प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर और केबीसी में 50 लाख जीतकर रही है सुर्खियों में
भोपाल। श्योपुर जिले की नायब तहसीलदार अमिता सिंह तोमर ने वरिष्ठ अधिकारियों की अनदेखी के चलते अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अमिता सिंह ने श्योपुर कलेक्टर संजय कुमार के नाम से सौंपे गए त्याग पत्र में लिखा है कि उन्होंने लगातार हो रही उपेक्षा के चलते यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि बीते 3 साल से उनको तहसील ना देकर लूप लाइन माने जाने वाले विभागों का दायित्व सौंपा जा रहा था।
तहसीलदार अमिता सिंह तोमर ने कलेक्टर संजय सिंह को लिखा इस्तीफे में कहा है कि मेरे सब्र का बांध उस समय टूट गया, जब नवागत कलेक्टर संजय कुमार ने तहसीलों के कार्य विभाजन के दौरान भी मेरी अनदेखी की। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि अफसरों ने कभी निर्वाचन की जिम्मेदार दी तो कभी एसएलआर बनाया, जबकि तहसीलदार होने के बावजूद कलेक्टर ने उनके जूनियर और नायब तहसीलदारों को तहसीलदार के पद पर पोस्टिंग दी। ऐसी स्थिति में वह मानसिक रूप से परेशान हूं और खुद को अपमानित महसूस कर रही हूं। उन्होंने लिखा कि उन्हें नई कलेक्टर से उम्मीद थी कि वह उन्हें न्याय देंगे, लेकिन अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के बहकावे में आने की वजह से उन्होंने भी न्याय नहीं दिया और इससे वह खुद को अपमानित महसूस कर रही है।
प्रधानमंत्री को भी लिख चुकी है पत्र
तहसीलदार अमिता सिंह हमेशा चर्चा में रही है। वे साल 2011 में सोनी टीवी के गेम शो कौन बनेगा करोड़पति (केबीसी) के चौथे सीजन में 50 लाख रूपए जीतकर सुर्खियों में आई थीं। वे बार-बार किए जाने वाले तबादलों को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी पत्र लिख चुकी है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ पोस्ट डालने को लेकर भी चर्चा में रही है। इस मामले में वे एक बार निलंबित भी हो चुकी हैं।

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