विधायक पद की शपथ लेते ही मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा पर बोला हमलामुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज प्रदेश में गहराए जलसंकट को लेकर 15 साल की भाजपा सरकार के लापरवाही बताया. उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकारों ने जलसंकट से निपटने के लिए ना तो कोई योजनाएं बनाई और न ही कोर्ठ काम किया.
राज्य विधानसभा में विधायक पद की शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि हम सकारात्मक रवैया अपनाते हुए प्रदेश के हित के सारे काम प्राथमिकता के साथ करेंगे. उन्होंने कहा कि मेरी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात हुई और मैंने प्रदेश के हित में चर्चा की. मेरी उनसे अगले चार-पांच दिनों बाद फिर एक मुलाकात है, फिर प्रदेश के कई मुद्दों पर मैं उनके बात करुंगा. मुख्यमंत्री ने प्रदेश में गहराए जलसंकट को लेकर कहा कि 15 साल की भाजपा सरकार की लापरवाही को आज हम भुगत रहे हैं. भाजपा सरकार ने अपने कार्याकाल में जलसंकट से निपटने के लिए न तो कोई योजना बनाई और न ही कोई काम किया.
उन्होंने कहा कि आज मैंने विधानसभा सदस्य के रुप में पहली बार शपथ ली है. यह सही है कि मैंने लोकसभा के सदस्य के रुप में कई बार शपथ ली. दोनों लोकतंत्र के मंदिर हैं, मैंने 17 दिसंबर को मुख्यमंत्री के रुप में शपथ ली थी. आज मैंने विधानसभा के सदस्य के रुप में शपथ ली है. विधायक पद की शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी कदमों के साथ प्रदेश के किसानों को खुशहाल बनाना है. आज 70 प्रतिशत से अधिक लोक कृषि व्यवस्था से जुड़े हैं. कृषि व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है. किसानों के सम्मान को बढ़ाना, उन्हें उनकी उपज का सही दाम दिलाना, उन्हें आत्मनिर्भर व कर्ज मुक्त बनाना, हमारा पहला लक्ष्य है. दूसरा हमारा प्रमुख लक्ष्य नौजवानों को रोजगार उलब्ध कराना है. नौजवानों का भविष्य कैसे सुरक्षित हो इस पर हम काम करेंगे.
विधानसभा अध्यक्ष ने दिलाई विधायक पद की शपथ
छिंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव जीते मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज सोमवार को विधानसभा में विधायक पद की शपथ ली. विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने उन्हें शपथ दिलाई. विधान परिषद के सभा कक्ष में मुख्यमंत्री कमलनाथ का शपथग्रहण समारोह हुआ. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिंदवाड़ा विधानसभा उपचुनाव में जीत दर्ज की थी, उन्होंने भाजपा के विवेक साहू को हराया था. इससे पहले 17 दिसंबर को उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. तब वे छिंदवाड़ा से सांसद थे. विधानसभा के सदस्य नहीं थे. अब चुनाव जीतने के बाद वे विधायक बने और आज उन्होंने विधायक पद की शपथ ली. यहां उल्लेखनीय है कि यह दूसरा अवसर था जब मुख्यमंत्री ने विधानसभा सत्र से हटकर शपथ ली थी. इसके पहले 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को 12 मई को तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी ने विधानसभा सत्र के पहले विधायक की शपथ दिलाई थी.
भ्रम फैला रही भाजपा
मध्यप्रदेश के सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह कहा कि कर्जमाफी को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है. भाजपा के कुछ कर्मचारी बैंकों में बैठकर भ्रम फैला रहे हैं, और राज्य सरकार को बदमान करने की कोशिश कर रहे हैं, साथ ही कहा कि भाजपा के कुछ अधिकारी कर्मचारी किसानों को परेशान करके गलत प्रचार कर रहे हैं. सहकारिता मंत्री ने कहा कि कर्जमाफी को लेकर जो वादा और जो वचन किसानों को कांग्रेस ने दिया है, कांग्रेस उसे निश्चित रूप से पूरा करेगी. वहीं जिनके खातों में पैसे नहीं पहुंचे हैं उनको भी खाद बीज के लिए फिर से ऋण दिया जाएगा, और कहा कि अगर कहीं भी किसी तरह की परेशानी आएगी तो उसके लिए उन्होंने खुद को जिम्मेदार बताया है. वहीं कहा है कि जो भी अधिकारी भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं, उनके खिलाफ जांच करके कार्रवाई की जाएगी.
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