
शिक्षा विभाग विभाग ने नई तबादला नीति जारी कर दी. अध्यापकों के तबादले आनलाइन आवेदन पर किए जाएंगे, इससे प्रदेश के 2.5 लाख अध्यापकों में से 30 हजार अध्यापकों को इसका लाभ मिलेगा. शिक्षकों-अध्यापकों को तबादले के लिए आनलाइन आवेदन के लिए पोर्टल भी खोल दिया गया है.
शिक्षकों और अध्यापकों के लिए 20 च्वाइस फिलिंग का विकल्प दिया जाएगा. नई नीति के तहत आनलाइन प्रावधान करने से कई विधायकों को तगड़ा झटका लगा है. वजह यह है कि कुछ विधायक यह प्रक्रिया आनलाइन करने के लिए जोर लगा रहे थे. प्रदेश कांग्रेस मीडिया उपाध्यक्ष सैयद जाफर ने शिक्षक-अध्यापकों के स्थानांतरण को लेकर बनाई गई तबादला नीति को लेकर कहा कि प्रदेश में लगभग 2.50 लाख अध्यापक स्कूलों में पदस्थ हैं जो विभिन्न परेशानियों से जूझते हुए अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिसमें महिलाएं पारिवारिक समस्याओं, अपने पति से दूर रहकर, दूसरे जिले में या सौ-सौ, डेढ़-डेढ़ सौ किलोमीटर तक रोजाना सफर कर रही हैं.
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा बनाई गई शिक्षा विभाग की तबादला नीति से अब प्रदेश के लगभग 30 हजार अध्यापकों को इसका लाभ मिलने की संभावना है. जाफर ने कहा कि प्रदेश की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के 15 वर्षीय कार्यकाल के दौरान शिक्षक-अध्यापकों के तबादलों को लेकर कोई नीति नहीं बनाई गई थी, जिससे अध्यापक संवर्ग काफी निराश था. जाफर ने कहा कि अध्यापकों के तबादलों के लिए जो आन लाईन प्रक्रिया जारी की गई है, उससे तबादलों में पारदर्शिता रहेगी तथा अध्यापकों को किसी प्रकार की कोई परेशानियों का सामना नहीं करना पडेÞगा और अध्यापकों को इसका लाभ मिलेगा.
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