मंगलवार, 9 जुलाई 2019

विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण पेश


मध्यप्रदेश विधानसभा में आज बजट सत्र के दूसरे दिन आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया गया.देश में गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले व्यक्तियों का अनुपात 21.92 प्रतिशत और मध्यप्रदेश में 31.65 प्रतिशत है.  सर्वेक्षण में गरीबी उन्मूलन और स्वास्थ्य सूचकांकों को राष्ट्रीय स्तर  के समकक्ष लाना प्रमुख चुनौती माना है.
राज्य विधानसभा में कल बुधवार को सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2019-20 का बजट पेश किया जाना है, उससे पहले आज विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 सरकार द्वारा पेश किया गया. इसमें कहा गया कि आर्थिक सर्वेक्षण का उद्देश्य विकास के विभिन्न सूचकांकों का मूल्यांकन करना है. राज्य की सामाजिक आर्थिक विकास की समीक्षा करने पर स्थिति स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश में मान विकास के मानकों पर देश एवं समान परिस्थितियों वाले राज्यों की तुलना में पिछड़ा है. सर्वेक्षण के अनुसार देश में गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले व्यक्तियों का अनुपात 21.92 प्रतिशत और मध्यप्रदेश में 31.65 प्रतिशत है. देश में उत्तरप्रदेश, बिहार राज्यों को छोड़कर लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं, जिनकी संख्या 2 करोड़ से ज्यादा है. सर्वेक्षण के मुताबिक राज्य में 23 प्रतिशत घरों में नलों से पानी आता है. मध्यप्रदेश में कृषि मजदूरी की दर 210 रुपए देश के अन्य राज्यों की तुलना में न्यूनतम है.  
 इस दौरान मध्य प्रदेश के पेश होने वाले बजट पर वित्त मंत्री तरुण भनोत ने कहा है कि यह आम जनता की सरकार है इसलिए आम जनता पर कोई भार नहीं पड़ेगा. उन्होने कहा कि बजट में पैसे की व्यवस्था कहां से करनी है हमे पता है। हम कांग्रेस के वचन पत्र को बजट में पूरा करने की कोशिश करेंगे.
पेड़ पर चढ़ा युवक
मध्यप्रदेश विधानसभा के गेट के सामने लगे पेड़ पर एक युवक के चढ़ जाने से हंगामा मच गया, जब इसकी जानकारी वहां मौजूद लोगों को मिली तो लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई. इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पुलिस अधिकारी और पुलिस बल पहुंचा. इसके बाद फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई. फायर ब्रिगेड के पहुंचने पर जाल लगाकर जब युवक को पेड़  से नीचे उतारने का प्रयास किया जा रहा था, तभी युवक नीचे उतरने लगा.युवक के हाथ में कागज थे. युवक रायसेन जिले के सिलवानी का रहने वाला धनराज बताया जा रहा है.  युवक वन विभाग पर अपनी जमीन हड़पने का आरोप लगा रहा था. इसे लेकर वह कई बार अधिकारियों से मिल चुका था, मगर उसकी सुनवाई नहीं हो रही थी. इससे तंग आकर युवक ने यह कदम उठाया था.

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