शनिवार, 20 अप्रैल 2024

कांग्रेसियों के भाजपाई बनने से भाजपा की बढ़ती जा रही मुसीबत

अपने नेता हो रहे नाराज, पूर्व मंत्री को मनाने घर पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष


भोपाल। भाजपा द्वारा लोकसभा चुनाव के दौरान न्यू ज्वाइनिंग टोली के जरिए बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं को भाजपा की सदस्यता दिलाई जा रही है। इससे कई भाजपा नेता नाराज नजर आ रहे हैं। खुलकर तो कोई सामने आकर नाराजगी नहीं जता रहा, मगर नाराज नेता घर बैठते नजर आ रहे हैं। ऐसे ही पूर्व मंत्री और नागौद से विधायक नागेन्द्र सिंह की नाराजगी सामने आई है, जिन्हें मनाने खुद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी ष्शर्मा को उनके घर जाना पड़ा, मगर उनकी नाराजगी कम नहीं हुई है।
भाजपा ने अपना कुनबा बढ़ाने के लिए कांग्रेस सहित अन्य दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को भाजपा में लाने के लिए अभियान तो चला दिया, मगर उसके लिए यह अभियान अब मुसीबत भी बन रहा है। पहले चरण के मतदान होने के बाद भाजपा नेताओं की नाराजगी को संगठन ने महसूस भी किया है। इसके चलते अब रूठों को मनाने की कवायद भी की जा रही है। दरअसल खजुराहो संसदीय सीट की नागौद विधानसभा सीट से विधायक और पूर्व मंत्री नागेन्द्र सिंह कांग्रेस नेताओं के भाजपा में शामिल किए जाने से नाराज चल रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह ने भाजपा की सदस्यता ली है। उनके और उनके साथ अन्य कांग्रेस नेताओं के भाजपा में आने के साथ ही पूर्व मंत्री नागेंद्र सिंह नाराज चल रहे हैं। हालांकि उन्होंने अपनी नाराजगी को खुलकर जाहिर नहीं किया। मगर संगठन के सामने उनकी नाराजगी की जानकारी तब आई जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सभा लेने पहुंचे थे, मगर पूर्व मंत्री उनकी सभा में नहीं पहुंचे। इसके बाद यह बात सामने आई कि वे संगठन से नाराज हैं। संगठन को जब इस बात की जानकारी मिली तो प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी ष्शर्मा को खुद पूर्व मंत्री के निवास पर जाना पड़ा। बताया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री के बीच बंद कमरे में आधा घंटे की चर्चा हुई है। उन्होंने पूर्व मंत्री को मनाने का प्रयास तो किया है, मगर सूत्रों की माने तो वे अब तक नाराज हैं। एक तरह से वे सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर नजर आ रहे हैं।
भाजपा को हो सकता है नुकसान
पूर्व मंत्री नागेन्द्र सिंह का विधानसभा क्षेत्र नागौद सतना संसदीय सीट में आता है। अगर उनकी नाराजगी दूर नहीं हुई तो भाजपा प्रत्याशी को यहां नुकसान हो सकता है। सतना संसदीय सीट पर वैसे भी त्रिकोणीय मुकाबला हो गया है। यहां भाजपा और कांग्रेस के अलावा बसपा ने पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी को मैदान में उतारा है। इसके चलते समीकरण बिगड़ने आसार भी नजर आ रहे हैं। नागेन्द्र सिंह खजुराहो संसदीय सीट से 2014 के लोकसभा चुनाव में सांसद भी निर्वाचित हुए हैं, उनका खासा प्रभाव सतना के अलावा खजुराहो संसदीय सीट पर भी है।

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