मंगलवार, 9 अप्रैल 2024

बालाघाट रेड अलर्ट निर्वाचन क्षेत्र की श्रेणी में

भाजपा, कांग्रेस, बसपा और निर्दलीय प्रत्याशियों पर दर्ज हैं आपराधिक मामले


भोपाल। प्रदेश में पहले चरण के लिए जिन छह लोकसभा क्षेत्रों में चुनाव होना है, उनमें बालाघाट लोकसभा क्षेत्र को रेड अलर्ट निर्वाचन क्षेत्र की श्रेणी में रखा गया है। पहले चरण में देशभर में 102 निर्वाचन क्षेत्र ऐसे हैं, जिन्हें रेड अलर्ट निर्वाचन श्रेणी में रखा है। बालाघाट में मैदान में उतरे प्रत्याशियों में चार प्रत्याशी ऐसे हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले हैं। 

वामपंथी उग्रवाद प्रभावित लोकसभा क्षेत्र बालाघाट राज्य का एकमात्र निर्वाचन क्षेत्र है, जिसे रेड अलर्ट निर्वाचन क्षेत्र की श्रेणी में रखा गया है। रेड अलर्ट निर्वाचन क्षेत्र वे निर्वाचन क्षेत्र हैं जहां तीन या अधिक चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। लोकसभा चुनाव 2024 के प्रथम चरण में 102 निर्वाचन क्षेत्रों में से 42 (41 प्रतिशत) रेड अलर्ट निर्वाचन क्षेत्र हैं। बालाघाट में कांग्रेस, बसपा समेत चार प्रत्याशियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है।

बसपा प्रत्याशी

बसपा उम्मीदवार कंकर मुंजारे को 21वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश और विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए) भोपाल ने दोषी ठहराया है, जिसने 7 दिसंबर, 2020 को उन पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। उन्होंने सजा के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की है। उनके खिलाफ करीब पांच गंभीर मामले दर्ज हैं। कांग्रेस प्रत्याशी सम्राट अशोक सिंह सरसवार पर अश्लील हरकतों और गानों (आईपीसी धारा 294) के मामले में आरोप पत्र दायर किया गया है। एक आरोप स्वेच्छा से चोट पहुँचाने के लिए सज़ा से संबंधित है।

निर्दलीय उम्मीदवार

निर्दलीय उम्मीदवार धनेंद्र देव पवार बनवारी सेठ के खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं। इनमें चोरी, दंगा, घातक हथियार से लैस होना, गैरकानूनी सभा से संबंधित आरोप शामिल हैं। एक अन्य स्वतंत्र उम्मीदवार राजकुमार नागेश्वर पर लोक सेवक को अपना कर्तव्य निभाने से रोकने के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाने का आरोप है। उन पर अश्लील हरकतों और गानों से जुड़े आरोप भी हैं।


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