प्रदेश में एक तरफ अराजकता की स्थिति है. कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. दूसरी तरफ कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार पुलिस बेलगाम और बर्बर होती जा रही है. प्रदेश की पुलिस जिस तरह से निर्दोष लोगों पर अत्याचार कर रही है, उनकी हत्या तक करने से बाज नहीं आ रही है, उससे लगता है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ शांत मध्यप्रदेश को पश्चिम बंगाल बना देना चाहते हैं.
यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद राकेश सिंह ने रतलाम में एबीवीपी कार्यकर्ताओं की पुलिस द्वारा बर्बर पिटाई पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश की पुलिस के निशाने पर भाजपा और उसके समवैचारिक संगठनों के कार्यकर्ता हैं. उन्होंने कहा कि बीते एक माह में यह चौथी घटना है, जब पुलिस ने भाजपा या उसके जैसे संगठन के निर्दोष, निहत्थे कार्यकर्ताओं पर बर्बर बलप्रयोग किया है, लाठियां बरसाई हैं. उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ता जब भारत के मैच जीतने पर जुलूस निकालकर खुशी का इजहार करते हैं, तो यह बात पुलिस को रास नहीं आती. कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करते हैं, तो पुलिस बेरहमी से उनकी पिटाई करती है. उन्होंने प्रदेश सरकार और पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि यह मध्यप्रदेश है, पश्चिम बंगाल नहीं है. यहां अगर हमारे कार्यकर्ताओं को बल प्रयोग से दबाने या कुचलने की कोशिश की गई, तो भाजपा करारा जवाब देगी.
पुलिस बेकाबू या मुख्यमंत्री के इशारे पर कर रही काम
प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि प्रदेश की पुलिस आम जनता और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के प्रति जिस तरह का दमन चक्र चला रही है, उससे दो बातें उभरकर आती है. या तो प्रदेश की पुलिस बेकाबू हो गई है और सरकार के नियंत्रण में नहीं है, या फिर प्रदेश की पुलिस मुख्यमंत्री और कांग्रेस सरकार के इशारे पर यह काम कर रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस का बेकाबू होना शर्मनाक स्थिति है और अगर ऐसा है, तो कांग्रेस सरकार पद पर बने रहने का अधिकार खो चुकी है. अगर पुलिस सरकार की सहमति से और उसके इशारे पर यह सब कर रही है, तो यह निंदनीय और लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता अपनी जान देकर भी सरकार के इस प्रयास को सफल नहीं होने देंगे.

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