15 साल के काम को जिम्मेदार ठहराना उचित नहींराज्य विधानसभा में आज बिजली को लेकर मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने जमकर हंगामा किया. वित्त मंत्री की एक टिप्पणी को लेकर विवाद की स्थिति भी बनी, मगर विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने टिप्पणी को विलोपित करा दिया. इसके बाद भी विपक्षी सदस्यों की नाराजगी कम नहीं हुई.
राज्य विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान भाजपा के यशपाल सिंह सिसोदिया ने थ्री फेज बिजली न मिलने और बिजली कटौती को लेकर प्रश्न किया. इस दौरान ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने सिसोदिया के आरोपों को नकारा और कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में खरीदे गए घटिया उपकरणों और कुछ असामाजिक तत्वों के कारण ही ट्रिपिंग हो रही है. सरकार अपने वचन पत्र के मुताबिक किसानों को 8 घंटे थ्री फेज बिजली उपलब्ध कराएगी. इस दौरान बिजली समस्या को लेकर भाजपा विधायक ने कई सवाल खड़े किए. तभी नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने मंत्री से पूछा कि चमगादड़ों के कारण कितनी बार ट्रिपिंग हुई और कितनी चमगादड़ थी. इस पर वित्त मंत्री तरुण भनोत ने भाजपा विधायकों को लेकर एक टिप्पणी कर दी, जिसे लेकर भाजपा विधायक नाराज हो गए और विवाद की स्थिति निर्मित होती नजर आई. नेता प्रतिपक्ष के अलावा पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, भूपेन्द्र सिंह सहित अन्य भाजपा विधायक खड़े होकर हंगामा करते रहे. इस बीच विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने मंत्री द्वारा की गई टिप्पणी को कार्यवाही से विलोपित करा दिया. इसके बाद भी भाजपा विधायकों की नाराजगी दूर नहीं हुई. वहीं बिजली को लेकर पूरक प्रश्न करते हुए पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बिजली की समस्या पर सवाल उठाते हुए पूछा कि थ्री फेस बिजली कब तक मिलेगी, साथ ही उन्होने यह भी पूछा कि दिन में 8 घंटे बिजली कब तक मिलेगी.
इस जवाब देते हुए ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने जवाब दिया और कहा कि इस मामले में परीक्षण कराया जा रहा है और प्रयोग के तौर पर पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी बालाघाट में 10 घंटे थ्री फेस बिजली मुहैया करा रही है. इसके अलावा मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी हरदा और होशंगाबाद जिलों में इस तरह का प्रयोग कर रही है. मंत्री ने अपने जवाब में बताया कि पिछली सरकार द्वारा खरीदे गए उपकरणों पर भी सवाल उठाए और खराब उपकरणों की खरीदी की बात कही. इस पर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि 7 माह बीत गए, कब तक पिछले सरकार के 15 साल के कामों को जिम्मेदार ठहराओगे, यह उचित नहीं है.
225 अधिकारी, कर्मचारी किए निलंबित
ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने आज विधान सभा में भाजपा विधायक सुशील कुमार तिवारी के सवाल के लिखित उत्तर में बताया कि मार्च-अप्रैल 2019 में बिजली की अघोषित कटौती और ट्रिपिंग के मामलों में कुल तीनों विद्युत वितरण कंपनी के कुल 225 अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया गया. उन्होंने बताया कि इन कर्मचारियों को जिन कारणों से निलंबित किया गया, उन्हीं कारणों के आधार पर पिछले साल में भी तीनों कंपनियों में बड़ी संख्या में निलंबन की कार्यवाहियां की गई है. उन्होंने इस आरोप से इंकार किया कि किसी भी कर्मचारी पर व्यक्तिगत कारणों से कार्यवाही नहीं की गई. उन्होंने बताया कि वर्तमान में पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर में 10 तथा मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल में 26 अधिकारी, कर्मचारी निलंबित हैं. म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर में वर्तमान में कोई भी अधिकारी, कर्मचारी निलंबित नहीं है.
80 विक्रम अवार्डी को मिली सरकारी नौकरी
खेल एवं युवक कल्याण मंत्री जीतू पटवारी ने विधायक जालम सिंह पटेल के एक सवाल के जवाब में जानकारी दी कि सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश के संदर्भ में अभी तक 108 विक्रम पुरस्कार प्राप्त खिलाडिय़ों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किया गया तथा उनमें से 80 खिलाडिय़ों को शासकीय नौकरी प्रदान कर दी गई है. शेष 28 खिलाडिय़ों द्वारा आवेदन पत्र प्रस्तुत न करने के कारण शासकीय नौकरी प्रदान नहीं की गई है. भाजपा सदस्य के प्रश्र के जवाब में पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रांतीय स्तर के ओलंपिक खेलों का आयोजन कब होगा, इसकी तिथि बताई जाना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कहा कि विक्रम अवार्डी जिनको सरकारी नौकरी नहीं मिली है, उनको शासन द्वारा प्रतिमाह सहयोग निधि देने का कोई प्रावाधन वर्तमान में नहीं है.
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