
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की संवेदनाएं मर चुकी हैं. पुलिस प्रशासन निरंकुश हो गया है.
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सरकार ने पुलिस की पिटाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवक की कार बीआरटीएस कारिडोर की रेलिंग से टकरा गई थी. ये ऐसी घटना ऐसी नहीं थी कि पुलिस युवक को पीट-पीटकर मार डाले. ऐसे में पुलिसकर्मियों के खिलाफ सस्पेंशन के बजाए इस मामले की न्यायिक जांच करानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. वो यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में गरीबों को सताया जा रहा है, विरोध करता है तो झोपड़ी को आग लगा दी जाती है. उस आग में कूदकर एक बहन ने जान दे दी. क्या गरीबों को ऐसा सताया जाएगा. आदिवासियों को सताने का भी मामला सामने आया है. गरीबों के कल्याण की सारी योजनाएं बंद कर दी गई हैं. अन्याय की अति हो गई है. सरकार को मैं चेता रहा हूं, अगर ये चलता रहा तो हम चुप नहीं बैठेंगे.
थाने के सीसीटीवी में रिकार्ड हुई घटना
बैरागढ़ थाने में लगे सीसीटीवी में शिवम की मौत की घटना रिकॉर्ड हुई है. रिकार्डिंग में शिवम पुलिसवालों से घिरा हुआ दिख रहा है. पुलिसवाले उसे धक्का दे रहे हैं. पुलिस के धक्का लगते ही शिवम जमीन पर गिर जाता है. कुछ पुलिसकर्मी उसे उठाने का प्रयास कर रहे हैं, इसके बाद एक पुलिसकर्मी दौड़कर पुलिस की गाड़ी लेकर आता दिखाई दे रहा है. बताया जा रहा है कि शिवम को पुलिस अस्पताल लेकर गई जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया.
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