बुधवार, 10 जुलाई 2019

जलेबी, चुरमा की ब्रांडिग की जाएगी


मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश अंचलों के उत्पादों की ब्रांडिंग करने के लिए विशेषज्ञ एजेंसियों का सहारा लेगी. देश-विदेश में इन उत्पादों की ब्राडिंग कर सरकार उन्हें पहचान दिलाएगी.
यह जानकारी आज राज्य विधानसभा में वित्त मंत्री तरुण भनोत ने बजट भाषण के दौरान दी. उनहोंने कहा कि मालवा के चूरमा- बाटी, बुंदेलखंड की मावा जलेबी को देश-विदेश में पहचान दिलाने के लिए इनकी ब्रांडिंग की जाएगी. उन्होंने कहा कि इसके अलावा भोपाल के बटुए, भिंड के पेड़े, महेश्वर और चंदेरी की साड़ियां, रतलाम की सेव, मुरैना की गजक, सागर की चिंरोजी बर्फी, धार का बाघ प्रिंट कपड़ा, छतरपुर एवं टीकमगढ़ के पीतल क उत्पाद, की भी ब्रांडिंग सरकार करेगी. उन्होंने कहा कि इस तरह के अन्य उत्पादों की देश-विदेश में पहचान स्थापित किए जाने के लिए उनकी ब्राडिंग एवं मार्केटिंग विशेषज्ञ एजेंसियों के द्वारा करेंगे.
शिवराज सरकार पर लगाया आरोप
वित्त मंत्री तरुण  भनोत ने कहा कि 'मध्य प्रदेश के लोगों पर कोई नया कर नहीं लगाया जाएगा. हर वर्ग को ध्यान में रखकर बजट तैयार किया गया है. इसमें युवा, बेरोजगार और मध्य वर्ग सबका ध्यान रखा गया है. हमने जनहित में कई कई फैसले लिए हैं.' भनोत ने कहा कि शिवराज सरकार ने खाली खजाना हमें दिया है. सरकार को काम करने के लिए अभी सिर्फ 128 दिन मिले हैं. हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की राशि बढ़ाई और किसानों का कर्ज माफ किया.
घोषणावीर न होकर कर्मवीर है सरकार 
वित्तमंत्री तरुण भनोत ने बजट भाषण की शुरूआत कौटिल्य को याद कर की. उन्होंने कहा कि मुझे इस बजट को पढ़ते हुए खुशी हो रही है कि हमारी सरकार ने कम समय में ही प्रदेश की जनता के लिए काम किया. इस बीच आचार संहिता भी रहीं है, जिसमें हमने 128 दिनों में किसानों का कर्जा माफ, बिजली का बिल माफ किया और युवाओं के लिए काम किया. यह सरकार घोषणावीर न होकर कर्मवीर है.
केंद्र ने किया विश्वासघात
वित्तमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने कहा था कि हमने तो उन्हें खजाना खाली करके दे गए हैं, लेकिन इस बीच हमने राजस्व के नए स्त्रोतों को तलाशा. हर वर्ग को हमने कुछ न कुछ देने की कोशिश की है. युवा, किसान और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना हमार लक्ष्य है. केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश के साथ विश्वासघात किया है, बजट में 2700 करोड की कटौती की गई है. हमारी सरकार को इसकी भरपाई के लिए कदम उठाने होंगे.

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