सोमवार, 10 जून 2019

दरिंदगी करने वालों के मामले फास्ट ट्रेक पर चलाएं, फांसी दें



मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजधानी भोपाल में मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी की घटना को लेकर कहा कि मैं सुप्रिम कोर्ट से मांग करता हूं कि दरिंदगी करने वालों के मामले फास्ट ट्रेक पर चलाए जाएं और उन्हें फांसी की सजा दी जाए.
पूर्व मुख्यमंत्री आज मृतक बच्ची के घर पहुंचे और उनके परिजनों से मिले. उन्होंने इस दौरान पुलिस की संवादहीनता पर सवाल खड़े किए. उन्होंने बच्ची के परिजनों को हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा कि मासूम के साथ बलात्कार कर हत्या करने की घटना से भोपाल शर्मशार हुआ है. यह घटना रुंह कंपा देने वाली है.  चौहान ने कहा कि पुलिस और प्रशासन का रवैया बेहद असंवेदनशील रहा है. हमारी मांग है कि दोषी को कठोरतम दंड और पीड़ित परिवार को न्याय मिले. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सुप्रीम कोर्ट से आग्रह करता हूं कि मासूम बेटियों के साथ दरिंदगी करने वाले मामलों की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर फांसी की सजा सुनिश्चित करें.
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए. भोपाल ही नहीं, ऐसी घटनाएं उज्जैन, छतरपुर, नौगांव में भी हुई हैं. सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी. इसे अब सहन नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि दरिंदे और हैवान इस तरह खुलकर रहेंगे, इसकी कल्पना नहीं की सकती. हम मासूम बच्ची क मां और पिता से मिले और उनके दुख की कल्पना नहीं की जा सकती है. चौहान ने कहा कि परिवार का दुख यह है कि बेटी के गुमने के बाद वे खुद उसे ढंूढ रहे थे, साथ ही पुलिस को भी खबर दे रहे थे कि बेटी को ढंूढा जाए. चौहान ने कहा कि इस मामले में पुलिस का रवैया घोर अमानवीय रहा है. पुलिस वाले परिजनों से बेटी को लेकर कहते रहे कि आज जाएगी. पुलिस वाले ठंडा पानी, चाय और गुटखा मांग रहे थे. यह असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा है. उन्होंने कहा कि यथा राजा ताथ पुलिस.  पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर समय रहते पुलिस सक्रिय होती और बेटी को खोजती तो यह घटना नहीं होती.
पुलिसकर्मियों पर चलना चाहिए आपराधिक मुकदमा
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बच्ची के परिजनों को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता नाकाफी है. मामले में लापरवाही बरतने वाले 7 पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के बजाए बर्खास्त कर अपराधिक मुकदमा चलाने की मांग भी उन्होंने की.

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