सोमवार, 29 अप्रैल 2024

बम के कांग्रेस छोड़ने पर अपने ही उठा रहे सवाल


हाईकमान और बड़े नेताओं को बना रहे निशाना

भोपाल। इंदौर में कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम के नामांकन वापस लेने के बाद कांग्रेस नेता ही सवाल खड़े कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का गुस्सा अब हाईकमान और प्रदेश संगठन के नेताओं पर फूट रहा है।
कांग्रेस के इंदौर से प्रत्याशी अक्षय कांति बम के नामांकन वापस लेने के बाद कांग्रेस पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं की नाराजगी अब कांग्रेस हाईकमान और बड़े नेताओं पर उतर रही है। इंदौर के कार्यकारी जिला अध्यक्ष देवेन्द्र यादव का इस नाराजगी को लेकर किसी नेता से फोन पर चर्चा करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वे किसी नेता से फोन पर चर्चा करते हुए र भड़कते हुए नजर आ रहे हैं और साफ-साफ ये भी कह रहे हैं कि उन्हें पहले से इस बात का यकीन था कि बम पीछे हट जाएगा और नाम वापस ले लेगा लेकिन किसी भी नेता ने उसकी बात नहीं सुनी। चर्चा है कि देवेन्द्र यादव ने सीधे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को फोन लगाया था और उन्हें भी खरी-खोटी सुनाई है।
पार्टी पैसे देकर टिकट देती है, अब भुगतो खामियाजा
यादव का जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें वे यह कहते दिखाई दे रहे हैं कि मैंने टिकट ताकत से मांगा था और कहा था कि इससे अच्छे से चुनाव लड़ूंगा। लेकिन पैसे को देखते हुए हमारे कांग्रेस के नेताओं ने टिकट दिया, क्यों टिकट दिया उसको ? क्या योगदान था उसका कांग्रेस के लिए, उसने कौन सा संघर्ष किया कांग्रेस के लिए जो आपने उठाकर उसको टिकट दिया ? ये पार्टी कार्यकर्ताओं को देखना चाहिए कांग्रेस हम जैसे कार्यकर्ताओं को मार रही है। हमने टिकट भी दमदारी से मांगा था और आज भी यहां दमदारी से खड़ा हूं वो निकल गया नहीं तो बताते उसको। सब पार्टी की गलती है पार्टी क्यों ऐसे लोगों को टिकट देती है क्यों पैसे देखकर टिकट देती है? अब भुगतो इसका खामियाजा।
तुम तो फुस्सी बम निकले, तुमसे अच्छी तो वेश्याएं
कांग्रेस प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया सलाहकार केके मिश्रा ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि अक्षय बम, तुम तो ’फुस्सी बम’ निकले, तुमसे अच्छी तो वेश्याएं हैं। जो अपने फ़्रोफ़ेशन के प्रति ईमानदार होती हैं, कितने में बिके हो? वक्त हमेशा बदलता है। जिस कारण बिके हो। वही कारण हमेशा कायम रहेगा। वही तुम्हें भविष्य में शिकंजे में भी लेगा। उन्होंने लिखा कि लिखा है कि विश्वासघात महंगा पड़ेगा। मुझे मालूम था तुम्हारी क़ीमत लग चुकी है। इससे मैं 15 पहले पार्टी के एक वरिष्ठ नेता को बता चुका था, आख़रिकार वह सच साबित हुआ। इसी ख़ातिर मैंने तुम्हारे पक्ष में आज तक कुछ नहीं बोला, क्योंकि मुझे मालूम था कि मेरी भावनाएं किसी ’गद्दार’ को समर्पित हो सकती हैं।

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