गुरुवार, 24 अगस्त 2023

नहीं बनी नामों पर सहमति, टल सकता है मंत्रिमंडल विस्तार


चलता रहा बैठकों का दौर, संगठन 

भोपाल। तीन दिन से मंत्रिमंडल विस्तार की चल रही अटकलों पर विराम लग सकता है। माना जा रहा है कि विस्तार टल सकता है। इसके पीछे नामों पर सहमति का नहीं बनना है। संगठन चुनाव के पहले किसी तरह का विवाद खड़ा हो इससे बचना चाह रहा है। 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मंगलवार की रात राज्यपाल से हुई मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हो गई थी। इसके बाद कयास इस बात के लगाए जा रहे थे कि आज गुरूवार को विस्तार हो सकता है और नए मंत्री ष्शपथ ले सकते हैं। विस्तार को लेकर बुधवार की रात को मुख्यमंत्री निवास पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और संगठन पदाधिकारियों की बैठक होती रही, मगर नामों पर सहमति नहीं बनी। आज गुरूवार की सुबह भी बैठक हुई, लेकिन स्थिति वैसी ही बनी रही। इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान छिंदवाड़ा और बैतूल के अपने तय कार्यक्रमों में ष्शामिल होने के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री का आज बैतूल में रात्रि विश्राम का कार्यक्रम भी है। इसके चलते आज होने वाला विस्तार टल गया है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के बैतूल से लौटने के बाद ही इस पर कोई फैसला होगा। 

गौरतलब है कि विस्तार को लेकर दो नामों गौरीशंकर बिसेन और राजेन्द्र शुक्ल के नामों पर तो पहले से ही सहमति थी, मगर दो नामों पर सहमति नहीं बन पाई। संगठन चाहता था कि जातिगत और क्षेत्रीय समीकरण बैठाते हुए विस्तार किया जाए। इसके चलते विंध्य, महाकौशल, बुंदेलखंड और मालवा अंचल से नामों पर विचार किया जाता रहा, लेकिन बात नहीं बनी। 


नहीं मिल पाएगा ज्यादा वक्त

मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर यह बात भी उठ  रही है कि अब विस्तार से कोई फायदा नजर नहीं आ रहा है। विस्तार किया जाता है तो मंत्रियों को एक से दो माह का समय ही मिलेगा, जिसमें वे अपने अंचल में कोई खास प्रभाव नहीं डाल पाएंगे। विस्तार में गौरीशंकर बिसेन, राजेन्द्र शुक्ला के नामों को तो करीब-करीब हरी झंडी मानी जा रही थी, मगर प्रीतम लोधी, राहुल लोधी और जालम सिंह पटेल के नामों पर सहमति नहीं बन पा रही थी। 


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें