भोपाल। लोकसभा चुनाव में दूसरे चरण के छह लोकसभा क्षेत्रों में कम मतदान प्रतिशत ने एक बार फिर राजनीतिक दलों के बीच नई बहस छेड़ दी है। कांग्रेस कम मतदान को लेकर उत्साहित नजर आ रही है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि भाजपा को इससे नुकसान हो रहा है। दूसरी और भाजपा नेता इस अपनी हार नहीं मान रहे, बल्कि उनका कहना है कि परिणाम आने के बाद उसके और विपक्षी पार्टी के बीच 20 प्रतिशत के मत का अंतर होगा।छह लोकसभा क्षेत्रों में कम हुए मतदान के बाद प्रदेश में नई बहस भी छिड़ रही है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के नेता अपने-अपने तरीके से इसकी समीक्षा कर तर्क दे रहे हैं कि कम मतदान उनके पक्ष में ही रहेगा। भाजपा का मानना है कि परिणाम आने पर जीत सुनिश्चित है। वहीं कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि कम मतदान होना भाजपा के लिए चिंता का कारण है, उसके पक्ष में मतदान नहीं हुआ है। दोनों ही दल अपनी जीत का दावा भी कर रहे हैं। दरअसल प्रदेश में दूसरे चरण में 6 सीटों पर 58.26 प्रतिशत मतदान हुआ है। बीते लोकसभा चुनाव में इन सीटों पर हुए मतदान को देखें तो करीब नौ प्रतिशत मतदान कम हुआ है। 2019 में इन छह सीटों पर औसतन 67.77 प्रतिशत मतदान हुआ था।
पहले चरण से भी कम हुआ मतदान
लोकसभा चुनाव 2024 के दूसरे चरण में शुक्रवार को 58.26 फीसदी मतदान हुआ, जबकि 2019 में 67.64 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस तरह इसमें 9.29 फीसदी की गिरावट आई। पहले चरण में 67.75 फीसदी मतदान हुआ था, जो कि 2019 के 75.24 फीसदी के मुकाबले 7.47 कम था।
जनता ने नफरत की राजनीति को नकाराः कमलनाथ
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कांग्रेस को मजबूत स्थिति में बताया है। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने नफरत की राजनीति को नकार दिया है। कमलनाथ ने लिखा है कि लोकसभा चुनाव के पहले और दूसरे चरण के मतदान के बाद स्पष्ट हो गया है कि देश की जनता ने नफरत की राजनीति को नकार दिया है। मध्यप्रदेश की 6 सीटों समेत पूरे देश की 88 सीटों पर कांग्रेस बेहद मज़बूत स्थिति में है। जनता ने कांग्रेस के पाँच न्याय का समर्थन कर देश में परिवर्तन के लिए मतदान किया है।
कम हो रहा प्रधानमंत्री मोदी का जादू : मुकेश नायक
मध्यप्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक का कहना है कि यह केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ एंटी इंकम्बेंसी है। मतदान प्रतिशत के कम होने से साफ है कि प्रधानमंत्री मोदी का जादू कम हो रहा है। इससे उस दावे की भी पोल खुल रही है, जिसमें प्रधानमंत्री को ग्लोबल लीडर और चार सौ पार की बात कही जा रही थी। पिछली बार भाजपा जिन शहरी क्षेत्रों से जीती, उन्हीं जगह मतदान में कमी आ रही है। इस चुनाव में महंगाई, बेरोजगारी से परेशान मतदाता अपने मत का प्रयोग कर रहा और जिसे अब मोदी से कोई उम्मीद नहीं है वो वोट डालने नहीं जा रहा है।
विपक्षी पार्टियों का मतदान कम हो रहा : आशीष अग्रवाल
मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल का कहना है की, प्रदेश में विपक्षी पार्टियों का मतदान कम हो रहा है। उनके कार्यकर्ताओं में हताशा और निराशा है। उनका ना कोई नेता है ना कोई नीति है। ना कार्यों का लेखा जोखा है। इस चुनाव में मत प्रतिशत कम होने के बाद जो परिणाम आएंगे, वो नजीर बनेंगे। भाजपा और विपक्षी पार्टी के बीच 20 प्रतिशत के मत का अंतर होगा।
3 धार और खरगौन में प्रधानमंत्री की 6 मई को होगी सभाएं
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रदेश में आठ जनसभा एवं रोड शो कर चुके हैं। इसके बाद भी प्रदेश में उनकी मांग बढ़ती जा रही है। प्रदेश में चुनाव चार चरण में होना है इसके हिसाब से चुनाव प्रबंधन समिति ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम तैयार किए हैं। प्रधानमंत्री मोदी अब 6 मई को धार एवं खरगौन में सभा करेंगे।
प्रदेश में पहले चरण में जहां मतदान होना था उस हिसाब से चुनाव प्रबंधन समिति ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम तैयार किए थे, जिसमें जबलपुर में रोड शो और बालाघाट में जनसभा की थी। इसके बाद दूसरे चरण के मतदान को ध्यान में रखते हुए नर्मदापुरम (होशंगाबाद) के पिपरिया और दमोह में जनसभा का कार्यक्रम बनाया गया। इसके बाद सागर हरदा और भोपाल का कार्यक्रम तैयार किया गया। इस तरह प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश के महाकौशल एवं मध्यभारत के साथ बुदेलखंड के क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशियों का प्रचार किया, लेकिन प्रधानमंत्री का मालवा-निमाड़ में अभी तक कोई कार्यक्रम नहीं हुआ है इसको ध्यान में रखते हुए पार्टी ने आगामी मई माह में 6 तारीख को मालवा-निमाड़ के धार और खरगौन में कार्यक्रम तैयार किया है, यहां चौथे चरण में 13 मई को चुनाव होना है।

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