भोपाल। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के घोटाले में पूर्व कुलपति प्रो. सुनील कुमार को पुलिस ने रायपुर से गिरफ्तार कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने दस हजार रुपए का इनाम भी रखा था। सरकार ने घोटाला सामने आने के कुछ दिन बाद निलंबित किया था।
भोपाल के पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्रा ने कहा कि प्रो. सुनील कुमार को रायपुर से गिरफ्तार किया गया है। उनके भोपाल लाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों पर यूनिवर्सिटी के 19.48 करोड़ रुपये निजी खातों में ट्रांसफर करने के आरोप हैं। जांच में इन आरोपों की पुष्टि हुई है। इसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी और गिरफ्तारी की गई है। पुलिस इस मामले में दो बैंककर्मियों और दलित संघ के एक पदाधिकारी को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पूर्व रजिस्ट्रार आरएस राजपूत की अग्रिम जमानत याचिका भी कोर्ट ने पुलिस की आपत्ति के बाद खारिज कर दी थी। पुलिस को अब आरएस राजपूत और सेवानिवृत्त फाइनेंस कंट्रोलर ऋषिकेश वर्मा की तलाश है। इन दोनों पर ही दस-दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। इन्हें गिरफ्तार करने में मदद करने वालों को यह पुरस्कार राशि दी जाएगी।
गौरतलब है कि पूर्व कुलपति की गिरफतारी की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने फरार आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण का आरोप लगाया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आवास को घेरा भी था। इसके बाद सरकार और पुलिस सक्रिय हुए और तेजी से कार्रवाई हुई। प्रो. सुनील कुमार ने भोपाल जिला कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। पूर्व रजिस्ट्रार आरएस राजपूत, सेवानिवृत्ति फाइनेंस कंट्रोलर ऋषिकेश वर्मा इस मामले में फरार चल रहे हैं। तीनों पर पुलिस ने इनाम भी घोषित किया है और लुकआउट नोटिस जारी हो चुका है। पुलिस ने आरोपियों की संपत्ति की कुर्क करने की भी तैयारी कर ली है।

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