मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से भाजपा ने मांगा इस्तीफामध्यप्रदेश विधानसभा में आज कानून व्यवस्था पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने जमकर हंगााम किया. हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही पहले पांच मिनट के लिए स्थगित होने के बाद 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. इसी के चलते आज प्रश्नकाल नहीं चल सका. हंगामें के बीच भाजपा सदस्यों ने मुख्यमंत्री कमलनाथ और गृह मंत्री बाला बच्चन से इस्तीफे की मांग भी की और जब मांग पूरी नहीं हुई तो भाजपा सदस्यों ने विरोधकरते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया.
प्रश्नकाल शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत भारतीय जनता पार्टी के अन्य विधायकों ने राजधानी भोपाल में मंगलवार को एक बच्चे की मौत के खुलासे समेत समूची कानून व्यवस्था पर चर्चा की मांग की. इस पर विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने कहा कि विपक्ष प्रश्नकाल चलने दे. इसी बीच भाजपा के सदस्यों ने लगातार अपनी मांग उठाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया. विपक्षी नेताओं ने एक सुर में कहा कि, प्रदेश में कानून का राज नहीं रहा. मासूम बच्चों की हत्याएं हो रही हैं. उनके साथ दुष्कर्म की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं. ऐसे में इस मुद्दे पर प्रश्नकाल रोककर तत्काल चर्चा कराई जाए. बिगड़ती कानून व्यवस्था से गुस्साए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और गृहमंत्री बाला बच्चन के इस्तीफे की मांग की है. शिवराज ने आरोप लगाया कि विधानसभा में विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है.
लगातार हंगामे के चलते अध्यक्ष प्रजापति ने सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी. सदन के समवेत होने पर भी विपक्ष लगातार अपनी मांग पर अड़ा रहा. पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पहले भी इस प्रकार चर्चा हुई हैं. विपक्ष के अन्य सदस्य भी स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा की मांग करते रहे. लगातार हंगामा होते देख अध्यक्ष प्रजापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
दोबारा सदन समवेत होने पर भाजपा सदस्यों का हंगामा जारी रहा.इस बार सत्ता पक्ष की ओर से सभी मंत्रियों ने विपक्ष के हमलों पर पलटवार करते हुए कहा कि बीते 15 साल में मध्य प्रदेश की स्थिति बेहद खराब थी. दुष्कर्म के मामलों में देश भर में प्रदेश अव्वल था. मध्य प्रदेश लगातार अपराध हो रहे थे, तब क्यों किसी ने चिंता नहीं ? अब श्रेय लेने की होड़ मची हुई है. इस कारण सदन में हंगामा किया जा रहा है.
विधानसभा अध्यक्ष के बार-बार आग्रह के बाद भी भाजपा सदस्य अपनी मांग पर अड़े रहे. भाजपा सदस्यों का कहना था कि वे स्थगन पर चर्चा चाहते हैं. वहीं सामान्य प्रशासन मंत्री डा. गोविंद सिंह और विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति बार-बार यह कहते नजर आए कि स्थगन किसी एक विषय पर लाया जाता है, मगर विपक्ष का हंगामा जारी रहा. हंगामें के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने कार्रवाई को आगे बढ़ाया तो गर्भ गृह में पहुंचे भाजपा सदस्यों का हंगामा और तेज हो गया, इसके बाद उन्होंने कार्रवाई का विरोध करते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया.
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