शुक्रवार, 21 जून 2019

पराजित योद्धा जैसा व्यवहार न करें मंत्री

मध्यप्रदेश में तमाशा बन गई कैबिनेट: शिवराज
मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार के मंत्रियों के टकराव के बाद भाजपा ने जहां सरकार पर कटाक्ष किया है. वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अब मोर्चा संभालकर मंत्रियों को सीख दे रहे हैं. पूर्व सांसद ने तो मंत्रियों को सलाह दी कि वे पराजित योद्धा जैसा व्यवहार न करें. वहीं  पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में कैबिनेट तमाशा बन गई है. 
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकार पर हमला बोला और कहा कि कमलनाथ सरकार में बेकसूर लोगों की पिटाई की जा रही है और लोगों से पैसा वसूली की जा रही है. इसके साथ ही कहा कि रेत का अवैध खनन हो रहा है. सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के सामने मंत्री लड़ रहे हैं, अफसर घबरा जाते हैं. अलग अलग गुटों के मंत्री अलग अलग बैठकें कर रहे हैं. वहीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि  मध्यप्रदेश में कबीलाई संस्कृति स्थापित हो गयी है. सरकार में ढ़ाई लोगों का कबीला बन गई है. कांग्रेस के छत्रप अपने-अपने कोटे से मंत्री बना कर अब सरकार में अपने वर्चस्व की लड़ाई लड़ रहे है.  भार्गव ने कहा कि मैं शुरू से ही यह कहता आया हूं कि यह सरकार लंगड़ी सरकार है. जनसमर्थन के बजाय यह सरकार गुटों के गठजोड़ से बनी सरकार है. जो ज्यादा दिन चलने वाली नहीं है. 
पराजित योद्धा जैसा व्यवहार न करें मंत्री
मंत्रियों के इस विवाद से पार्टी और सरकार की छवि बिगड़ती देख वरिष्ठ नेता भी सक्रिय हो गए हैं.  मंत्रियों के विवाद पर प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया पूरी तरह से नजर रखे हुए हैं. बावरिया मीडिया में तो कुछ नहीं कह रहे हैं, मगर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में वे लगातार बने हुए हैं. वहीं पूर्व सांसद प्रभातभानु शर्मा ने भी इस मामले में मंत्रियों को समझाइश दी है. उन्होंने मंत्रियों से कहा कि आप युद्ध में जीते योद्धा हैं, पराजित योद्धा जैसा व्यववहार ना करें. मुख्यमंत्री कमलनाथ के व्यक्तित्व और अनुकूल आचरण को देखते हुए यह न भूलें कि आप सरकार में हैं और हमें आमजन व कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भावनाओं का आदर करना होगा.
15 साल संघर्ष को आघात न पहुंचाएं
मंत्रियों के विवाद को लेकर  नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मंत्रियों को सलाह दी है कि वे यह न भूलें कि सरकार हमारी है. अपने आचरण से आमजन के विश्वास और कार्यकर्ताओं के संघर्ष को आघात न पहुंचाएं. पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 15 साल संघर्ष कर के पार्टी के झंडे को ऊंचा रखा. हमारी बातों, आचरण, व्यवहार से अगर पार्टी कमजोर होती है और हमारा जनाधार कम होता है तो हम सच्चे कांग्रेसजन नहीं हैं. इस तरह के विवाद से निश्चित तौर पर कार्यकर्ताओं और जिस जनता ने उन्हें जनादेश दिया है उसे कष्ट पहुंचा है.

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