एक स्कूल, एक आंगनबाड़ी को माडल के रुप में किया जाएगा विकसितमध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर के एक शासकीय स्कूल और एक आंगनबाड़ी को वातानुकूलित बनाया जाएगा. वातानुकूलित बनाने के साथ ही स्कूल और आंगनबाड़ी को माडल के रूप में विकसित किया जाएगा. इसके लिए कलेक्टर अनुराग चौधरी के साथ ही जिले के सभी जिला अधिकारी अपना एक-एक दिन का वेतन भी प्रदान करेंगे. उक्त राशि से स्कूल और कालेज में वातानुकूलित (एसी) लगाए जाएंगे.
यह फैसला ग्वालियर कलेक्टर अनुराग चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में लिया गया. बैठक में शहर के पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण पर भी विस्तार से चर्चा कर निर्णय लिए गए. चौधरी ने बैठक में कहा कि ग्वालियर शहर में प्रथम चरण में एक शासकीय स्कूल और एक आंगनबाड़ी केन्द्र को माडल के रूप में विकसित किया जाए. इन केन्द्रों पर अध्ययन करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए वातानुकूलित एसी लगाए जाएं. इसके साथ ही बच्चों को बेहतर शिक्षा का माहौल मिले, इसके लिए स्कूल और आंगनबाड़ी परिसर को माडल के रूप में विकसित किया जाए. उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए कलेक्टर सहित सभी जिला अधिकारी स्वेच्छा से अपना एक-एक दिन का वेतन दें, ताकि स्कूल और आंगनबाड़ी के बच्चों के लिए एसी लगाए जा सकें. बैठक में सभी अधिकारियों ने एक दिन का वेतन देने की सहमति भी प्रदान की.
बैठक में कलेक्टर ने हरियाली के लिए वृक्षारोपण पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अपने-अपने क्षेत्र में स्थानों का चयन कर उसमें तत्परता से वृक्षारोपण हेतु गड्डे कराने की कार्रवाई करें. इसके साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत में भी वृक्षारोपण के कार्यों को हाथ में लिया जाए. चौधरी ने यह भी निर्देशित किया कि वृक्षारोपण के लिए जिन स्थानों पर गड्डे कराए जाएं, वहाँ पर अनिवार्यत: नंबरिंग भी कराई जाए, ताकि वृक्षारोपण के उपरांत वृक्षों की देखभाल की जवाबदारी भी सौंपी जा सके. वृक्षारोपण के लिए जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को एक अथवा दो स्थानों का प्रभारी अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा.
एक स्कूल, एक आंगनबाड़ी को विकसित करें माडल के रुप में
कलेक्टर ने बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शहर के एक स्कूल एवं एक आंगनबाड़ी को माडल के रूप में विकसित करने का कार्य तत्परता से किया जाए. इन दोनों ही केन्द्रों पर अधिकारियों द्वारा सहयोग के रूप में उपलब्ध कराई जा रही राशि से एसी स्थापित किए जाएं. इसके साथ ही दोनों केन्द्रों में शिक्षा का बेहतर माहौल बने, इसके लिए भी आवश्यक सभी प्रयास किए जाएं. दोनों केन्द्रों को हरा-भरा बनाने की दिशा में भी विशेष पहल की जाए.
कुंए, बावड़ियों की सफाई कार्य को भी हाथ में लें
कलेक्टर अनुराग चौधरी ने बैठक में वृक्षारोपण के साथ-साथ ग्वालियर में स्थापित ऐतिहासिक कुंए और बावड़ियों की साफ-सफाई और संरक्षण के कार्य को भी हाथ में लेने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में स्थापित कुंए और बावड़ियों का चिन्हांकन करें. इनकी साफ-सफाई की जवाबदारी पृथक-पृथक विभागों को सौंपी जाएगी.
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