शुक्रवार, 18 अगस्त 2023

न कोई प्रत्याशी बदलेगा, न बदलेगी किसी की सीट

प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद संगठन का सीधा जवाब

भोपाल। मध्यप्रदेश भाजपा द्वारा जारी की 39 प्रत्याशियों की सूची के बाद उठ रहे विवादों को लेकर संगठन ने साफ कर दिया है कि न तो कोई प्रत्याशी बदला जाएगा और न ही किसी प्रत्याशी की सीट को बदला जाएगा। सोच-समझकर सूची जारी की गई है, इसमें बदलाव की कोई संभावना नहीं है। 

प्रदेश में भाजपा ने समय से पहले हारी हुई सीटों को फोकस करते हुए 39 सीटों पर अपने प्रत्याशी घोशित कर दिए। इसके बाद डिंडोरी और मुरैना जिलों के अलावा कुछ और स्थानों पर विरोध के ष्शुरू भी तेज हुए, मगर अब भाजपा संगठन ने साफ कर दिया कि सूची में किसी भी तरह का कोई परिवर्तन नहीं होगा। सूची के जारी होने के बाद छतरपुर में ललिता यादव को टिकट दिए जाने के बाद यहां से दावेदारी कर रहीं अर्चना सिंह के समर्थक सड़कों पर उतर आए। इसके अलावा एक दर्जन से ज्यादा सीटें ऐसी हैं जहां पार्टी टिकट के खिलाफ ही कार्यकर्ताओं और नेताओं ने लामबंद होकर मोर्चा खोल दिया है। चंबल अंचल की सबलगढ़ विधानसभा सीट से भाजपा के प्रदेश मंत्री रणवीर रावत की दावेदारी थी, लेकिन पार्टी ने यहां से सरला रावत को टिकट दे दिया। इससे नाराज रणवीर रावत के बेटे आदित्य ने सोशल मीडिया पर पार्टी के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर दी। बाद में नरेंद्र सिंह तोमर के हस्तक्षेप के बाद इस पोस्ट को डिलीट कराया गया।

चाचौड़ा सीट पर भी असंतोष के स्वर उठ रहे हैं। यहां से पार्टी ने नए चेहरे के रूप में जीएसटी कमिश्नर प्रद्युम्न सिंह मीणा की  पत्नी प्रियंका को टिकट दे दिया है। वे साल भर पहले ही भाजपा की सदस्य बनी हैं। इसका विरोध वहां से विधायक रहीं ममता मीणा और उनके रिटायर्ड आईपीएस पति रघुवीर मीणा कर रहे हैं। शिवपुरी जिले की पिछोर सीट से प्रीतम सिंह लोधी को टिकट मिलने से बाकी नेता खफा हो गए हैं। प्रीतम सिंह ब्राह्मण विरोधी टिप्पणी के कारण एक बार पार्टी से निकाले भी जा चुके हैं। इसी तरह ओमप्रकाश धुर्वे शहपुरा के बजाय डिंडौरी सीट से चुनाव लड़ने की मांग संगठन से कर रहे हैं। सुमावली, महाराजपुर, बंडा, राऊ, पुष्पराजगढ़, बरगी, लांजी और मुलताई सहित अन्य सीटों पर भी अंतर्कलह दिखनी शुरू हो गई है।

राजधानी में भी फंसा पेंच

भोपाल उत्तर सीट पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समर्थक पूर्व महापौर का नाम तय हुआ है। अल्पसंख्यक बाहुल्य इस सीट से संघ के प्रचारक चेतन भार्गव और उनके भाई देवेंद्र भार्गव, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश केसवानी, एमआईसी मेंबर मनोज राठौर भी यहां से दावेदारी कर रहे थे। इधर, भोपाल मध्य सीट पर पेंच ज्यादा फंसा हुआ है। पार्टी ने यहां से पूर्व विधायक ध्रुव नारायण सिंह को टिकट दिया तो मुख्यमंत्री निवास और संगठन के करीबी पूर्व विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह खफा हो गए हैं। भोपाल मध्य सीट से दिल्ली से सीधा कनेक्शन रखने वाले प्रदेश मंत्री राहुल कोठारी, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. हितेष बाजपेयी और वीडी शर्मा के बेहद करीबी एवं जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी भी लाइन में थे। ऐसे में यहां डैमेज कंट्रोल करना भी पार्टी के लिए कठिन चुनौती होगी।

फैसले के खिलाफ नहीं जाएगा कार्यकर्ता

विवादों को लेकर भाजपा संगठन ने ये साफ कर दिया है कि वह इस तरह के हालातों को काबू कर लेगी। प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा का दावा है कि पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता पार्टी के फैसले के खिलाफ नहीं जाएगा। वहीं केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने रूठों से बातचीत का सिलसिला भी तेज कर दिया है। 


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