
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए की यूरिया जैसे घातक पदार्थ मिलाकर सिंथेटिक दूध और उससे मावा, प नीर आदि अन्य उत्पाद बनाने और बेचने वालों के विरुद्ध रासुका के तहत सख्त कार्यवाही की जाए. बैठक में नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन रविन्द्र सिंह और संयुक्त नियंत्रक डी.के. नागेन्द्र उपस्थित थे.
मंत्री सिलावट ने कहा कि सिंथेटिक दूध और इससे बने अन्य दुग्ध उत्पाद आमजन के स्वास्थ्य के लिए बहुत घातक हैं. उन्होंने कहा कि मिलावटखोरों को आम आदमी के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं करने देंगे. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राज्य और जिला स्तर पर इस तरह की घातक गतिविधियां संचालित करने वालों की धड-पकड़ के लिए उड़न दस्ता बनाकर कार्यवाही करें.
सिलावट ने कहा कि सभी संभागीय कमिश्नर, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से भी ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध रासुका जैसे सख्त कानून में कार्यवाही करने के लिए कहा जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्यवाही में शिथिलता बरतने अथवा जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही होगी.
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