एक लाख कांग्रेसियों को भाजपा में लाने का लक्ष्य
भोपाल। लोकसभा चुनाव के पहले भाजपा अपने स्थापना दिवस 6 अप्रैल को धूमधाम के साथ मनाते हुए इस दिन बड़ा रिकार्ड बनाने की तैयारी कर रही है। भाजपा नेताओं ने यह दावा किया है कि पार्टी के स्थापना दिवस के दिन एक लाख कांग्रेसियों को भाजपा की सदस्यता दिलाएंगे। इस दावे के बाद कांग्रेस नेताओं की चिंता बढ़ने लगी है।
भाजपा 6 अप्रैल को पार्टी के स्थापना दिवस मनाने की तैयारी कर रही है। साथ ही इस दिन कांग्रेस को चुनाव के पहले बड़ा झटका देने की रणनीति पर भी काम किया जा रहा है। भाजपा के बड़े नेताओं ने दावा करना ष्शुरू कर दिया है कि स्थापना दिवस के दिन एक लाख कांग्रेसी भाजपा की सदस्यता लेंगे। यह दावा भी प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी ष्शर्मा और ज्वानिंग टोली के अध्यक्ष नरोत्तम मिश्रा द्वारा किया गया है। इस दावे ने कांग्रेस में एक बार फिर चिंता बढ़ाई है। कांग्रेस नेता पहले से ही भाजपा में जा रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को लेकर परेशान थे, मगर अब भाजपा नेताओं के दावे से उनकी नजरें फिर दल बदल करने वालों पर टिक गई है।
भाजपा नेताओं का यह है दावा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि पूरे मध्यप्रदेश के अंदर कांग्रेस के पास न तो नेतृत्व बचा है और जनता ने भी इनको नकार दिया है। भाजपा की स्थिति ये है कि आज बूथ-बूथ पर लोग भारतीय जनता पार्टी को ज्वॉइन कर रहे हैं और 6 अप्रैल को तो मध्यप्रदेश में एक लाख से अधिक लोग बीजेपी को ज्वॉइन कर रहे हैं। वहीं ज्वाइनिंग टोली के संयोजक नरोत्तम मिश्रा ने बताया है कि पार्टी ने स्थापना दिवस पर एक लाख कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाजपा में शामिल करने का लक्ष्य रखा है। जिसे लेकर भाजपा की निचले स्तर तक की इकाइयों को सक्रिय कर दिया गया है। नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा कांग्रेसी आ जाएं और एक रिकॉर्ड बन जाए यही हमारी कोशिश है।
तो भाजपा 2029 में अकेले ही चुनाव लड़ेगी
कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने आज खजुराहो में इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी के नामांकन जमा रने के बाद कहा कि भाजपा इस देश से प्रजातंत्र खत्म करने में सफल हो गई, तो 2029 का चुनाव अकेले ही लड़ेगी। तन्खा ने कहा कि आज प्रजातंत्र को बचाने की लड़ाई है। आज देश में आपातकाल का दूसरा रूप है। हम चाहते हैं कि जनता बाहर निकले और प्रजातंत्र-जनतंत्र को बचाए। भाजपा अकेली चुनाव लड़ेगी तो न विपक्ष होगा न दूसरी पार्टी होगी। हम नहीं चाहते चाइना और रूस जैसी व्यवस्था भारत में आए। आज प्रजातंत्र को खतरा है, जिसको बचाना है।

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