शुक्रवार, 7 जून 2019

जलसंकट पर जारी अलर्ट, पुलिस रखेगी निगरानी

मध्यप्रदेश में जलसंकट से कानून व्यवस्था न बिगड़े इसके लिए शासन ने अलर्ट जारी किया है. गृह विभाग की ओर से सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि जल स्रोतों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए. शहरी क्षेत्रों में पुलिस की निगरानी में टेंकरों से पानी का वितरण कराया जाए.
राज्य में भीषण गर्मी के चलते जलसंकट भी गहराता जा रहा है. जलसंकट के कारण कानून व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए सरकार ने अलर्ट जारी किया है. गृह विभाग ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि जल स्रोतों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए. जल स्रोतों के पास पहरे के लिए तैनात सुरक्षाकर्मी किए जाएं. राज्य में पानी की किल्लत को देखते हुए शासन ने यह फैसला लिया है.
उल्लेखनीय है कि राज्य के कई जिले इन दिनों जलसंकट से गुजर रहे हैं. प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर सहित प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों पानी की किल्लत को लेकर रहवासियों ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया है. इंदौर के अलावा दमोह में भी पानी की सप्लाई नहीं होने से महिलाओं ने हाइवे पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया. इसी तरह डिंडोरी में पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों पर चक्काजाम किया था. 
खंडवा जेल में पानी का संकट
प्रदेश के  खंडवा जिला जेल में पानी का भीषण संकट मचा हुआ है.जेल के भीतर कैदी पानी के लिए तरस रहे हैं, वहीं 2 कैदियों को डायरिया की बीमारी हो गई है. जेल के भीतर का आलम ये है कि तीन ट्यूब वेल सूख चुके है. संकट की इस घड़ी में प्रशासन नगर निगम से मदद की गुहार लगाया है. लिहाजा 600 कैदियों के लिए निगम टैंकर से पानी के इंतजाम में जुटा हुआ है.
मंत्री ने कहा हमारी कोशिश है कि पानी का लेकर न बिगड़े व्यवस्था
गृह विभाग के द्वारा जल संकट पर पुलिस को लिखे पत्र पर नगरीय निकाय मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा है कि गृह विभाग हमेशा ये कोशिश करता है कि कानून व्यवस्था न बिगड़े, पर हमारी कोशिश है कि पानी को लेकर व्यवस्था न बिगड़े. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की मंशा सबको पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की है. उन्होंने कहा कि पानी को लेकर हम वाटर आडिट कराने जा रहे हैं, और हर नागरिक को पानी का अधिकार मिले इसको लेकर साल के अंत तक वाटर राइट का अधिकार लागू करेंगे.

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