बुधवार, 10 जुलाई 2019

केन्द्र के कारण बढ़ाने पढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम


राज्य विधानसभा में आज बजट पेश होने के पहले ही भाजपा सदस्यों ने हंगामा कर दिया.  सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों का मुद्दा उठाया. भार्गव ने कहा कि राज्य सरकार ने दाम बढ़ाने की सूचना पटल पर नहीं रखी.  भार्गव का कहना था कि सरकार को पेट्रोल-डीजल पर कर बढ़ाना था तो उसकी घोषणा सदन में ही करना थी. विपक्ष की इस आपत्ति पर सत्तापक्ष के सदस्य भी खड़े हो गए. इससे हंगामे की स्थिति बन गई.हंगामें के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि केन्द्र के कारण हमें डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ाने पढ़े.
संसदीय कार्यमंत्री डा. गोविंद सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने आपत्ति को खारिज करते हुए कहा कि बजट पेश होने के पहले टोकाटाकी भी नहीं की जाना चाहिए. नरोत्तम मिश्रा, विश्वास सारंग, बहादुर सिंह चौहान आदि ने इसे लेकर सरकार से जवाब मांगा. विधानसभा अध्यक्ष द्वारा बार-बार दोनों पक्षों को समझाईश दी जाती रही. अध्यक्ष ने भी माना कि ऐसा नहीं होना चाहिए. विपक्ष के सदस्य सरकार की ओर से आश्वासन की मांग करते रहे.
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हंगामे के बीच सदन को बताया कि केंद्र सरकार ने अपने बजट में मध्यप्रदेश के हिस्से में 2700 करोड़ रुपए की कटौती कर दी है. इसकी भरपाई करना है. साथ ही केंद्र सरकार ने 5 जुलाई को पेश अपने बजट में पेट्रोल-डीजल पर कर बढ़ाया है. इसलिए हम 5 जुलाई के बाद ही कराधान का फैसला ले सकते थे. हमने इस तारीख के बाद ही कर बढ़ाया है. वहीं वित्त मंत्री भानोट ने जैसे ही किसान कर्ज माफी, और बिजली बिल से जुड़ी योजना का जिक्र किया, पूरे विपक्ष ने टिप्पणी शुरू कर दी. भाजपा के सदस्य इसे कोरा झूठ बताते रहे. भाजपा सदस्यों का कहना था कि किसान परेशान हैं. बिजली किसी को नहीं मिल रही.
खाली खजाने के बीच मध्यप्रदेश की खुशहाली का बजट 
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने बजट-2019-20 पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह खाली खजाने के बीच मध्यप्रदेश की खुशहाली का बजट है. किसान, युवा, गरीब, अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक और मध्यम वर्ग के हित में बजट में जो चिंता की गई है, उससे अगले 5 साल में प्रदेश के वास्तविक विकास का नक्शा बनेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट नए मध्यप्रदेश के निर्माण का  ऐसा आईना है, जिसमें समृद्ध प्रदेश की तस्वीर साफ दिखलाई देती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 6 माह में खाली खजाने के बावजूद प्रदेश के विकास की दिशा में सुविचारित कदम उठाये गए हैं. जनता से किए गए वचनों को पूरा करने के लिए बजट में इच्छाशक्ति दिखलाई है.

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