए और जमीनी काम करे, तभी मुश्किल के इस दौर से हम निकल पाएंगे.
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज फिर कोरोना को लेकर सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों पर हमला बोला है. पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कई जिÞले कोरोना महामारी के इस दौर में देश के रेड जोन में होकर हाट स्पाट बने हुए है. इंदौर- भोपाल में बढ़ती मरीजों की संख्या और हो रही मौतें बेहद चिंताजनक है. ऐसे में इंदौर- भोपाल में टेस्टिंग किट खत्म होने की खबर बेहद चिंताजनक व चौकने वाली है. उन्होंने कहा कि पहले से ही यहां सैम्पलो की पेंडेंसी बढ़ती जा रही है. ऐसे में टेस्टिंग किट की कमी यहां कोरोना से लड़ाई को प्रभावित करेगी. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में यहां मरीज अस्पतालों में भर्ती है, कई अपनी जांच कराने के इंतजार में है. कई क्वारंटाइन है , ऐसे संकट के दौर में टेस्टिंग किट की कमी बेहद चिंताजनक है. सरकार व जिÞम्मेदार क्या कर रहे है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि टेस्टिंग किट की कमी की जानकारी होने पर भी समय पर कदम क्यों नहीं उठाए गए. उसकी आपूर्ति क्यों सुनिश्चित नहीं की गई. उन्होंने कहा कि मैं पूर्व से ही सरकार से यह मांग कर रहा हूं कि टेस्टिंग संख्या बढ़ाई जाए, सैम्पलों की पेंडेसी बढ़ती जा रही है, लेकिन किट की कमी से यह कैसे संभव होगी. उन्होंने कहा कि सरकार तत्काल आवश्यक कदम उठाए, यह समय ठोस कार्ययोजना बनाने का है, जमीनी काम करने का है,तभी हम मुश्किल के इस दौर से निकल पाएंगे.
घोषणाओं पर अमल करे सरकार
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा कि शिवराज सरकार दावा कर रही है कि मजदूरों के खातो में एक-एक हजार रुपए डाल दिए गए हैं, वहीं पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव इंकार कर रहे है कि उनके क्षेत्र में मजदूरों के खाते में पैसे नहीं पहुंचे. उन्होंने कहा कि आखिर सच्चाई क्या है. सरकार ऐसे संकट के दौर में अपनी घोषणाओं पर अमल करे, गरीब मजदूरों के खाते में तत्काल राशि डाले.
किसानों की ऋण राशि की वसूली न की जाए
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मांग की है कि कोरोना संकट को देखते हुए किसानों से ऋण की वसूली न की जाए. पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि वर्तमान में समर्थन मूल्य पर उपार्जन केन्द्रों पर जो गेहूं की खरीदी की जा रही है, उसमें सहकारी समितियों के द्वारा ऋण वसूली भी की जा रही है. एक तो विलंब से गेहूं की खरीदी शुरु हो पाई और अभी प्रतिदिन कुछ किसानों से ही गेहूं खरीद हो रही है. अपनी फसले बेचने के लिए अनेक किसान इंतजार कर रहे हैं और जब कुद राशि मिलने की स्थिति बन रही है तब यह समिति स्तर पर कटौती की जा रही है.
86 मौतों के रिकार्ड का श्रेय भी आपको जाता है: पटवारी
मध्यप्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज फिर ट्वीट कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा है. उन्होंने ने लिखा है कि 'साम्प्रदायिकता की बात करने वाले मुख्यमंत्री आप ही हो, जिन्होंने व्यापमं में हत्याएं करवाई. आप ही हो, जिन्होंने किसानों की हत्या करवाई. आप ही हो, जिनकी नाकामी से प्रदेश बलात्कार में नंबर वन हो गया. अब कोरोना से प्रदेश में 86 मौतों के रिकार्ड का श्रेय भी मुख्यमंत्री को ही जाता है. एक अन्य ट्वीट में पटवारी ने लिखा है कि मध्यप्रदेश में लोग महामारी के काल के चले गए. पूरे प्रदेश से खबरे आ रही है कि प्रशासन की व्यवस्था ठीक नहीं है. इंदौर में एक दिन की भी पीपीई कीट स्टाक में नहीं बची और आपको साम्प्रदायिकता व अर्नब की चिंता सता रही है.
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