पुलिसकर्मियों पर चाकू से हमला करने वालों पर भड़के मुख्यमंत्रीकोरोना वायरस के संकट के बीच डाक्टरों और पुलिसकर्मियों पर हो रहे हमलों को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान ने आज साफ कर दिया है कि ऐसे बदमाशों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई करेंगे. नाराज मुख्यमंत्री ने कहा कि कबूतर हो या कचौड़ी किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.
राजधानी में टोटल लाकडाउन के पहले दिन जब इतवारा क्षेत्र में कुछ बदमाशों को लाकडाउन का पालन कराने पहुंचे पुलिसकर्मियों पर बदमाशों की टीम ने हमला बोल दिया. इस घटना में 2 पुलिसकर्मियों को बदमाशों ने चाकू भी मारा. बदमाश लाकडाउन के दौरान घरों से बाहर घूम रहे थे, जिन्हेंं पुलिस ने जाकर घर वापस जाने की समझाइश दी थी. इस दौरान पुलिसकर्मियों पर बदमाशों ने चाकू से हमला बोला था. इस मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. अब इन पर रासुका की तैयारी की जा रही है.
इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भड़क गए और उन्होंने बदमाशों को सख्त हिदायत देते हुए साफ कहा कि इनके खिलाफ रासुका की कार्रवाई की जाएगी. हमला करने वालों को लेकर पुलिस ने कहा है कि जिस व्यक्ति ने हमला किया है वह आदतन अपराधी है. इससे पहले भी वह अपराध कर चुका है और उसके कई अपराध राजधानी के निशातपुरा थाना क्षेत्र में भी दर्ज हैं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर लिखा कि दिन-रात एक कर जनता को इस महामारी से बचाने में लगे पुलिसकर्मियों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. कबूतर हो या कचौड़ी, किसी को बख्शा नहीं जाएगा. अराजकता फैलाने वाले गुंडे-बदमाशों को सबक सिखाना अतिआवश्यक है. इन गुंडों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी.
गौरतलब है कि भोपाल की इस घटना के पहले इंदौर में कोरोना का सैंपल लेने पहुंची डाक्टरों की टीम पर पथराव कर दिया गया था, जिसके बाद पुलिस ने एक्शन लिया था. पथराव करने वाले आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई. सिर्फ मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के अन्य कुछ इलाकों से भी इस प्रकार की दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आ रही हैं.
अधिकारियों ने नहीं किया गाइडलाइन का पालन
राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विवेक तन्खा ने ट््वीट कर आज शिवराज सरकार पर कोरोना वायरस को लेकर तय गाइडलाइन का अधिकारियों द्वारा पालन न किए जाने पर नाराजगी जताई. उन्होंने ट्वीट के जरिए कहा कि वो (मुख्यमंत्री) और उनके अधिकारियों ने कोरोना वायरस को लेकर तय गाइड लाइन का पालन नहीं किया. वो मरीज है, या अधिकारी, राज्य मानव अधिकार आयोग को इस बारे में हस्तक्षेप करना चाहिए. दरअसल राज्य के स्वास्थ्य महकमें के अधिकारियों की कोरोना पाजिटिव रिपोर्ट आने के बाद भी दो दिन तक न तो वे अस्पताल पहुंचे और न ही घरों पर उन्होंने अपने घरों पर कोरोना वायरस संक्रमित होने का पोस्टर ही लगाने दिया.
क्यों जनता को मारने पर तुले हो
स्वास्थ्य महकमें के 16 अधिकारियों और कर्मचारियों की कोरोना वायरस संक्रमित होने की पाजिटिव रिपोर्ट आने के बाद कांग्रेस ने भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर हमला बोला है. कांग्रेस की ओर से ट्वीटर पर कहा गया है कि ‘शिव’ राज में फिर बेलगाम अफसर, कोरोना संक्रमण के कई दिन बाद अस्पताल गए. स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव व अन्य अधिकारी संक्रमित होने के बावजूद अस्पताल नहीं गए और संक्रमण विभाग के 16 लोगों तक पहुंचा दिया. शिवराज जी, आपसे न सरकार संभलती है न अफसर. क्यों जनता को मारने पर तुल हो?
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