प्रदेश कांग्रेस में यह माना जा रहा था कि पार्टी अगस्त माह में प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर सकती है। इस सूची में कांग्रेस द्वारा चिन्हित की वे 66 सीटें थी, जहां पर कांग्रेस को लगातार हार मिलती रही है। इन सीटों को लेकर पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने नेताओं से चर्चा कर जल्द प्रत्याशी घोशत करने की रणनीति तय की थी, मगर अब माना जा रहा है कि कांग्रेस इस मामले में जल्दबाजी नहीं करेगी। खुद कमलनाथ ने इस बात के संकेत दिए हैं कि पार्टी प्रत्याशी की घोषणा में जल्दबाजी नहीं करेगी। जिन लोगों के टिकट पक्के माने जा रहे हैं, उन्हें मैदान में सक्रिय रहने को कह दिया है। वहीं अधिकांश सीटों पर कांग्रेस अब भी सर्वे में उलझी है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के अलावा राहुल गांधी भी अपना सर्वे करा रहे हैं, दोनों ही सर्वे और स्थानीय नेताओं की राय के बाद ही अब प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाएगा। इस बात के संकेत कमलनाथ पहले भी कई बार दे चुके हैं, मगर वे यह भी कहते रहे कि जल्द ही कुछ प्रत्याशियों की घोषणा कांग्रेस करेगी। लेकिन अब कमलनाथ ने ही स्पश्ट कर दिया है कि पार्टी अब इस मामले में जल्दबाजी नहीं करेगी। कमलनाथ के इस बयान के बाद एक बार फिर पार्टी में सियासी गर्मी तेज हो गई है। खासतौर पर उन दावेदारों की टिकट खतरे में पड़ती नजर आ रही है, जो अपना टिकट पक्का मानकर सक्रियता दिखा रहे थे। प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान के बाद इन दावेदारों में मायूसी छाई है। हालांकि जिन दावेदारों को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से इशारा मिला है, वे तो मैदान में सक्रिय है, दूसरी और जिन दावेदारों पर टिकट का खतरा मंडरा रहा है, उन्होंने फिर से अपने आकाओं को साधना का काम ष्शुरू कर दिया है।

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