कांग्रेस ने किया कटाक्ष, सड़क पर उतरने वाले कर रहे आग्रहभाजपा के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पत्र लिखकर राज्य के कृषि मंत्री कमल पटेल को बधाई दी और राज्य के किसानों के प्रति चिंता जताई है. उन्होंने सुझाव दिया है कि चने, सरसों की फसल खरीद सीमा बढ़ाई जाए. वहीं सिंधिया के इस पत्र पर कांग्रेस ने कटाक्ष किया है. कांग्रेस ने कहा है कि जो कभी सड़क पर उतरने की धमकी देते थे, वे अब आग्रह करते नजर आ रहे हैं.
सिंधिया ने अपने संदेश में लिखा है कि मैं आपका ध्यान मध्यप्रदेश के किसानों की एक बड़ी गंभीर समस्या की ओर दिलाना चाहता हूं. हमारे प्रदेश में इस बार चने और सरसों की बंपर पैदावार हुई है. इन दोनों फसलों की सरकारी खरीद की सीमा अभी करीब 15 एवं 14 क्विंटल प्रति हेक्टेयर क्रमश: है. उन्होंने लिखा कि मेरा आपको सुझाव है कि यह प्रयास हो कि कोरोना संकट की इस घड़ी में प्रदेश के किसानों की चने और सरसों की फसल की सरकार द्वारा खरीद सीमा 20 क्विंटल तक वृद्धि की जाए तो संकट से जूझ रहे किसान को बहुत सहयोग और सहायता मिल जाएगी. मुझे आशा है मध्यप्रदेश के अन्नदाता के हित में शीघ्र ही आपका विभाग इस विषय में सकारात्मक एवं सशक्त कदम उठाएगा.
न अतिथि विद्वान और न किसान ध्यान आ रहे
ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कृषि मंत्री कमल पटेल को लिखे पत्र पर कांग्रेस ने कटाक्ष किया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया का प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल को संबोधित पत्र पढ़ा, पत्र की भाषा पढ़ी. पत्र में वे किसानों की समस्याओं को लेकर कृषि मंत्री से आग्रह कर रहे हैं, उन्हें सुझाव दे रहे हैं, उनका ध्यान आकर्षित कर रहे हैं और आशा कर रहे हैं उनके इस पत्र पर वे सकारात्मक कदम उठाएंगे. सलूजा ने कहा कि यही ज्योतिरदित्य सिंधिया कांग्रेस की सरकार में सीधे सड़कों पर उतरने की बात करते थे, अपने दंभ में रहते थे, अधिकारियों को सीधे निर्देश देते थे, चेतावनी देते थे. सलूजा ने कहा एक माह में ही उनकी यह स्थिति देखकर बड़ा आश्चर्य हो रहा है. अब ना अतिथि विद्वान ध्यान आ रहे हैं, ना किसान ध्यान आ रहे हैं, ना कर्ज़ माफी याद आ रही है, ना उनकी समस्या ध्यान आ रही है , ना जनसेवा ध्यान आ रही है , ना गरीबो की चिंता सता रही है और ना सड़कों पर उतरने की धमकी दी जा रही है.
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