मध्यप्रदेश अपराध अनुसंधान ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने भाजपा के तीन पूर्व सांसदों और एक नामित विधायक के खिलाफ आर्थिक गड़बड़ी मामले में जांच शुरु कर दी है. तीनों पूर्व सांसदों के खिलाफ लीड्य योजना में गड़बड़ी के आरोप लगे थे. इसके अलावा प्रदूषण बोर्ड में भी इन पर गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे. वहीं पूर्व नामित विधायक पर विधायक निधि के दुरुपयोग का आरोप लगा था.
ईओडब्ल्यू ने राज्य के भाजपा के तीन पूर्व सांसदों मनोहर ऊंटवाल, चिंतामणि मालवीय और नारायण केसरी के खिलाफ आर्थिक गड़बड़ी मामले में जांच शुरु कर दी है. तीनों पर लीड्स योजना में गड़बड़ी के आरोप लगे थे. तीनों ने शिक्षण संस्थानों में एमपी लीड्स योजना के तहत कम्प्यूटर शिक्षण परियोजना में सांसद निधि से कम्प्यूटर लगवाए और उसका प्रशिक्षण का काम कराया था. इसके लिए जो कम्प्यूटर खरीदे गए वे घटियास्तर के पाए गए थे. पूर्व सांसद मनोहर ऊंटवाल द्वारा शाजापुर कलेक्टर को 60 लाख के काम के लिए संबल की अनुशंसा की, जिसमें दस शिक्षण संस्थाओं में काम कराया गया था. इसके लिए पूर्व सांसद चिंतामणि मालवीय ने संबल के तहत 8 स्कूलों में कम्प्यूटर उपलब्ध कराए इस मामले में 48 लाख रुपए की राशि की अनुशंसा कलेक्टर उज्जैन द्वारा की गई. वहीं नारायण केसरी ने भी रतलाम कलेक्टर की अनुशंसा पर 4 स्कूलों में कम्प्यूटर उपलब्ध कराए थे. पूर्व सांसदों के अलावा पूर्व नामित विधायक लारेन बी लोबो पर भी विधायक निधि के दुरुपयोग का मामला था. उन्होंने सनराइज फुटबाल क्लब, स्आर क्रिकेट क्लब और सरगम संगीत सेंटर को जो पैसे दिए उसमें गड़बड़ी के आरोप लगे थे.
पूर्व सांसदों और पूर्व नामित विधयाक के अलावा प्रदूषण बोर्ड के सदस्य रहे हैं एन मिश्रा, विधि अधिकारी सुधीर श्रीवास्तव और पूर्व महाधिवक्ता पुरूषेंद्र कौरव के खिलाफ भी जांच की जा रही है. इन पर अवैध पारिश्रमिक लेने का भी आरोप है.बताया जाता है कि इन अधिकारियों पर 54 लाख से ज्यादा का अवैध पारिश्रमिक लिए जाने का आरोप लगा था. ईओडब्ल्यू द्वारा इन सभी मामलों को लेकर जांच की जा रही है. जांच में जो साक्ष्य सामने आएंगे उसके आधार पर ईओडब्ल्यू कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है.

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