विधानसभा में जनसंपर्क मंत्री ने दिया आश्वासनराज्य विधानसभा में आज जनसंपर्क मंत्री पी.सी.शर्मा ने कहा कि सिंहस्थ में 100 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च किए गए. इस मामले की सरकार जांच कराएगी. उन्होंने कहा कि सिंहस्थ कि लिए 327 करोड़ रुपए का बजट था, मगर आयोजन में तत्कालीन सरकार ने 100 करोड़ अतिरक्त खर्च किए हैं.
सिंहस्थ को लेकर प्रश्नकाल के दौरान विधायक विनय सक्सेना ने सिंहस्थ में हुए खर्चो को लेकर सवाल उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश माध्यम वित्तीय अनियमितताओं का शिकार है. उन्होंने कहा कि सिंहस्थ में 327 करोड़ का बजट था, लेकिन 100 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च किया गया. सक्सेना ने सिंहस्थ के दौरान भारी गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की.
जवाब में मंत्री पी.सी.शर्मा ने माना कि सिंहस्थ के प्रचार-प्रसार के लिए तत्कालीन राज्य सरकार ने द्वारा स्वीकृत की गई राशि से सौ करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च कर दिए गए. इतना ही नहीं, एक माह के अंदर इसकी आडिट भी करा लिया गया. मंत्री ने विधायक को आश्वस्त किया कि वे इस पूरे मामले की जांच कराएंगे, इसके साथ ही जांच पूरी होने पवर दो माह में रिपोर्ट सरकार को सौंप देंगे. सिंहस्थ के खर्च के अलावा माध्यम द्वारा ङ्कसिंहस्थ के दौरान निनोरा गांव में विश्व धर्म सम्मेलन का आयोजन करने की भी जांच की जाएगी.
सक्सेना ने आरोप लगाया कि यहां केवल भोपाल व इंदौर की सरकारी काम करने वाली बड़ी फर्म को ही पैनल में शामिल किया जाता है. एक ही फर्म को काम दिया जाता है. अन्य जिलों की प्रायवेट काम करने वाली संस्थाओं को माध्यम की पैनल में शामिल क्यों नहीं किया जाता. इस पर मंत्री शर्मा ने कहा कि पूरी पैनल नए सिरे से बनाई जा रही हैं. अब प्रदेश भर छोटे शहरों की प्रायवेट काम करने वाली संस्थाओं को भी यहां के कार्य आवंटित किए जा सकेंगे. इस दिशा में काम तेजी से चल रहा है.
निराश नहीं होने दिया जाएगा विधायकों को
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज राज्य विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायकों द्वारा उठाए गए विधायक बढ़ाने के मुद्दे को लेकर कहा कि विधायकों को वे निराश नहीं होने देंगे. प्रश्नकाल के दौरान विधायक सुदेश राय के प्रश्न के दौरान पूरक प्रश्न करते हुए भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने यह मुद्दा उठाया था. उन्होंने अनुरोध किया था कि मुख्यमंत्री विधायकों की विधायक निधि पर कोई फैसला लें. नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि विधायकों पर विकास कार्यों का दबाव रहता है, जिसमें उन्हें समस्याएं आती है. इस पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि विधायकों द्वारा निधि बढ़ाए जाने का दिया गया सुझाव अच्छा है. उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष उनके चर्चा कर लें, विधायकों को वे निराश नहीं होने देंगे. उन्होंने कहा कि यह सभी विधायकों का सवाल है, सरकार को खाली तिजोरी मिली थी. इसके बाद भी जितना हो सकता है, उतना किया जा रहा है.
चंद्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण पर वैज्ञानिकों को दी बधाई
राज्य विधानसभा में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी दल भाजपा के सदस्यों ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) द्वारा सोमवार दोपहर को चंद्रयान-2 के सफल प्रक्षेपम पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे देश के लिए बड़ी उपलब्धि बताया. विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने इस सफल प्रक्षेपण में योगदान के लिए मंदसौर के हिमांशु शुक्ला और कटनी की मेघा भट्ट का उल्लेख करते हुए दोनों को प्रदेश की ओर से बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. कांग्रेस विधायक दल के नेता एवं मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि चंद्रयान-2 की सफलता में मध्यप्रदेश के दो युवाओं के जुड़ने से प्रदेश का गौरव बढ़ा है. मुख्यमंत्री ने इसरो के सभी विज्ञानिकों और विशेषकर हिमांशु शुक्ला और मेघा भट्ट को बधाई एवं शुभकामनाएं दी. नेता प्रतिपक्ष एवं भाजपा के वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव ने कहा कि हम सभी एवं समस्त देश गौरवान्वित हैं. हमारे प्रदेश के दो वैज्ञानिक इसमें शामिल हैं. उन्होंने कहा कि देश के सभी नेतृत्वकर्ताओं का इसके लिए सम्मान करता हूं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित सभी राजनीतिक नेतृत्व बधाई के पात्र हैं. इससे विश्व में भारत का सम्मान बढ़ रहा है. पक्ष-विपक्ष के अन्य सदस्यों ने भी इस पर अपने विचार व्यक्त करते हुए चन्द्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण पर इस अभियान से जुड़े देश के वैज्ञानिकों को बधाई दी.
नये विश्वविद्यालय स्थापित करना समय की मांग
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि शिक्षा के क्षेत्र में भविष्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नये विश्वविद्यालय स्थापित करना समय की मांग है. उन्होंने विपक्ष द्वारा मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2019 का समर्थन करने और सर्वसम्मति से पारित करने पर सदन को धन्यवाद दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि सागर में नया विश्वविद्यालय खोलने पर सरकार विचार करेगी. मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि प्रदेश के पिछड़े क्षेत्र में जहां नई पीढ़ी में जागरूकता आ रही है और उनमें चेतना जागृत हुई है, उसके लिए जरूरी है कि वहां शिक्षा के नये केन्द्र स्थापित हों. उन्होंने छिन्दवाड़ा में विश्वविद्यालय स्थापित करने का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर हमने समय रहते हुए इस पर चिंता नहीं की तो आने वाले समय में हमें कठिनाई हो सकती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्तर पर पहल होने से निजी क्षेत्र में जो यूनिवर्सिटी स्थापित होती हैं, वह हतोत्साहित होंगी, क्योंकि उनका उद्देश्य नफा-नुकसान होता है, जबकिइ सरकार जनहित में शिक्षा केन्द्रों को स्थापित कर उन्हें विकसित करती है. मुख्यमंत्री ने सागर में नया विश्वविद्यालय स्थापित करने के सुझाव पर विचार करने का आश्वासन दिया.
27 प्रतिशत आरक्षण संबंधी विधेयक पारित
राज्य विधानसभा में आज सरकारी नौकरियों में अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण का प्रावधान 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने संबंधी मध्यप्रदेश लोक सेवा ( अनुसूचित जातियों, जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण) संशोधन विधेयक को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया. इसके पहले विधयक पर हुई चर्चा का उत्तर देते हुए सामान्य प्रशासन मंत्री डा. गोविंद सिंह ने कहा कि पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दिया है. उन्होंने स्वीकार किया कि अब विभिन्न जातियों के लिए आरक्षण का प्रतिशत बढ़कर करीब 70 प्रतिशत हो गया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने यह प्रावधान करने के पहले उन राज्यों जैसे तमिलनाडू और कर्नाटक की तरफ भी देखा, जहां आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक है.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें