गुरुवार, 10 अगस्त 2023

कमजोर सीटों पर बड़े नेता करेंगे लगातार दौरे


भाजपा संगठन हारी सीटों को लेकर हुआ सक्रिय

भोपाल।  विधानसभा चुनाव में भाजपा दो सौ पार और 51 फीसदी वोट पाने के लक्ष्य को लेकर मैदान में हैं, मगर उसकी परेशानी अब भी कमजोर सीटें बनी हुई है। भोपाल से लेकर दिल्ली तक बड़े नेताओं को इसी बात की चिंता है कि इन सीटों पर किस रणनीति के तहत मैदान में उतरा जाए, जिससे जीत हासिल हो। अब दिल्ली के नेताओं के निर्देश के बाद प्रदेश संगठन ने इन सीटों को फोकस कर दौरे तेज कर दिए हैं। 

मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा किसी भी तरह से बहुमत हासिल कर सरकार बनाने की रणनीति पर काम कर रही हैं, मगर उसके सामने कभी कार्यकर्ता और नेताओं की नाराजगी आती है, तो कभी संगठन की रणनीति के कारण दिल्ली के नेता नाखुश नजर आते हैं। भोपाल से लेकर दिल्ली तक इन दिनों भाजपा में केवल कमजोर और हारी सीटों को लेकर चर्चा जारी है। कई बार बैठकों को दौर हो चुका है, मगर इन सीटों पर जीत का समीकरण किस तरह का बैठाया जाए, यह फैसला नहीं हुआ है। इन सीटों की जिम्मेदारी किस नेता को सौंपी जाए, प्रदेश संगठन अब तक यह भी तय नहीं कर पाया है। भाजपा नेताओं की माने तो कमजोर और हारी सीटों की संख्या करीब 60 हैं। ये सीटें भाजपा का गणित बिगाड़ती रही है। इन सीटों को लेकर अब भाजपा के दिल्ली के नेताओं ने फिर से कसावट की है। प्रदेश के नेताओं को निर्देश दिए हैं कि इन साटों पर फोकस कर लगातार दौरे किए जाएं। दौरे भी वरिश्ठ नेताओं के हों। 

दिल्ली के नेताओं के निर्देश के बाद अब प्रदेश संगठन के नेताओं ने अपने दौरे बढ़ा दिए हैं। कार्यकर्ता सम्मेलनों के अलावा बैठकों का दौर भी तेज हो चला है। इसके बाद भी भाजपा नेताओं की िंचता दूर नहीं हो रही है। 

नए चेहरे दिख सकते हैं मैदान में

भाजपा इन कमजोर और हारी सीटों पर इस बार नए चेहरों पर दाव खेल सकती है। वरिश्ठ नेताओं द्वारा इस पर भी मंथन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि संगठन इन सीटों पर इस बार किसी तरह की कोई कमजोरी नहीं रखना चाह रहा है। साथ ही इन सीटों को जीताने की जिम्मेदारी भी नेताओं को सौंपी जा सकती है। 

कांग्रेस में तीन स्तर पर सर्वे

प्रदेश कांग्रेस द्वारा टिकट वितरण को लेकर सर्वे को ही आधार बनाया जा रहा है। इसको लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के अलावा एआईसीसी अपना अलग सर्वे करा रही है। बताया जा रहा है कि दोनों सर्वे और स्थानीय नेताओं की राय के बाद ही कांग्रेस प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को अंजाम देगी। एआईसीसी द्वारा तीन स्तर पर सर्वे कराया जा रहा है। इस सर्वे के तहत मैदानी स्तर पर जनता से फीडबैक लिया जा रहा है। वहीं प्रबुद्धजनां से भी चर्चा की जा रही है। इसके अलावा माइक्रो लेवल पर विधानसभा क्षेत्र में जातिगत समीकरण, वर्ग विशेश में पकड़ रखने वाले व्यक्ति का कितना और किस तरह से चुनाव में फायदा मिलेगा यह भी देखा जा रहा है। 


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