शनिवार, 12 अगस्त 2023

कईयों को मिला इशारा, कुछ पर मंडराया टिकट का संकट


डेढ़ दर्जन वर्तमान विधायकों के कांग्रेस काट सकती है टिकट 

भोपाल।  कांग्रेस में टिकट को लेकर मच रहे घमासान को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने अपने सर्वे के हिसाब से सौ के करीब विधानसभा सीटों पर संभावित प्रत्याशियों को मैदान में सक्रियता बढ़ाने का इशारा दे दिया है। प्रदेश अध्यक्ष के इशारा मिलते ही दावेदार भी सक्रिय हो गए हैं। वहीं करीब डेढ़ दर्जन वर्तमान विधायकों पर अब भी टिकट का संकट मंडरा रहा है। माना जा रहा है कि इनकी स्थिति अच्छी नहीं है, फिर भी कमलनाथ ने उन्हें अपनी स्थिति को सुधारने का मौका दिया है। वैसे इन्हें संकेत इस बात के भी दिए गए हैं कि उनका टिकट कट भी सकता है। 

प््रदेश कांग्रेस  अध्यक्ष कमलनाथ पूर्व से ही दावेदारों को इस बात का संकेत देते रहे है कि इस बार टिकट सर्वे में जीत के योग्य पाए जाने वाले दावेदार को ही टिकट दिया जाएगा। सर्वे के अलावा स्थानीय नेताओं की सहमति भी जरूरी है। कमलनाथ के अलावा राहुल गांधी की टीम भी प्रदेश में सर्वे कर रही है। दोनों के सर्वे के बाद ही प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को कांग्रेस पूरा करेगी। वैसे दावेदार को अपने क्षेत्र में अधिक समय मिले, इसके चलते कमलनाथ ने फिलहाल अपने सर्वे के हिसाब से करीब सौ दावेदारों को मैदानी सक्रियता बढ़ाने का इशारा दिया है। कमलनाथ का इशारा मिलते ही दावेदार अपने क्षेत्रों में सक्रियता दिखाने भी लगे हैं। 

लगातार हारने वाले को टिकट नहीं

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने इस बार टिकट के लिए कई तरह के क्राइटएरिया भी तय किए हैं। इनमें से एक यह भी है कि जो व्यक्ति लगातार तीन या चार बार चुनाव हार चुका है, उसे पार्टी टिकट नहीं देगी। इस बात को भी उन्होंने दावेदारों को स्पष्ट कर दिया है। सूत्रों की माने तो कई विधानसभा क्षेत्रों में लगातार हारने वाले एक बार फिर टिकट के दावेदारी कर रहे थे, इसे देखते हुए उन्होंने यह बात साफ कर दी है कि संगठन लगातार हारने वाले पर टिकट का विचार नहीं करेगा। 

हारी सीटों के प्रत्याशी पहले होंगे तय

कांग्रेस संगठन इस बात पर विचार कर रहा है कि सबसे पहले हारी सीटों पर प्रत्याशी का चयन किया जाए। ताकि यहां पर संगठन और प्रत्याशी दोनों ही को अधिक समय मिले और मैदानी ताकत को बढ़ाया जाए। वैसे ये हारी सीटें वे हैं, जिन पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के संकेत मिलने के बाद दिग्विजय सिंह सक्रिय हुए थे। उन्होंने हर सीट पर जाकर कार्यकर्ताओं और नेताओं को एकजुट रहकर चुनाव मैदान में उतरने को कहा था। इन सीटों की संख्या 66 है। इन सीटों पर कांग्रेस अगस्त माह में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया पूरी करना चाह रही थी, मगर फिलहाल यह मामला अटका हुआ है। 


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