बुधवार, 12 जून 2019

ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं


मध्यप्रदेश  में वर्ष 2018 में घटित सड़क दुर्घटनाओं में 19 प्रतिशत सड़क दुर्घनाएं एन.एच. पर 19 प्रतिशत, 27  प्रतिशत राजमार्ग पर एवं 54 प्रतिशत अन्य सड़क मार्गो पर हुई .  इस प्रकार इन दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु की संख्या में 24 प्रतिशत एन.एच. पर 30 प्रतिशत एस.एच. पर तथा 46 प्रतिशत अन्य मार्गो पर घटित हुई है. आकड़ों के हिसाब से ग्रामीण क्षे़त्रों में मौतों की संख्या ज्यादा होने के कारण इसमें सुधार की आवश्यकता प्रतीत होती है.
पीटीआरआई के विशेष पुलिस महानिदेशक पुरुषोत्तम शर्मा द्वारा बताया कि यह एक संवेदनशील विषय है क्योंकि आकड़ों के हिसाब से सबसे ज्यादा दुर्घटानाएं ग्रामीण क्षेत्रों में होने के कारण यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर आम लोगों में यातयात नियमों जानकारी नहीं होना, लायसेंस न बनाया जाना एवं ग्रामीण क्षेत्रों मे जो वाहन चलते है उनमें  वाहन मालिक, ड्रायवर, परिचालक,  ओवर लोडिंग, कुछ हद तक  परिवहन विभाग तथा पुलिस विभाग द्वारा इन इलाको में कम सख्ती के कारण सीधे तौर पर जिम्मेदार है. 
शर्मा द्वारा बताया कि यह एक गंभीर विषय है आकड़ों के हिसाब से जो दुर्घटनायें घटित होती है उनमें मरने वाले अधिकतर 17 से 40 वर्ष की उम्र को होते है जो कि एक घर का अर्निग मेम्बर होता है, जिसकी मृत्यु से घर का संतुलन बिगड़ जाता है. इन सड़क दुर्घटनओं में कैसे कमी लाई जाएं, जिससे सुप्रीम कोर्ट कमेटी द्वारा जारी निर्देश जिसमें वर्ष 2020 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत कमी लाए जाने के संबंध में पीटीआरआई के विशेष पुलिस महानिदेशक द्वारा समस्त पुलिस उप महानिरीक्षक शहर भोपाल,इंदौर सहित समस्त पुलिस अधीक्षक,मध्यप्रदेश को ग्रामीण थानों में यातायात व्यवस्था को सुचारु रुप से चलाए जाने के लिए नियमों का पालन सख्ती से कराया जाए.

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