बुधवार, 17 जुलाई 2019

31 हजार से ज्यादा उपभोक्ता हुए ठगी के शिकार

 पेट्रोल-डीजल नहीं होगा सस्ता, वृत्तिकर समाप्त करने का प्रस्ताव नहीं है विचाराधीन

मध्यप्रदेश में बीते दो सालों में 31 हजार से ज्यादा लोगों को विक्रेताओं और दुकानदारों ने ठगा है.  जनवरी 2017 के बाद से अब तक मध्यप्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग में 4546 प्रकरण दर्ज हुए वहीं  सभी जिला उपभोक्ता फोरमों में 26,986 प्रकरण दर्ज हुए किए गए हैं.
राज्य विधानसभा में आज भाजपा विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया के प्रश्न के लिखित जवाब में खाद्य मंत्री प्रद्युमन सिंह ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले दो सालों में 31 हजार से ज्यादा लोग विक्रेताओं, दुकानों से विभिन्न प्रकार की ठगी का शिकार हुए हैं. जनवरी 2017 के बाद से अब तक मध्यप्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग में 4546 प्रकरण दर्ज हुए एवं 3027 प्रकरण का निराकरण किया गया. इसी प्रकार प्रदेश में सभी जिला उपभोक्ता फोरमों में 26,986 प्रकरण दर्ज हुए तथा इनमे से 21011 प्रकरण का निराकरण किया गया. मंत्री ने बताया कि उपभोक्ताओं के प्रकरणों में सुलभ न्याय के संबंध में कार्यवाही राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग एवं जिला फोरम द्वारा की जाती है.
पेट्रोल-डीजल नहीं होगा सस्ता
वाणिज्य कर मंत्री बृजेन्द्र सिंह ने विधायक जालम सिंह पटेल के प्रश्न के लिखित जवाब में कहा कि  राज्य में वृत्ति कर समाप्त किए जाने के संबंध में वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. उन्होंने बताया कि पेट्रोल, डीजल, एटीएफ, नेचुरल गैस एवं मानव उपभोग की मदिरा पर वेटकर एवं इनके अतिरिक्त सभी मालों एवं सेवाओं पर जीएसटी लागू है. किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग से प्रात जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 की धारा 19 के तहत मंडी फीस ली जाती है. मंडी फीस की दरें अधिसूचित कृषि उपज की कीमत के प्रत्येक 100 रुपए पर रुपए के स्थान पर रुपए 1.50 नियत की गई है। वर्तमान में मंडी कर के युक्तियुक्तकरण का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है.  डीजल व पेट्रोल पर वेटकर एवं रसोई गैस पर जीएसटी देय है.  इनकी दरें कम करने का कोई प्रस्ताव वर्तमान में विचाराधीन नहीं है.
3626 आंगनबाड़ी केन्द्र चल रहे किराए के भवन में
भाजपा विधायक विश्वास सारंग के प्रश्न के लिखित जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी ने  बताया कि भोपाल संभाग में 3626 आंगनबाड़ी केन्द्र किराए के भवनों में चल रहे हैं. इनमें भोपाल जिले में 948, सीहोर में 360, रायसेन में 697, विदिशा में 936 और राजगढ़ जिले में 685 आंगनबाड़ी केन्द्र किराए के भवन में चल  रहे हैं. उन्होंने बताया कि किराए के भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केन्द्रों का माह मई 2019 तक का किराया भुगतान कर दिया है.
एलोपैथी से ज्यादा आयुर्वेद चिकित्सकों का है पंजीयन
विधायक सीताशरण शर्मा के प्रश्न के लिखित जवाब में चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. विजय लक्ष्मी साधौ ने बताया कि राज्य में एलोपैथी से ज्यादा आयुर्वेद/यूनानी चिकित्सका के चिकित्सकों का पंजीयन है. उन्होंने बताया कि राज्य में एलोपैथी के 46,669 चिकित्सकों का पंजीयन हैं. इनमें से शासकीय सेवा में विशेषज्ञ पदों पर 957 और चिकित्सा अधिकारी पद पर 3631 चिकित्सक पदस्थ हैं. इसी तरह आयुर्वेद/ यूनानी के 49,667 चिकित्सकों का पंजीयन है. इनमें शासकीय सेवा में 1014 पदस्थ हैं. वहीं होम्योपैथी के 18807 चिकित्सकों का पंजीयन हैं. इनमें 181 चिकित्सक शासकीय सेवा में हैं.
उप महानिरीक्षक पंजीयन के खिलाफ दर्ज है एफआईआर
वाणिज्य कर मंत्री बृजेन्द्र सिंह राठौर ने विधायक अशोक रोहाणी के लिखित प्रश्न के जवाब में बताया कि राजीव जैन उप महानिरीक्षक पंजीयन के खिलाफ भोपाल के महाराणा प्रताप नगर थाने में महिला उत्पीडन को लेकर एफआईआर दर्ज है. उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा राजीव जैन का भोपाल संभाग से दूसरे संभाग में तबादला किया जा चुका है. निलंबन को लेकर मंत्री ने बताया कि नियमों के तहत यह बंधनकारी नहीं है कि निलंबन की कार्रवाई की जाए. उनके निलंबन का फैसला अभी विभाग ने नहीं लिया है.

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