रविवार, 7 अप्रैल 2024

दिग्विजय के गढ़ राजगढ़ में बढ़ने लगी भाजपा की सक्रियता

मुख्यमंत्री मोहन यादव के अलावा मंत्री सारंग भी पहुंचे 


भोपाल। छिंदवाड़ा के बाद अब भाजपा ने राजगढ़ में किलेबंदी की रणनीति तेज कर दी है। प्रदेश सरकार के एक मंत्री ने वहां डेरा डाल दिया है। इसके अलावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वी डी ष्शर्मा पहले वहां का दौरा कर आए है। अब मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने एक पखवाड़े में दूसरी बार राजगढ़ का दौरा कर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का काम किया है। संगठन भी अब इस सीट पर सक्रियता को बढ़ा रहा है। 

लंबी जद्दोजहद के बाद कांग्रेस पार्टी द्वारा कांग्रेस नेता दिग्विजयसिंह को राजगढ़ से लोकसभा का उम्मीदवार बनाया है। राजगढ़ दिग्विजय के गढ़ के रूप में जाना जाता है। उनके मैदान में उतरने के साथ ही कांग्रेस पूरी तरह से एकजुट नजर आ रही है। ऐसे में अब दिग्विजयसिंह के किले को घेरने के लिए भाजपा भी कोई कोर कसर बाकी रखना नहीं चाहती। यही कारण है कि 15 दिन के भीतर मुख्यमंत्री मोहन यादव लोकसभा क्षेत्र में लगातार दूसरी बार राजगढ़ पहुंचे। इसके पहले वह सबसे पहले 26 मार्च को चांचौड़ा विधानसभा क्षेत्र के बीनागंज में पहुंचे थे और नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम के जरिए उन्होंने दिग्विजयसिंह व किले के विरुद्ध मोर्चाबंदी करने का प्रयास किया था। आज मुख्यमंत्री ने विधानसभा स्तरीय सम्मेलन में भाग लिया और पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं में जोश भरा है। मुख्यमंत्री के अलावा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी डी ष्शर्मा खुद राजगढ़ का दौरा कर चुके हैं। इसके अलावा राज्य के मंत्री विश्वास सारंग ने भी वहां सक्रियता बढ़ाई है। सारंग ने यहां पहुंचकर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना ष्शुरू किया साथ ही वे दिग्विजय सिंह पर हमले भी बोल रहे हैं। सिंह पर वे उनके मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान बिजली और सड़कों की हालत को लेकर हमले बोल रहे हैं। साथ ही मोदी सरकार के कार्यकाल के काम गिना रहे हैं। 

गौरतलब है कि भाजपा का लक्ष्य अब छिंदवाड़ा के बाद राजगढ़ संसदीय सीट पर फोकस हो रहा है। जल्द ही इस सीट पर संगठन पदाधिकारी और मंत्रियों की सक्रियता बढ़ती नजर आएगी। भाजपा सूत्रों की माने तो छिंदवाड़ा में पहले चरण में मतदान है, जबकि राजगढ़ में तीसरे चरण में मतदान होना है। इसके चलते छिंदवाड़ा के बाद वरिश्ठ नेताआें की सक्रियता यहां पर बढ़ेगी। 


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें