भोपाल। लोकसभा के 2019 की तरह अगर इस बार भी लोगों की पसंद नोटा बना तो परिणाम विपरी
त हो सकते हैं। पहले चरण के छह लोकसभा सीटों में मंडला, छिंदवाड़ा और शहडोल में नोटा 20 हजार से ज्यादा मतदाताओं की पसंद बना था। इनमें मंडला में सबसे ज्यादा 32 हजार 240 लोगों ने और छिंदवाड़ा में 20 हजार 324 लोगों ने नोटा बटन दबाया था।ईवीएम से चुनाव होने के बाद से नोटा का ज्यादा उपयोग होता नजर आ रहा है। मतदाता की पसंद बने नोटा के कारण कहीं हार-जीत का अंतर कम हो जाता है, तो कहीं पर प्रत्याशी की हार का कारण भी यह बनता है। पिछले लोकसभा चुनाव यानि 2019 में अगर देखा कई स्थानों पर नोटा के चलते परिणाम बदले नजर आए थे। इसके चलते इस बार फिर राजनीतिक दलों में चिंता बढ़ने लगी है। खासकर पहले चरण के लिए होने वाले मतदान वाले छह क्षेत्रों में अगर देखा जाए तो नोटा की पसंद मंडला, छिंदवाड़ा और ष्शहडोल संसदीय सीटों पर ज्यादा रही है। छिंदवाड़ा में इसके चलते प्रत्याशी की जीत का अंतर भी काफी कम हुआ था। राज्य में पहले चरण में जहां मतदान होने वाला है उनमें मंडला में 32 हजार 240 मतदाताओं ने नोटा को पसंद किया था। इसी तरह छिंदवाड़ा में 20 हजार 324, ष्शहडोल में 20 हजार 27, सीधी में 5 हजार 627, जबलपुर में 4 हजार 102, बालाघाट में 4 हजार 242 मतदाताओं ने नोटा को पसंद किया था।

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