मंगलवार, 25 जून 2019

करेंसी व्यापार की आड़ में ठगी करने वाले गिरफ्तार


एसटीएफ ने क्रिस्टो करेंसी की आड़ में हजारों लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया है. एसटीएफ ने गिरोह के सरगना और उसकी पत्नी को जबलपुर से गिरफ्तार किया है. 
एसटीएफ के एडीजी पुरषोत्तम शर्मा ने यह जानकारी आज राजधानी में पत्रकारों से चर्चा करते हुए दी. शर्मा ने बताया कि गिरोह के सरगना की पहचान ब्रजेश रैकवार पिता डोरीलाल रैकवार के रुप में हुई है. यह जबलपुर के शक्तिनगर में रहता है. उसकी पत्नी सीमा भी उसके साथ इस ठगी के धंधे में लिप्त है. उन्होंने बताया कि ब्रजेश के गिरोह के सदस्यों का नेटवर्क भारत से लेकर हांगकांग, चीन, दुबई, मलेशिया तक फैला हुआ है. आरोपियों द्वारा सिल्वर, गोल्ड, प्लेटिनम आदि नामों से आईडी एवं मेंबरशिप ली जाती थी. इस गिरोह के भारतीय नेटवर्क को डिप्लोमाधारी युवक एवं एसी टेक्निशियन संचालित कर रहे थे. आरोपियों से की पूछताछ में अब तक करीब 100 लोगों से 10 करोड़ रुपए की ठगी करने की बात सामने आई है. उन्होंने बताया कि आरोपियों द्वारा अवैध रुप से बिट काइन, गोल्ड यूनियन काइन जैसी क्रिप्टो करेंसी से करोड़ों रुपए कमाए जाते थे. इस राशि को वे जमीन, मकान, दुकान, मुजरा-नाइट, बालीवुउ हाईट्स, गोवा के कसीनों, हांगकांग, दुबई, थाईलैंड, मलेशिया, चीन, सिंगापुर आदि देशों में मौज मस्ती पर खर्च किया करते थे. गिराह ने एपी-3 मोशन पिक्चर्स प्रोडक्शन में महफिल  उमरावजान नामक मूवी में भी निवेश किया है.शर्मा ने बताया कि जांच में अब तक जबलपुर, भोपाल, छत्तीसगढ़ में निवेश करने की जानकारी मिली है. इस गिरोह में हांगकांग में रहने वाला केविन एवं मलेशिया में रहने वाला डेनियल फ्रांसिस भी जुड़ा होने बताया जा रहा है. आरोपियों ने क्रिप्टो, करेंसी के व्यापार को बढ़ावा देने के लिए मुंबई, दिल्ली, चंडीगढ़, भोपाल, रायपुर, जालंधर, अमृतसर में भी मीडिया के माध्यम से लोगों से संपर्क किया है. ठगी के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भारतीय स्वरुप देने के लिए प्लस गोल्ड, यूनियन काइन की वेबसाइट बनवाने के लिए बैंगलोर व जयपुर की फर्माें से करार किया गया था. मुख्य आरोपी ब्रजेश व रुपेश ने बैंगलौर आईअी कंपनी व डिजाइनर से दुबई में मुलाकात की थी. एसटीएफ का मानना है कि पूछताछ में अभी कई और खुलासे हो सकते हैं.

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