मध्यप्रदेश विधानसभा में आज वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और सदन के पूर्व सदस्य नेमीचंद जैन को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद दिवंगतों के सम्मान में कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई.
विधानसभा में आज सोमवार की कार्यवाही शुरू होते ही अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और पूर्व विधायक नेमीचंद जैन के निधन का उल्लेख करते हुए सदन की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री कमलनाथ और अन्य सदस्यों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद सदन में दो मिनट का मौन रखा गया और कार्यवाही कल मंगलवार की सुबह ग्यारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
दीक्षित को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि देश की राजनीति में दीक्षित उन बिरले लोगों में शुमार रहीं, जिन्होंने केंद्र में मंत्री, किसी राज्य की राज्यपाल और मुख्यमंत्री के तौर पर लंबे समय तक काम किया हो. उन्होंने कहा कि शीला दीक्षित ने दिल्ली के विकास का नक्शा बनाया. उन्हीं की बदौलत दिल्ली की सूरत बदल गई. नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि दीक्षित ने देश की राजधानी को नई सूरत दी. उन्होंने कहा कि जब से दीक्षित दिल्ली की मुख्यमंत्री पद से हटीं, तब से एक रिक्तता आ गई.
श्रद्धांजलि को लेकर हुई थी सियासत
यहां उल्लेखनीय है कि दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि देने को लेकर रविवार को सदन में जमकर हंगामा हुआ था. पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक नरोत्तम मिश्रा ने दीक्षित के निधन का उल्लेख करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि देने की मांग की थी. इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा था कि यह अब कार्य सूची में नहीं है, इसलिए ऐसा नहीं हो पाएगा. इस पर मिश्रा ने कहा कि क्या शीला दीक्षित का दोष सिर्फ यह है कि वे गांधी-नेहरु परिवार की नहीं थी और खुद मुख्यमंत्री कमलनाथ यहां बैठे हुए हैं. इतनी वरिष्ठ नेता को श्रद्धांजलि देना क्या उचित नहीं. इस पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि सुबह यह तय हो गया था कि श्रद्धांजलि सोमवार को दी जाएगी, मगर मिश्रा नहीं माने. उन्होंने इसका विरोध करते हुए कहा कि श्रद्धांजलि आज ही देनी चाहिए और केवल 5 मिनट के लिए सदन स्थगित कर शीला दीक्षित के सम्मान में कार्यवाही रुकना चाहिए. मिश्रा ने गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर परिकर के निधन का उल्लेख किया और बताया कि किस तरह विधानसभा पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई थी, लेकिन स्पीकर नहीं माने और इसके बाद भाजपा सदस्यों ने सदन का बर्हिगमन कर विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने श्रद्धांजलि दी थी.
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